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शक्ति स्वरूपा: आस्था का केंद्र है ग्राम देवता का मंदिर
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कुंवरगांव स्थित ग्राम देवता मंदिर। संवाद
- फोटो : BADAUN
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कुंवरगांव। कस्बे के पश्चिम में खेरे पर स्थित श्रद्धा और आस्था के प्रतीक ग्राम देवता मंदिर में नवरात्र के मौके पर रोजाना श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। मान्यता है कि मंदिर की चौखट पर पहुंचने वाले भक्तों पर मां अपनी असीम कृपा बरसाती हैं।
बताया जाता है कि यह मंदिर करीब तीन सौ साल पुराना है। मंदिर में नवरात्र में नगर व आसपास के क्षेत्र के काफी संख्या लोग पूजा अर्चना कर अपने परिवार की सुख शांति की कामना करते है।
मंदिर कमेटी अध्यक्ष उदयवीर सिंह बताते हैं कि मंदिर कमेटी में 11 लोग हैं, जो मंदिर के विकास को दिन रात निस्वार्थ सेवा करते हैं। पुजारी सैदू सिंह ने बताया कि बुजुर्गों के मुताबिक खेरे पर मंदिर की स्थापना करीब तीन सौ वर्ष पहले हुई थी।
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नगर निवासी घनेंद्र पाल सिंह बताते हैं कि उनके बुजुर्गों ने मंदिर को भूमि दान कर एक छोटी मठिया बनाई थी, जो मंदिर परिसर में सबसे प्राचीन है। नगर के पूर्व चेयरमैन लक्ष्मी नारायण गुप्ता ने अपनी मन्नत पूरी होने पर मंदिर को अपने कार्यकाल में विकसित कराया था। श्रद्धालु यहां मन्नतें मांगने आते है। मंदिर में नवीनीकरण एवं सौंदर्यीकरण के अलावा अन्य व्यवस्थाओं को मंदिर कमेटी व नगरवासियों के सहयोग से पूरा किया जाता है।
मंदिर में शिव परिवार, काली माता, दुर्गा मां समेत अन्य देवी देवताओं की मूर्तियां स्थापित हैं।
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ऐसे पहुंचें मंदिर
नगर के मुख्य चौराहे से आसानी से ऑटो, ई- रिक्शा मिल जाते हैं जिन्हें दस रुपये भाड़ा देकर होली चौक होते हुए मंदिर पहुंचा जा सकता है। संवाद
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बताया जाता है कि यह मंदिर करीब तीन सौ साल पुराना है। मंदिर में नवरात्र में नगर व आसपास के क्षेत्र के काफी संख्या लोग पूजा अर्चना कर अपने परिवार की सुख शांति की कामना करते है।
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मंदिर कमेटी अध्यक्ष उदयवीर सिंह बताते हैं कि मंदिर कमेटी में 11 लोग हैं, जो मंदिर के विकास को दिन रात निस्वार्थ सेवा करते हैं। पुजारी सैदू सिंह ने बताया कि बुजुर्गों के मुताबिक खेरे पर मंदिर की स्थापना करीब तीन सौ वर्ष पहले हुई थी।
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नगर निवासी घनेंद्र पाल सिंह बताते हैं कि उनके बुजुर्गों ने मंदिर को भूमि दान कर एक छोटी मठिया बनाई थी, जो मंदिर परिसर में सबसे प्राचीन है। नगर के पूर्व चेयरमैन लक्ष्मी नारायण गुप्ता ने अपनी मन्नत पूरी होने पर मंदिर को अपने कार्यकाल में विकसित कराया था। श्रद्धालु यहां मन्नतें मांगने आते है। मंदिर में नवीनीकरण एवं सौंदर्यीकरण के अलावा अन्य व्यवस्थाओं को मंदिर कमेटी व नगरवासियों के सहयोग से पूरा किया जाता है।
मंदिर में शिव परिवार, काली माता, दुर्गा मां समेत अन्य देवी देवताओं की मूर्तियां स्थापित हैं।
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ऐसे पहुंचें मंदिर
नगर के मुख्य चौराहे से आसानी से ऑटो, ई- रिक्शा मिल जाते हैं जिन्हें दस रुपये भाड़ा देकर होली चौक होते हुए मंदिर पहुंचा जा सकता है। संवाद