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Budaun News: अफसरों की लापरवाही बिगाड़ रही सेहत, डेंगू का डंक ले रहा जान
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बदायूं। जिले में डेंगू और बुखार का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। एक माह में छह डेंगू संक्रमितों की मौत हो चुकी है। सोमवार को वजीरगंज में एक और महिला की मौत हो गई। वहीं बुखार से अब तक 12 लोगों की मौत होने का भी दावा किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी बीमारी फैलने और मरीजों की मौत होने के बाद गांवों में शिविर लगाकर जांच करने, दवा वितरण और छिड़काव की औपचारिकता निभाने तक ही सीमित नजर आ रहे हैं। यही वजह है कि गांव-गांव लोगों की सेहत लगातार बिगड़ रही है और डेंगू का डंक जानलेवा हो रहा है।
जिले के कई गांवों में बुखार का प्रकोप बना हुआ है। निजी लैब की जांच में कई लोग डेंगू संक्रमित मिले हैं। बावजूद इसके प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग बीमारी की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम नहीं उठा रहा। गुरगांव के रामेश्वर, मोहित, सोनू ने बताया कि बुखार फैलने के बाद उपचार और जांच के लिए भटकना पड़ रहा है। कुछ लोग बदायूं तो कुछ गांव में ही इलाज करा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी सूचनाओं को विभाग के अधिकारी अनदेखा कर रहे हैं।
जिले में प्राइवेट लैब की जांच में कई लोग पॉजिटिव आए हैं। इनमें अबतक सात डेंगू संक्रमितों की मौत हो चुकी है, जबकि स्वास्थ्य विभाग के आधिकारिक आंकड़ों में डेंगू से एक भी मौत दर्ज नहीं है। विभाग की रिपोर्ट में जिले में अब तक 62 डेंगू संक्रमित मिलने की पुष्टि की गई है। ऐसे में निजी लैब की जांच, मरीजों की स्थिति और मौतों के कारणों को लेकर विभागीय रिपोर्टिंग पर सवाल उठ रहे हैं।
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इन गांवों में फैला है बुखार
स्वास्थ्य विभाग की जानकारी के अनुसार, बीवीपुर, मीरापुरा, सुरसेना, नैथू, जगत पिपरी, सर्वा, सहायपुर, कथौला, वजीरगंज, ककोड़ा, आरिफपुर, भगतानगला, हरदत्तपुर, तौफीनगला, मुड़सेना खुर्द, फैजगंज बेहटा और कादरबाड़ी समेत कई गांवों में बुखार के मरीज सामने आ रहे हैं। प्रभावित गांवों की संख्या और मरीजों की स्थिति को देखते हुए नियमित सर्वे, जांच, उपचार और मच्छरों के नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है, लेकिन गांव में केवल औपचारिकताएं ही निभाई जा रही हैं।
डेंगू से अबतक सात लोग गंवा चुके हैं जान
प्राइवेट पैथोलॉजी की जांच रिपोर्ट के अनुसार, 19 सितंबर को ब्लॉक वजीरगंज के गांव की पूजा की मौत हो चुकी है। सहायपुर निवासी करिश्मा की तीन अक्तूबर काे मौत हो चुकी है। आठ अक्तूबर को ब्लॉक इस्लामनगर के गांव जगत पिपरी में हारुन उर्फ नन्हें, मोरपाल, कस्तूरी की मौत हो चुकी है। आठ अक्तूबर को ही ब्लॉक वजीरगंज के गांव सुरसेना निवासी सुब्हान की भी डेंगू पॉजिटिव होने के बाद में मौत हो गई थी। 12 अक्तूबर को प्रेमवती (35) पत्नी अशोक कुमार प्रजापति निवासी चौक मोहल्ला, वजीरगंज की मौत हो गई।
हमारे रिकॉर्ड में डेंगू से एक भी मौत दर्ज नहीं है। जहां-जहां बुखार फैलने की सूचना मिल रही है। वहां पर लगातार स्वास्थ्य शिविर लगाकर ग्रामीणों की सेहत की जांच कर उन्हें जरूरी दवाएं दी जा रही हैं। संक्रमण से रोकथाम के लिए फॉगिंग भी कराई जा रही है। ग्रामीणों की शिकायतें भी अधिकारी प्राथमिकता पर ले रहे हैं। - डॉ. विकास शर्मा, सीएमओ
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जिले के कई गांवों में बुखार का प्रकोप बना हुआ है। निजी लैब की जांच में कई लोग डेंगू संक्रमित मिले हैं। बावजूद इसके प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग बीमारी की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम नहीं उठा रहा। गुरगांव के रामेश्वर, मोहित, सोनू ने बताया कि बुखार फैलने के बाद उपचार और जांच के लिए भटकना पड़ रहा है। कुछ लोग बदायूं तो कुछ गांव में ही इलाज करा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी सूचनाओं को विभाग के अधिकारी अनदेखा कर रहे हैं।
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जिले में प्राइवेट लैब की जांच में कई लोग पॉजिटिव आए हैं। इनमें अबतक सात डेंगू संक्रमितों की मौत हो चुकी है, जबकि स्वास्थ्य विभाग के आधिकारिक आंकड़ों में डेंगू से एक भी मौत दर्ज नहीं है। विभाग की रिपोर्ट में जिले में अब तक 62 डेंगू संक्रमित मिलने की पुष्टि की गई है। ऐसे में निजी लैब की जांच, मरीजों की स्थिति और मौतों के कारणों को लेकर विभागीय रिपोर्टिंग पर सवाल उठ रहे हैं।
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इन गांवों में फैला है बुखार
स्वास्थ्य विभाग की जानकारी के अनुसार, बीवीपुर, मीरापुरा, सुरसेना, नैथू, जगत पिपरी, सर्वा, सहायपुर, कथौला, वजीरगंज, ककोड़ा, आरिफपुर, भगतानगला, हरदत्तपुर, तौफीनगला, मुड़सेना खुर्द, फैजगंज बेहटा और कादरबाड़ी समेत कई गांवों में बुखार के मरीज सामने आ रहे हैं। प्रभावित गांवों की संख्या और मरीजों की स्थिति को देखते हुए नियमित सर्वे, जांच, उपचार और मच्छरों के नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है, लेकिन गांव में केवल औपचारिकताएं ही निभाई जा रही हैं।
डेंगू से अबतक सात लोग गंवा चुके हैं जान
प्राइवेट पैथोलॉजी की जांच रिपोर्ट के अनुसार, 19 सितंबर को ब्लॉक वजीरगंज के गांव की पूजा की मौत हो चुकी है। सहायपुर निवासी करिश्मा की तीन अक्तूबर काे मौत हो चुकी है। आठ अक्तूबर को ब्लॉक इस्लामनगर के गांव जगत पिपरी में हारुन उर्फ नन्हें, मोरपाल, कस्तूरी की मौत हो चुकी है। आठ अक्तूबर को ही ब्लॉक वजीरगंज के गांव सुरसेना निवासी सुब्हान की भी डेंगू पॉजिटिव होने के बाद में मौत हो गई थी। 12 अक्तूबर को प्रेमवती (35) पत्नी अशोक कुमार प्रजापति निवासी चौक मोहल्ला, वजीरगंज की मौत हो गई।
हमारे रिकॉर्ड में डेंगू से एक भी मौत दर्ज नहीं है। जहां-जहां बुखार फैलने की सूचना मिल रही है। वहां पर लगातार स्वास्थ्य शिविर लगाकर ग्रामीणों की सेहत की जांच कर उन्हें जरूरी दवाएं दी जा रही हैं। संक्रमण से रोकथाम के लिए फॉगिंग भी कराई जा रही है। ग्रामीणों की शिकायतें भी अधिकारी प्राथमिकता पर ले रहे हैं। - डॉ. विकास शर्मा, सीएमओ