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Budaun News: छह स्कूलों में से एक ने शुरू किया अपार आईडी बनाने का काम, पांच पर कार्रवाई की तैयारी
Sat, 01 Mar 2025 12:33 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Sat, 01 Mar 2025 12:33 AM IST
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बदायूं। जिले के छह इंटर कॉलेजों को नोटिस देकर 15 फरवरी तक अपार आईडी बनाने के निर्देश जिला विद्यालय निरीक्षक ने दिए थे। इस मामले में मात्र एक स्कूल ने आईडी बनाने का काम शुरू किया है। जबकि पांच की प्रगति शून्य है। ऐसे में विभाग पांच स्कूलों पर कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
जिले के छह स्कूल ऐसे थे, जिन्होंने एक भी बच्चे की अपार आईडी नहीं बनाई। इन स्कूलों की मान्यता प्रत्याहरण का नोटिस शिक्षा विभाग ने भेजा। सभी स्कूलों को 15 फरवरी तक का समय दिया गया था। एक स्कूल को छोड़ दें तो पांच स्कूल अभी भी ऐसे हैं जिन्होंने एक भी बच्चे की अपार आईडी नहीं बनाई है।
अपार आईडी बनाने में सबसे खराब स्थिति वित्तविहीन स्कूलों की
जिले में माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधीन संचालित 305 स्कूल हैं। इसमें जिले के 39 राजकीय इंटर कॉलेज, 41 सहायता प्राप्त विद्यालय और 225 वित्तविहीन विद्यालय शामिल हैं। राजकीय स्कूलों में 9,916 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं, जिसमें से 8,176 विद्यार्थियों की अपार आईडी बनी है। यहां 1665 विद्यार्थियों की अपार आईडी बनना शेष है।
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अशासकीय स्कूलों में 43,393 बच्चे हैं, जिसमें से 34,446 बच्चों की आईडी बनाई गई है। यहां 8,531 बच्चों की अपार आईडी नहीं बनी है। सबसे खराब स्थिति वित्तविहीन स्कूलों की है। यहां 1,21,061 बच्चे पंजीकृत हैं। मात्र 42,799 बच्चों की ही अपार आईडी बन सकी है। 76 हजार से अधिक बच्चों की अपार आईडी बननी बाकी है।
एक वित्तविहीन स्कूल के प्रधानाचार्य व प्रबंधक ने नोटिस का जवाब देते हुए आईडी बनाने का काम शुरू कर दिया है। पांच स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई कराई जा रही है। -डॉ. प्रवेश कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक
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जिले के छह स्कूल ऐसे थे, जिन्होंने एक भी बच्चे की अपार आईडी नहीं बनाई। इन स्कूलों की मान्यता प्रत्याहरण का नोटिस शिक्षा विभाग ने भेजा। सभी स्कूलों को 15 फरवरी तक का समय दिया गया था। एक स्कूल को छोड़ दें तो पांच स्कूल अभी भी ऐसे हैं जिन्होंने एक भी बच्चे की अपार आईडी नहीं बनाई है।
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अपार आईडी बनाने में सबसे खराब स्थिति वित्तविहीन स्कूलों की
जिले में माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधीन संचालित 305 स्कूल हैं। इसमें जिले के 39 राजकीय इंटर कॉलेज, 41 सहायता प्राप्त विद्यालय और 225 वित्तविहीन विद्यालय शामिल हैं। राजकीय स्कूलों में 9,916 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं, जिसमें से 8,176 विद्यार्थियों की अपार आईडी बनी है। यहां 1665 विद्यार्थियों की अपार आईडी बनना शेष है।
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अशासकीय स्कूलों में 43,393 बच्चे हैं, जिसमें से 34,446 बच्चों की आईडी बनाई गई है। यहां 8,531 बच्चों की अपार आईडी नहीं बनी है। सबसे खराब स्थिति वित्तविहीन स्कूलों की है। यहां 1,21,061 बच्चे पंजीकृत हैं। मात्र 42,799 बच्चों की ही अपार आईडी बन सकी है। 76 हजार से अधिक बच्चों की अपार आईडी बननी बाकी है।
एक वित्तविहीन स्कूल के प्रधानाचार्य व प्रबंधक ने नोटिस का जवाब देते हुए आईडी बनाने का काम शुरू कर दिया है। पांच स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई कराई जा रही है। -डॉ. प्रवेश कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक