{"_id":"585ebe404f1c1b0f15e3a323","slug":"nutrition-rehab-treatment-those-who-do-not-account-for","type":"story","status":"publish","title_hn":"पोषण पुर्नवास केंद्र में इलाज पाने वालों का हिसाब नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पोषण पुर्नवास केंद्र में इलाज पाने वालों का हिसाब नहीं
बदायूं, ब्यूरो
Updated Sat, 24 Dec 2016 11:58 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
डीएम ने संबंधित अधिकारियों को लगाई फटकार
राज्य पोषण मिशन के तहत जिला चिकित्सालय में स्थित पोषण पुर्नवास केंद्र में किस परियोजना के कुपोषित बच्चों का इलाज किया गया। केंद्र के चिकित्सक नुरुल हसन एवं विभागीय अधिकारी डीएम को संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके तो डीएम ने उनकी फटकार लगा दी।
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में डीएम ने सीडीओ अच्छे लाल सिंह यादव के साथ राज्य पोषण मिशन के कार्यां की समीक्षा की। वजन दिवस की गणना में जिले में 23 हजार 629 बच्चे कुपोषण का शिकार पाए गए हैं। अतिकुपोषित बच्चों के इलाज के लिए जिला चिकित्सालय में पोषण पुर्नवास केंद्र बनाया गया है, जहां बच्चों के किए गए इलाज के संबंध में समीक्षा की तो बाल विकास विभाग और केंद्र के डॉक्टर्स के आंकड़ों में अंतर पाए जाने पर डीएम ने नाराजगी जताई। एनआरसी के चिकित्सक ने बताया कि केंद्र में 255 कुपोषित बच्चे भर्ती हुए, जिसमें 215 बच्चों को स्वास्थ्य लाभ मिला तथा 15 बच्चों को बरेली स्थित जिला चिकित्सालय रेफर किया गया। 25 बच्चों के अभिभावक निर्धारित अवधि से पूर्व चले गए। डीएम ने कहा कि किन परियोजनाओं के बच्चों का पूर्ण इलाज नहीं हो सका, उनकी जानकारी उपलब्ध कराई जाए। इसकी जानकारी किसी के पास नहीं थी। बीडीओ दहगवां का जवाब तलब किया गया।
राज्य पोषण मिशन के तहत जिला चिकित्सालय में स्थित पोषण पुर्नवास केंद्र में किस परियोजना के कुपोषित बच्चों का इलाज किया गया। केंद्र के चिकित्सक नुरुल हसन एवं विभागीय अधिकारी डीएम को संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके तो डीएम ने उनकी फटकार लगा दी।
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में डीएम ने सीडीओ अच्छे लाल सिंह यादव के साथ राज्य पोषण मिशन के कार्यां की समीक्षा की। वजन दिवस की गणना में जिले में 23 हजार 629 बच्चे कुपोषण का शिकार पाए गए हैं। अतिकुपोषित बच्चों के इलाज के लिए जिला चिकित्सालय में पोषण पुर्नवास केंद्र बनाया गया है, जहां बच्चों के किए गए इलाज के संबंध में समीक्षा की तो बाल विकास विभाग और केंद्र के डॉक्टर्स के आंकड़ों में अंतर पाए जाने पर डीएम ने नाराजगी जताई। एनआरसी के चिकित्सक ने बताया कि केंद्र में 255 कुपोषित बच्चे भर्ती हुए, जिसमें 215 बच्चों को स्वास्थ्य लाभ मिला तथा 15 बच्चों को बरेली स्थित जिला चिकित्सालय रेफर किया गया। 25 बच्चों के अभिभावक निर्धारित अवधि से पूर्व चले गए। डीएम ने कहा कि किन परियोजनाओं के बच्चों का पूर्ण इलाज नहीं हो सका, उनकी जानकारी उपलब्ध कराई जाए। इसकी जानकारी किसी के पास नहीं थी। बीडीओ दहगवां का जवाब तलब किया गया।
विज्ञापन