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रामगंगा के जलस्तर में शुरू हुई बढ़ोतरी
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बदायूं/ उसहैत। हरिद्वार, बिजनौर से दो दिनों से अपेक्षाकृत कम पानी छोड़ने सेे गंगा नदी के जलस्तर में शुक्रवार को कोई बढ़ोतरी दर्ज नहीं की गई। हालांकि नरौरा से एक लाख 68 हजार 509 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इस वजह से गंगा में पानी का जलस्तर घटा नहीं है। इससे गंगा नदी गांवों के पास लगातार कटान कर रही है। वहीं पिछले दो दिनों से लगातार रामगंगा में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इसको लेकर प्रशासन दातागंज क्षेत्र में भी निगाहें बनाया हुआ है।
शुक्रवार को हरिद्वार से 79 हजार 488 और बिजनौर से 48 हजार 972 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जो अन्य दिनों की अपेक्षा कम हैं। हालांकि नरौरा से एक लाख 68 हजार 509 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इस वजह से कछला का गेज 163.80 दर्ज किया गया। इस वजह से गंगा के किनारे बसे गांवों में अभी बाढ़ का खतरा बना हुआ है। हालांकि कई गांवों के संपर्क मार्ग ही जलमग्न हो सकें। लोगों को परेशानी न हो इसके लिए प्रशासन ने वहां पर नाव भी डाल दिया है। वहीं अहमद नगर बछौरा गांव के हालात खराब वहां पर गंगा लगातार कटाव कर रही है। हालांकि अभी तक गांव का एक भी घर गंगा में नहीं समाया है।
क्या बोले ग्रामीण
गंगा का पानी गांव की ओर आ गया है, जिसकी वजह से गांव के पास में कटान शुरू कर दिया है। जिस हिसाब से गंगा कटान कर रही है। उस हिसाब से जल्द ही वह घरों के पास पहुंच जाएगी।
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-मुकेश
प्रशासन की ओर से पिछली बार 132 परिवार को दूसरे जगह बसाया गया था, लेकिन मकान बनाने के नाम महज 28 परिवारों को 95-95 हजार रुपये दिए गए, जबकि अन्य परिवारों को वह तक नहीं मिला।
-राकेश
जहां पर हम लोगों को प्रशासन द्वारा बसाए जाने की बात कहीं जा रही है, वहां पर हम को केवल जमीन दी जा रही है। वहां पर न तो बिजली, पानी, सड़क तक की व्यवस्था तक नहीं है। ऐसे में वहां पर क्या करेंगे।
-ब्रजभान
अगर सरकार हमारा ध्यान रखना चाहती है। तो किसी भी सरकारी योजना के तहत हमें मकान बनाकर दें। हमें रहने में कोई एतराज नहीं है। लेकिन ऐसे में गांव छोड़ दें। वहां पर भी रहने को कोई ठिकाना नहीं है।
-धीर सिंह
जटा पर बांध का कटना हुआ शुरू, मौके पर पहुंचा प्रशासन
दातागंज। तहसील क्षेत्र के गांव जटा पर में शुक्रवार देर शाम गंगा ने बांध में कटान शुरू का दिया है। इसकी जानकारी मिलते हुए प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। साथ ही जेसीबी मांगाकर कटान को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। ताकि गंगा का पानी गांव की ओर न बढ़ सके।
शुक्रवार शाम को उसहैत क्षेत्र के गांव जटा पर गंगा ने कटान करना शुरू कर दिया। इसकी जानकारी स्थानीय अधिकारियों ने उच्चधिकारियों को दी, अनान फानन में एडीएम, दातागंज एसडीएम समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने कटान की स्थिति को देखते हुए दो जेसीबी बुलाकर तुरंत ही कटान वाले जगह पर मिट्टी डलवाने का काम शुरू कर दिया। बांध में हो रहे कटान को रोका जा सकेें। क्योंकि अब अगर बांध कट गया, तो बाढ़ का पानी गंगा गांव में आ जाएगा। इसे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
गांव के संपर्क मार्ग अभी भी चल रहे हैं कटे
सहसवान। गंगा के जलस्तर में पिछले करीब एक हफ्ते से उतार चढ़ाव का सिलसिला बना हुआ है। शुक्रवार को नरौरा से गंगा में छोडे जाने वाले पानी में कमी आई। इससे क्षेत्र में बाढ़ में आंशिक कमी आई, लेकिन कछला में मीटर गेज 163.80 मीटर पर बना हुुआ है। इधर जलभराव के चलते ग्रामीणों की समस्याएं यथावत बनी हुई हैं। तहसील प्रशासन और बाढ खंड लगातार बाढ़ चौकियों के माध्यम से निगरानी कर रहा है।
नरौरा बैराज से गंगा में एक लाख 68 हजार 509 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं शुक्रवार को कछला का गेेज 163.80 दर्ज किया गया। जलस्तर का उतार चढ़ाव ग्रामीणों की मुसीबत बना हुआ है। अभी भी सभी स्थानों पर बाढ़ का पानी गंगा महावा बांध से सटकर बह रहा है। बाढ़ के पानी से घिरे गांवों में हालात यथावत बने हुए है। कुछेक ग्रामीणों को छोडकर अधिकांश परिवार गांव में ही हैं। ऊंचे मकानों को छोड़कर गांव के निचले हिस्सों में पानी भरा हुआ है। तहसीलदार धीरेंद्र कुमार, राजस्व निरीक्षक वीरेंद्र पाल, हल्का लेखपाल सत्य पाल सिंह आदि की टीम प्रभावित गांव वीरसहाय नगला, खागी नगला, परशुराम नगला, भमरौलिया में लगातार भ्रमण कर निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन अभी भी ग्रामीणों से सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील कर रहा है। लेकिन वह अभी भी गांव में रह रहे हैं। वहीं ग्रामीणों को पशुओं के चारे की समस्या बनी हुई है। इधर, पानी बढ़ने से जेई रामोतार, सतेंद्र पुरी गोस्वामी, कृष्ण कुमार आदि के नेतृत्व में बाढ़ खंड की टीम भी बांध और तटबंधों की निगहबानी करने में जुटा हुआ।
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शुक्रवार को हरिद्वार से 79 हजार 488 और बिजनौर से 48 हजार 972 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जो अन्य दिनों की अपेक्षा कम हैं। हालांकि नरौरा से एक लाख 68 हजार 509 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इस वजह से कछला का गेज 163.80 दर्ज किया गया। इस वजह से गंगा के किनारे बसे गांवों में अभी बाढ़ का खतरा बना हुआ है। हालांकि कई गांवों के संपर्क मार्ग ही जलमग्न हो सकें। लोगों को परेशानी न हो इसके लिए प्रशासन ने वहां पर नाव भी डाल दिया है। वहीं अहमद नगर बछौरा गांव के हालात खराब वहां पर गंगा लगातार कटाव कर रही है। हालांकि अभी तक गांव का एक भी घर गंगा में नहीं समाया है।
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क्या बोले ग्रामीण
गंगा का पानी गांव की ओर आ गया है, जिसकी वजह से गांव के पास में कटान शुरू कर दिया है। जिस हिसाब से गंगा कटान कर रही है। उस हिसाब से जल्द ही वह घरों के पास पहुंच जाएगी।
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-मुकेश
प्रशासन की ओर से पिछली बार 132 परिवार को दूसरे जगह बसाया गया था, लेकिन मकान बनाने के नाम महज 28 परिवारों को 95-95 हजार रुपये दिए गए, जबकि अन्य परिवारों को वह तक नहीं मिला।
-राकेश
जहां पर हम लोगों को प्रशासन द्वारा बसाए जाने की बात कहीं जा रही है, वहां पर हम को केवल जमीन दी जा रही है। वहां पर न तो बिजली, पानी, सड़क तक की व्यवस्था तक नहीं है। ऐसे में वहां पर क्या करेंगे।
-ब्रजभान
अगर सरकार हमारा ध्यान रखना चाहती है। तो किसी भी सरकारी योजना के तहत हमें मकान बनाकर दें। हमें रहने में कोई एतराज नहीं है। लेकिन ऐसे में गांव छोड़ दें। वहां पर भी रहने को कोई ठिकाना नहीं है।
-धीर सिंह
जटा पर बांध का कटना हुआ शुरू, मौके पर पहुंचा प्रशासन
दातागंज। तहसील क्षेत्र के गांव जटा पर में शुक्रवार देर शाम गंगा ने बांध में कटान शुरू का दिया है। इसकी जानकारी मिलते हुए प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। साथ ही जेसीबी मांगाकर कटान को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। ताकि गंगा का पानी गांव की ओर न बढ़ सके।
शुक्रवार शाम को उसहैत क्षेत्र के गांव जटा पर गंगा ने कटान करना शुरू कर दिया। इसकी जानकारी स्थानीय अधिकारियों ने उच्चधिकारियों को दी, अनान फानन में एडीएम, दातागंज एसडीएम समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने कटान की स्थिति को देखते हुए दो जेसीबी बुलाकर तुरंत ही कटान वाले जगह पर मिट्टी डलवाने का काम शुरू कर दिया। बांध में हो रहे कटान को रोका जा सकेें। क्योंकि अब अगर बांध कट गया, तो बाढ़ का पानी गंगा गांव में आ जाएगा। इसे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
गांव के संपर्क मार्ग अभी भी चल रहे हैं कटे
सहसवान। गंगा के जलस्तर में पिछले करीब एक हफ्ते से उतार चढ़ाव का सिलसिला बना हुआ है। शुक्रवार को नरौरा से गंगा में छोडे जाने वाले पानी में कमी आई। इससे क्षेत्र में बाढ़ में आंशिक कमी आई, लेकिन कछला में मीटर गेज 163.80 मीटर पर बना हुुआ है। इधर जलभराव के चलते ग्रामीणों की समस्याएं यथावत बनी हुई हैं। तहसील प्रशासन और बाढ खंड लगातार बाढ़ चौकियों के माध्यम से निगरानी कर रहा है।
नरौरा बैराज से गंगा में एक लाख 68 हजार 509 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं शुक्रवार को कछला का गेेज 163.80 दर्ज किया गया। जलस्तर का उतार चढ़ाव ग्रामीणों की मुसीबत बना हुआ है। अभी भी सभी स्थानों पर बाढ़ का पानी गंगा महावा बांध से सटकर बह रहा है। बाढ़ के पानी से घिरे गांवों में हालात यथावत बने हुए है। कुछेक ग्रामीणों को छोडकर अधिकांश परिवार गांव में ही हैं। ऊंचे मकानों को छोड़कर गांव के निचले हिस्सों में पानी भरा हुआ है। तहसीलदार धीरेंद्र कुमार, राजस्व निरीक्षक वीरेंद्र पाल, हल्का लेखपाल सत्य पाल सिंह आदि की टीम प्रभावित गांव वीरसहाय नगला, खागी नगला, परशुराम नगला, भमरौलिया में लगातार भ्रमण कर निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन अभी भी ग्रामीणों से सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील कर रहा है। लेकिन वह अभी भी गांव में रह रहे हैं। वहीं ग्रामीणों को पशुओं के चारे की समस्या बनी हुई है। इधर, पानी बढ़ने से जेई रामोतार, सतेंद्र पुरी गोस्वामी, कृष्ण कुमार आदि के नेतृत्व में बाढ़ खंड की टीम भी बांध और तटबंधों की निगहबानी करने में जुटा हुआ।