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खंगालने लगे सूची, गांव मे किधर से होकर निकलेगा एक्सप्रेस वे
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बदायूं। गंगा एक्सप्रेस वे को लेकर डीएम ने जिले के 195 गांव की जमीन के खरीद फरोख्त पर रोक लगा दी है। इसके बावजूद ग्रामीणों के अलावा माफिया ने तहसीलों के चक्कर लगाने शुरू कर दिए हैं। उनके द्वारा लगातार उन गांवों की भौगोलिक स्थिति जानने का प्रयास किया जा रहा है, जहां से ये एक्सप्रेस वे गुजरेगा।
डीएम कुमार प्रशांत द्वारा मेरठ से प्रयागराज से तक बनाए जाने वाला गंगा एक्सप्रेस वे को लेकर जिले के 195 गांवों की भूमि की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। गंगा एक्सप्रेस वे को लेकर माफिया सक्रिय होने लगे थे, जो कि आगामी समय में भूमि अधिग्रहण के दौरान अधिक मुआवजा लेने के चक्कर में भूमि खरीद की फिराक में थे। डीएम ने बिसौली तहसील के 94, सदर तहसील के 39, दातागंज तहसील के 62 गांवों की भूमि ब्रिक्री पर रोक लगाई है। भूमि की बिक्री पर रोक लगते ही हर कोई जानने की कोशिश कर रहा है कि एक्सप्रेस वे किधर से निकलेगा और कौन-कौन से गांव की किस तरफ की जमीन इसमें शामिल होगी। ऐसे में माफिया गांवों की सूची खंगालने में जुट गए। ग्रामीणों के साथ में माफिया भी तहसील में सूची पाने के लिए चक्कर काटते नजर आ रहे हैं। फिलहाल डीएम के फरमान के बाद न तो किसान अपनी भूमि को बेच पाएंगे, न ही माफिया खरीद पाएंगे।
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डीएम कुमार प्रशांत द्वारा मेरठ से प्रयागराज से तक बनाए जाने वाला गंगा एक्सप्रेस वे को लेकर जिले के 195 गांवों की भूमि की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। गंगा एक्सप्रेस वे को लेकर माफिया सक्रिय होने लगे थे, जो कि आगामी समय में भूमि अधिग्रहण के दौरान अधिक मुआवजा लेने के चक्कर में भूमि खरीद की फिराक में थे। डीएम ने बिसौली तहसील के 94, सदर तहसील के 39, दातागंज तहसील के 62 गांवों की भूमि ब्रिक्री पर रोक लगाई है। भूमि की बिक्री पर रोक लगते ही हर कोई जानने की कोशिश कर रहा है कि एक्सप्रेस वे किधर से निकलेगा और कौन-कौन से गांव की किस तरफ की जमीन इसमें शामिल होगी। ऐसे में माफिया गांवों की सूची खंगालने में जुट गए। ग्रामीणों के साथ में माफिया भी तहसील में सूची पाने के लिए चक्कर काटते नजर आ रहे हैं। फिलहाल डीएम के फरमान के बाद न तो किसान अपनी भूमि को बेच पाएंगे, न ही माफिया खरीद पाएंगे।
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