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हड़ताल करने वाले 12 लेखपाल निलंबित, 366 का रोका वेतन
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बदायूं। उप्र लेखपाल संघ के बैनर तले हड़ताल पर बैठे लेखपालों पर एस्मा लगाते हुए उनकी हड़ताल अवैध घोषित कर दी गई थी। चेतावनी देने के बाद भी लेखपाल पीछे नहीं हटे, तो शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने हड़ताल करने वाले लेखपालों पर कार्रवाई कर दी। इसमें लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष, पांच तहसील अध्यक्ष और छह मंत्री लेखपालों को निलंबित कर दिया है। साथ ही इन लेखपालों की सेवाएं समाप्त करने की विभागीय स्तर पर कार्रवाई चल रही है। वहीं धरने पर बैठे 366 लेखपालों के वेतन पर भी रोक लगा दी गई है।
बता दें कि तहसील सदर में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के सदर तहसील अध्यक्ष विवेक कुमार सक्सेना, मंत्री रिजवान अली सहित 99 लेखपाल, तहसील दातागंज में अध्यक्ष सर्वेश कुमार सिंह, मंत्री सौरभ सक्सेना सहित 57 लेखपाल, तहसील बिल्सी में अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह, मंत्री छत्रपाल सहित 63 लेखपाल, तहसील बिसौली में अध्यक्ष तेजपाल सिंह, मंत्री विनोद कुमार शर्मा सहित 95 लेखपाल, तहसील सहसवान में अध्यक्ष ज्ञानेंद्र कुमार, मंत्री सुशील बाबू सहित 52 लेखपाल, जिले में लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष भोजराज सिंह व जिला मंत्री कमल कुमार सिंह के वेतन काटने के आदेश दिए हैं। साथ ही जिला प्रशासन ने लेखपाल संघ के अध्यक्षों और मंत्रियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही उनकी सेवाएं समाप्त करने की भी कार्रवाई की जाएगी।
शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं में सहयोग करने के बजाय धरने पर बैठे लेखपालों का वेतन काटा गया है। सभी तहसील स्तरीय अध्यक्षों व मंत्रियों को भी निलंबित कर दिया गया है।
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-कुमार प्रशांत, डीएम
कार्रवाई के बाद भी धरने पर बैठे रहे लेखपाल
बदायूं। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रांतीय आह्वान पर मंगलवार को लेखपालों ने विभिन्न मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। संगठन के बैनर तले मंगलवार को लेखपाल मालवीय आवास पर एकत्र हुए।
जिलाध्यक्ष भोजराज सिंह ने कहा कि विगत दिनों संगठन की प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक प्रांतीय अध्यक्ष राममूरत यादव की अध्यक्षता में हुई थी, जिसमें लेखपालों की विभिन्न मांग पूरी न होने तक प्रदर्शन जारी रखने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि लेखपालों के कार्य में वृद्धि एवं विशिष्ट तकनीकी महत्व के दृष्टिगत प्रारंभिक ग्रेड पे 2000 से बढ़ाकर 2800 किया जाए। पुरानी पेंशन से वंचित लेखपालों के प्रशिक्षण काल को वेतन रहित सेवाकाल मनाने संबंधी विसंगति को दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि जब तक लेखपालों की मांगों की पूर्ति नहीं होगी धरना जारी रहेगा। इस दौरान विवेक कुमार सक्सेना, सर्वेश यादव, सौरभ सक्सेना, रिजवान अली, तेजपाल सिंह, विनोद कुमार, सर्वेश, सौरभ सक्सेना आदि मौजूद रहे।
निलंबन से लेखपालों से आक्रोश
बिसौली। एसडीएम सीपी सरोज द्वारा आंदोलनरत लेखपाल संघ के अध्यक्ष तेजपाल सिंह व महामंत्री विनोद शर्मा को निलंबित करने की कार्रवाई से लेखपालों में आक्रोश फैल गया है। एसडीएम ने बताया कि उच्चाधिकारियों की अपील को लेखपाल लगातार अनसुना कर रहे हैं। दोनों पदाधिकारियों के खिलाफ एस्मा लागू होने, कर्मचारियों को हड़ताल के लिए उकसाने, सरकारी कार्य में बाधा डालने पर निलंबन की कार्रवाई की गयी है। तेजपाल सिंह और विनोद शर्मा ने इस कार्यवाई को उत्पीड़नात्मक बताया है। महामंत्री विनोद शर्मा ने कहा कि न्याय मांगना यदि बगावत है, तो हम बागी होने में फख्र समझते हैं। संघ का आंदोलन जारी रहेगा।
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बता दें कि तहसील सदर में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के सदर तहसील अध्यक्ष विवेक कुमार सक्सेना, मंत्री रिजवान अली सहित 99 लेखपाल, तहसील दातागंज में अध्यक्ष सर्वेश कुमार सिंह, मंत्री सौरभ सक्सेना सहित 57 लेखपाल, तहसील बिल्सी में अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह, मंत्री छत्रपाल सहित 63 लेखपाल, तहसील बिसौली में अध्यक्ष तेजपाल सिंह, मंत्री विनोद कुमार शर्मा सहित 95 लेखपाल, तहसील सहसवान में अध्यक्ष ज्ञानेंद्र कुमार, मंत्री सुशील बाबू सहित 52 लेखपाल, जिले में लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष भोजराज सिंह व जिला मंत्री कमल कुमार सिंह के वेतन काटने के आदेश दिए हैं। साथ ही जिला प्रशासन ने लेखपाल संघ के अध्यक्षों और मंत्रियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही उनकी सेवाएं समाप्त करने की भी कार्रवाई की जाएगी।
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शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं में सहयोग करने के बजाय धरने पर बैठे लेखपालों का वेतन काटा गया है। सभी तहसील स्तरीय अध्यक्षों व मंत्रियों को भी निलंबित कर दिया गया है।
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-कुमार प्रशांत, डीएम
कार्रवाई के बाद भी धरने पर बैठे रहे लेखपाल
बदायूं। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रांतीय आह्वान पर मंगलवार को लेखपालों ने विभिन्न मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। संगठन के बैनर तले मंगलवार को लेखपाल मालवीय आवास पर एकत्र हुए।
जिलाध्यक्ष भोजराज सिंह ने कहा कि विगत दिनों संगठन की प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक प्रांतीय अध्यक्ष राममूरत यादव की अध्यक्षता में हुई थी, जिसमें लेखपालों की विभिन्न मांग पूरी न होने तक प्रदर्शन जारी रखने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि लेखपालों के कार्य में वृद्धि एवं विशिष्ट तकनीकी महत्व के दृष्टिगत प्रारंभिक ग्रेड पे 2000 से बढ़ाकर 2800 किया जाए। पुरानी पेंशन से वंचित लेखपालों के प्रशिक्षण काल को वेतन रहित सेवाकाल मनाने संबंधी विसंगति को दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि जब तक लेखपालों की मांगों की पूर्ति नहीं होगी धरना जारी रहेगा। इस दौरान विवेक कुमार सक्सेना, सर्वेश यादव, सौरभ सक्सेना, रिजवान अली, तेजपाल सिंह, विनोद कुमार, सर्वेश, सौरभ सक्सेना आदि मौजूद रहे।
निलंबन से लेखपालों से आक्रोश
बिसौली। एसडीएम सीपी सरोज द्वारा आंदोलनरत लेखपाल संघ के अध्यक्ष तेजपाल सिंह व महामंत्री विनोद शर्मा को निलंबित करने की कार्रवाई से लेखपालों में आक्रोश फैल गया है। एसडीएम ने बताया कि उच्चाधिकारियों की अपील को लेखपाल लगातार अनसुना कर रहे हैं। दोनों पदाधिकारियों के खिलाफ एस्मा लागू होने, कर्मचारियों को हड़ताल के लिए उकसाने, सरकारी कार्य में बाधा डालने पर निलंबन की कार्रवाई की गयी है। तेजपाल सिंह और विनोद शर्मा ने इस कार्यवाई को उत्पीड़नात्मक बताया है। महामंत्री विनोद शर्मा ने कहा कि न्याय मांगना यदि बगावत है, तो हम बागी होने में फख्र समझते हैं। संघ का आंदोलन जारी रहेगा।