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ये लो...जिस एनपीआरसी पर लगा आरोप, वही पहुंचा जांच करने !
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बदायूं। जिले में शिक्षा विभाग के अधिकारी यूं ही बदनाम नहीं है। जिस एनपीआरपी पर प्रधानाध्यापक ने दबाव डालने का आरोप लगाते हुए बच्चों के नाम काटने की बात कही थी, उसी एनपीआरसी को बीईओ जगत ने विद्यालय में जांच करने के लिए भेज दिया। लिहाजा बुधवार दोपहर बाद जब प्रधानाध्यापक बीएसए कार्यालय पहुंची तो उन्होंने बीईओ को लिखित में दिया कि उन्होंने एनपीआरसी के दबाव के चलते नहीं, बल्कि स्वयं ही सभी बच्चों के नाम काटे थे, क्योंकि ये दूसरे स्कूल में पढ़ाई कर रहे हैं। ऐसे में अब एनपीआरसी से ज्यादा बीईओ की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है।
शनिवार को उच्च प्राथमिक विद्यालय मचलई में प्रधानाध्यापक ने एक साथ एक ही कक्षा के 35 बच्चों के नाम काट दिए थे, साथ ही उन्होंने एनपीआरसी पर आरोप लगाया था उनके कहने पर ऐसा किया जा रहा है। खबर की जानकारी होने पर बीएसए रामपाल सिंह राजपूत ने जगत ब्लॉक के बीईओ जगदीश कुमार को स्वयं विद्यालय जाकर जांच करने के आदेश दिए, लेकिन बीईओ ने बीएसए के आदेश को दरकिनार करते हुए स्वयं विद्यालय न जाकर आरोपी एनपीआरसी अरुण पांडेय को ही जांच करने विद्यालय भेज दिया। इसका नतीजा ये हुआ कि मंगलवार को मचलई की प्रधानाध्यापक दोपहर बाद में बीईओ से मिलीं और लिखित में दे दिया कि उन्होंने एनपीआरसी के कहने से नहीं बल्कि खुद की मर्जी से ही बच्चों के नाम काटे थे। अब सवाल उठ रहा है कि जांच के लिए जब एनपीआरसी विद्यालय पहुंचे, तो उसके बाद में ऐसा क्या हुआ जो प्रधानाध्यापक बैकफुट पर आ गईं।
...बीईओ या एनपीआरसी में कौन बोल रहा झूठ
-उच्च प्राथमिक विद्यालय मचलई की जांच में एक अजीब सा खेल और सामने आया है। बीईओ जगत जगदीश कुुमार का कहना है कि उन्होंने एनपीआरसी को जांच के लिए विद्यालय भेजा था। वहीं एनपीआरसी कहते हैं वह ऐसी किसी भी जांच के लिए विद्यालय नहीं गए। अब सवाल उठता हैं कि आखिरकार इनमें से कौन झूठ बोल रहा है और क्यों।
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- एनपीआरसी अरुण पांडेय और वरिष्ठ एनपीआरसी सीमा यादव को जांच के लिए भेजा था। उसकी पूरी रिपोर्ट आने के बाद में इस मामले में कुछ कहा जा सकेगा।
-जगदीश कुमार, बीईओ जगत
बीईओ ने मुझे किसी भी विद्यालय में जांच करने के लिए नहीं भेजा है और न ही मैंने किसी प्रकार की जांच की है। केवल एमडीएम की जांच की थी।
-अरुण पांडेय, एनपीआरसी
मैंने बीईओ जगत को स्वयं जांच करने के निर्देश दिए हैं, ताकि सच्चाई का पता चल सके, लेकिन उन्होंने स्वयं न जाकर एनपीआरसी को भेजा है, ये मामला मेरी जानकारी नहीं है। इसकी जांच कराएंगे।
-रामपाल सिंह राजपूत, बीएसए
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शनिवार को उच्च प्राथमिक विद्यालय मचलई में प्रधानाध्यापक ने एक साथ एक ही कक्षा के 35 बच्चों के नाम काट दिए थे, साथ ही उन्होंने एनपीआरसी पर आरोप लगाया था उनके कहने पर ऐसा किया जा रहा है। खबर की जानकारी होने पर बीएसए रामपाल सिंह राजपूत ने जगत ब्लॉक के बीईओ जगदीश कुमार को स्वयं विद्यालय जाकर जांच करने के आदेश दिए, लेकिन बीईओ ने बीएसए के आदेश को दरकिनार करते हुए स्वयं विद्यालय न जाकर आरोपी एनपीआरसी अरुण पांडेय को ही जांच करने विद्यालय भेज दिया। इसका नतीजा ये हुआ कि मंगलवार को मचलई की प्रधानाध्यापक दोपहर बाद में बीईओ से मिलीं और लिखित में दे दिया कि उन्होंने एनपीआरसी के कहने से नहीं बल्कि खुद की मर्जी से ही बच्चों के नाम काटे थे। अब सवाल उठ रहा है कि जांच के लिए जब एनपीआरसी विद्यालय पहुंचे, तो उसके बाद में ऐसा क्या हुआ जो प्रधानाध्यापक बैकफुट पर आ गईं।
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...बीईओ या एनपीआरसी में कौन बोल रहा झूठ
-उच्च प्राथमिक विद्यालय मचलई की जांच में एक अजीब सा खेल और सामने आया है। बीईओ जगत जगदीश कुुमार का कहना है कि उन्होंने एनपीआरसी को जांच के लिए विद्यालय भेजा था। वहीं एनपीआरसी कहते हैं वह ऐसी किसी भी जांच के लिए विद्यालय नहीं गए। अब सवाल उठता हैं कि आखिरकार इनमें से कौन झूठ बोल रहा है और क्यों।
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- एनपीआरसी अरुण पांडेय और वरिष्ठ एनपीआरसी सीमा यादव को जांच के लिए भेजा था। उसकी पूरी रिपोर्ट आने के बाद में इस मामले में कुछ कहा जा सकेगा।
-जगदीश कुमार, बीईओ जगत
बीईओ ने मुझे किसी भी विद्यालय में जांच करने के लिए नहीं भेजा है और न ही मैंने किसी प्रकार की जांच की है। केवल एमडीएम की जांच की थी।
-अरुण पांडेय, एनपीआरसी
मैंने बीईओ जगत को स्वयं जांच करने के निर्देश दिए हैं, ताकि सच्चाई का पता चल सके, लेकिन उन्होंने स्वयं न जाकर एनपीआरसी को भेजा है, ये मामला मेरी जानकारी नहीं है। इसकी जांच कराएंगे।
-रामपाल सिंह राजपूत, बीएसए