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Budaun News: चार लाख रुपये में बेचा गया नवजात मां के पास पहुंचाया
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दातागंज। कोतवाली क्षेत्र में नवजात को चार लाख रुपये में बेचा गया था। नवजात को बरेली निवासी एक निसंतान दंपती ने खरीदा था। पुलिस ने शनिवार को नवजात का सौदा कराने वाले एक झोलाछाप को हिरासत में लिया। उससे पूछताछ के बाद नवजात को वापस लाकर उसकी मां को सौंप दिया गया। हालांकि नवजात की मां ने कार्रवाई से इनकार करते हुए पुलिस को तहरीर नहीं दी।
थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी ग्रामीण की पत्नी को बृहस्पतिवार को प्रसव पीड़ा हुई तो पति ने उसे समरेर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। यहां महिला ने एक बेटे को जन्म दिया। मां नवजात को जन्म देकर होश में भी नहीं आई थी कि पिता ने उसे बेच दिया। पत्नी सहित अन्य परिजनों को बताया कि नवजात मरा हुआ पैदा हुआ था।
मामला प्रकाश में आया तो पुलिस जांच में जुट गई। पता चला कि दातागंज के एक झोलाछाप के माध्यम से नवजात को बरेली के एक दंपती तो चार लाख रुपये में बेचा गया है। पुलिस ने शनिवार को झोलाछाप को हिरासत में ले लिया। उससे पूछताछ कर बरेली के व्यक्ति से संपर्क किया गया। उसे नवजात के साथ थाने बुलाया गया। उससे नवजात को लेकर उसकी मां को सौंप दिया गया। पुलिस ने नवजात की मां से तहरीर देने को कहा तो उसने मना कर दिया। वजह यह थी कि झोलाछाप व नवजात को खरीदने वाले के साथ ही उसका पति भी फंसता।
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प्रभारी निरीक्षक गौरव बिश्नोई ने बताया कि नवजात के पिता ने सहमति पत्र लिखकर नवजात को दिया था। नवजात की मां ने किसी भी कार्रवाई से इनकार कर दिया। इसी के चलते मेडिकल कराने के बाद नवजात को उसकी मां को सौंप दिया।
दातागंज पुलिस की तेजी चर्चा में
बच्चा बेचने के मामले में दातागंज पुलिस की तेजी खासी चर्चा में है। लोग तहरीर देकर पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हैं। यहां तो पुलिस को किसी ने तहरीर तक नहीं दी, शिकायत नहीं की। इसके बाद भी पुलिस ने बच्चा खरीदने वाले का पता लगा लिया। पुलिस की यह तेजी क्षेत्र में खासी चर्चा का विषय बनी हुई है। हालांकि अच्छी बात यह है कि पुलिस की तेजी की वजह से नवजात उसकी मां को मिल गया।
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थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी ग्रामीण की पत्नी को बृहस्पतिवार को प्रसव पीड़ा हुई तो पति ने उसे समरेर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। यहां महिला ने एक बेटे को जन्म दिया। मां नवजात को जन्म देकर होश में भी नहीं आई थी कि पिता ने उसे बेच दिया। पत्नी सहित अन्य परिजनों को बताया कि नवजात मरा हुआ पैदा हुआ था।
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मामला प्रकाश में आया तो पुलिस जांच में जुट गई। पता चला कि दातागंज के एक झोलाछाप के माध्यम से नवजात को बरेली के एक दंपती तो चार लाख रुपये में बेचा गया है। पुलिस ने शनिवार को झोलाछाप को हिरासत में ले लिया। उससे पूछताछ कर बरेली के व्यक्ति से संपर्क किया गया। उसे नवजात के साथ थाने बुलाया गया। उससे नवजात को लेकर उसकी मां को सौंप दिया गया। पुलिस ने नवजात की मां से तहरीर देने को कहा तो उसने मना कर दिया। वजह यह थी कि झोलाछाप व नवजात को खरीदने वाले के साथ ही उसका पति भी फंसता।
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प्रभारी निरीक्षक गौरव बिश्नोई ने बताया कि नवजात के पिता ने सहमति पत्र लिखकर नवजात को दिया था। नवजात की मां ने किसी भी कार्रवाई से इनकार कर दिया। इसी के चलते मेडिकल कराने के बाद नवजात को उसकी मां को सौंप दिया।
दातागंज पुलिस की तेजी चर्चा में
बच्चा बेचने के मामले में दातागंज पुलिस की तेजी खासी चर्चा में है। लोग तहरीर देकर पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हैं। यहां तो पुलिस को किसी ने तहरीर तक नहीं दी, शिकायत नहीं की। इसके बाद भी पुलिस ने बच्चा खरीदने वाले का पता लगा लिया। पुलिस की यह तेजी क्षेत्र में खासी चर्चा का विषय बनी हुई है। हालांकि अच्छी बात यह है कि पुलिस की तेजी की वजह से नवजात उसकी मां को मिल गया।