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अब अस्पतालों में नहीं होगी लोकल पर्चेज
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बदायूं। शासन ने सरकारी अधिकारी व कर्मचारियों को अस्पताल से मिलने वाली एलपी (लोकल पर्चेज) की सुविधा खत्म कर दी है। विशेष सचिव नर्वेद सिंह ने सभी जिलों के सीएमओ व सीएमएस को इस संबंध में पत्र भेजा है। माना जा रहा है कि एलपी के कारण सरकार को दोहरा घाटा हो रहा था, जिसे रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।
शासन स्तर से दवाएं आने के अलावा स्थानीय स्तर पर दवा खरीदने की जिम्मेदारी सीएमओ व सीएमएस की थी। वहीं, दवाओं की सप्लाई के लिए पिछले साल यूपीएमएससी (उत्तर प्रदेश मेडिसिन सप्लाई कमीशन) का गठन किया। हालांकि 80 प्रतिशत दवाएं इसके जरिये पहुंच रही थीं, जबकि 20 प्रतिशत वे दवाएं जो मरीज के लिए बेहद जरूरी हों, उन्हें लोकल पर्चेज किया जा सकता था। अब इस नियम में बदलाव किया है। ऐसे में जिन अधिकारी-कर्मचारियों को चिकित्सा प्रतिपूर्ति का भत्ता सरकार की ओर से मिलता है, उनको अब इस सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा। माना जा रहा है कि कई बार अधिकारी दोनों सुविधाओं का लाभ उठा लेते थे, जिससे सरकार को दोगुना घाटा हो रहा था। इस सबंध में प्रभारी सीएमओ डॉ. मंजीत सिंह से जानकारी करने को उन्हें फोन किया गया तो उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।
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शासन स्तर से दवाएं आने के अलावा स्थानीय स्तर पर दवा खरीदने की जिम्मेदारी सीएमओ व सीएमएस की थी। वहीं, दवाओं की सप्लाई के लिए पिछले साल यूपीएमएससी (उत्तर प्रदेश मेडिसिन सप्लाई कमीशन) का गठन किया। हालांकि 80 प्रतिशत दवाएं इसके जरिये पहुंच रही थीं, जबकि 20 प्रतिशत वे दवाएं जो मरीज के लिए बेहद जरूरी हों, उन्हें लोकल पर्चेज किया जा सकता था। अब इस नियम में बदलाव किया है। ऐसे में जिन अधिकारी-कर्मचारियों को चिकित्सा प्रतिपूर्ति का भत्ता सरकार की ओर से मिलता है, उनको अब इस सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा। माना जा रहा है कि कई बार अधिकारी दोनों सुविधाओं का लाभ उठा लेते थे, जिससे सरकार को दोगुना घाटा हो रहा था। इस सबंध में प्रभारी सीएमओ डॉ. मंजीत सिंह से जानकारी करने को उन्हें फोन किया गया तो उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।
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