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आयुष्मान कार्ड जारी करने की खराब प्रगति पर फंस गए सीएमओ
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बदायूं। प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना की खराब प्रगति पर सीएमओ फंस गए हैं। शासन स्तर से कार्रवाई के निर्देश जारी होने के बाद मंगलवार को दिन में सीएमओ ऑफिस में ऊहापोह की स्थिति रही। अधिकारी, बाबू और कर्मचारी डाटा जुटाते नजर आए।
आयुष्मान भारत योजना के तहत लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड जारी करने के मामले में बदायूं की स्थिति प्रदेश के 20 जिलों में काफी बदतर है। जिले में अब तक सिर्फ करीब 40 हजार कार्ड ही बन सके हैं। ऐसे में लाभार्थियों को मुफ्त इलाज का लाभ नहीं मिल रहा। योजना शुरू हुए एक वर्ष से ज्यादा होने के बावजूद अब तक जिले में सिर्फ 364 लोगों को ही योजना का लाभ मिला है। हालांकि, 24 सितंबर को सीएमओ डॉ. मंजीत सिंह की कार्ड जारी होने में देरी को लेकर जनसेवा केंद्र के जिला समन्वयक शोभित माहेश्वरी से भरी बैठक में तकरार तक हो चुकी है। यह मामला काफी सुर्खियों में रहा था। इसके बावजूद सीएमओ डॉ. मंजीत सिंह खुद को कार्रवाई से बचा नहीं सके। सीएमओ को कहना है कि वह खराब प्रगति के लिए अकेले जिम्मेदार नहीं हैं। संबंधित उच्च अधिकारियों के समक्ष अपना पक्ष रखेंगे।
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आयुष्मान भारत योजना के तहत लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड जारी करने के मामले में बदायूं की स्थिति प्रदेश के 20 जिलों में काफी बदतर है। जिले में अब तक सिर्फ करीब 40 हजार कार्ड ही बन सके हैं। ऐसे में लाभार्थियों को मुफ्त इलाज का लाभ नहीं मिल रहा। योजना शुरू हुए एक वर्ष से ज्यादा होने के बावजूद अब तक जिले में सिर्फ 364 लोगों को ही योजना का लाभ मिला है। हालांकि, 24 सितंबर को सीएमओ डॉ. मंजीत सिंह की कार्ड जारी होने में देरी को लेकर जनसेवा केंद्र के जिला समन्वयक शोभित माहेश्वरी से भरी बैठक में तकरार तक हो चुकी है। यह मामला काफी सुर्खियों में रहा था। इसके बावजूद सीएमओ डॉ. मंजीत सिंह खुद को कार्रवाई से बचा नहीं सके। सीएमओ को कहना है कि वह खराब प्रगति के लिए अकेले जिम्मेदार नहीं हैं। संबंधित उच्च अधिकारियों के समक्ष अपना पक्ष रखेंगे।
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