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अब सरकारी लाभ को नागरिकता प्रमाण पत्र जरूरी
अमर उजाला ब्यूरो, बदायूं
Updated Mon, 14 Dec 2015 08:28 PM IST
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राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर में आधार, राशन कार्ड नंबर से किया जाएगा लिंकअप
सोमवार को प्रदेश के मुख्य सचिव और नियोजन विभाग के प्रमुख सचिव ने डीएम शंभू नाथ, सीडीओ प्रताप सिंह भदौरिया, एडीएम वित्त और राजस्व राजेंद्र प्रसाद यादव सहित सभी एसडीएम और अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंस कर इस कार्यक्रम को जिला स्तर पर प्रभावी ढंग से चलाए जाने के निर्देश दिए हैं।
वर्ष 2010 में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर तैयार किया गया था और अब इलेक्ट्रानिक डेटाबेस तैयार करने के लिए आधार कार्ड नंबर, राशन कार्ड नंबर लिंकअप किए जाने हैं। जब इसके लिए अभियान चलाया ही जाएगा तो विद्यमान त्रुटियों को दूर करने और नए परिवारों को जोड़ने को घर-घर जाकर आंकड़े एकत्र किए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में तहसीलदारों और शहरी क्षेत्रों में स्थानीय निकाय के अधिकारियों को जिम्मेदार बनाया गया है। प्रगणकों को पंद्रह सौ रुपये प्रति ब्लाक की दर से मानदेय भी दिया जाएगा।
डीएम ने किया सहयोग का आह्वान
बदायूं। डीएम ने जिले के सभी नागरिकों से सहयोग का आह्वान किया है कि वे अपने-अपने परिवारों से संबंधित आंकड़े उपलब्ध कराने को घर जाने वाले व्यक्ति का सहयोग करें। बायोमेट्रिक्स डॉटा तैयार होने पर ही सभी को नागरिकता प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जाना संभव होगा और इसके बाद किसी प्रकार का सरकारी लाभ मिल सकेगा।
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प्रगणकों का प्रशिक्षण आज
बदायूं। सहसवान, बिसौली, दातागंज और सदर तहसील के प्रगणकों को मंगलवार से तहसील स्तर पर राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को तैयार करने संबंधी प्रशिक्षण दिए जाने के साथ ही सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी। तहसील बिल्सी में 16 दिसंबर को प्रशिक्षण और सामग्री वितरण होगा।
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सोमवार को प्रदेश के मुख्य सचिव और नियोजन विभाग के प्रमुख सचिव ने डीएम शंभू नाथ, सीडीओ प्रताप सिंह भदौरिया, एडीएम वित्त और राजस्व राजेंद्र प्रसाद यादव सहित सभी एसडीएम और अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंस कर इस कार्यक्रम को जिला स्तर पर प्रभावी ढंग से चलाए जाने के निर्देश दिए हैं।
वर्ष 2010 में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर तैयार किया गया था और अब इलेक्ट्रानिक डेटाबेस तैयार करने के लिए आधार कार्ड नंबर, राशन कार्ड नंबर लिंकअप किए जाने हैं। जब इसके लिए अभियान चलाया ही जाएगा तो विद्यमान त्रुटियों को दूर करने और नए परिवारों को जोड़ने को घर-घर जाकर आंकड़े एकत्र किए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में तहसीलदारों और शहरी क्षेत्रों में स्थानीय निकाय के अधिकारियों को जिम्मेदार बनाया गया है। प्रगणकों को पंद्रह सौ रुपये प्रति ब्लाक की दर से मानदेय भी दिया जाएगा।
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डीएम ने किया सहयोग का आह्वान
बदायूं। डीएम ने जिले के सभी नागरिकों से सहयोग का आह्वान किया है कि वे अपने-अपने परिवारों से संबंधित आंकड़े उपलब्ध कराने को घर जाने वाले व्यक्ति का सहयोग करें। बायोमेट्रिक्स डॉटा तैयार होने पर ही सभी को नागरिकता प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जाना संभव होगा और इसके बाद किसी प्रकार का सरकारी लाभ मिल सकेगा।
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प्रगणकों का प्रशिक्षण आज
बदायूं। सहसवान, बिसौली, दातागंज और सदर तहसील के प्रगणकों को मंगलवार से तहसील स्तर पर राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को तैयार करने संबंधी प्रशिक्षण दिए जाने के साथ ही सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी। तहसील बिल्सी में 16 दिसंबर को प्रशिक्षण और सामग्री वितरण होगा।