{"_id":"575ef1fb4f1c1bf71211b78b","slug":"muslim-khan-sacked-bsp-mla","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्व विधायक मुस्लिम खां बसपा से निष्कासित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूर्व विधायक मुस्लिम खां बसपा से निष्कासित
बदायूं, ब्यूरो
Updated Mon, 13 Jun 2016 11:18 PM IST
विज्ञापन
बसपा हाईकमान ने उसहैत विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे ककराला निवासी मुस्लिम खां को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। बसपा जिलाध्यक्ष हेमेंद्र गौतम ने बताया कि उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने का आरोप है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, वह वर्ष 2002 से बसपा से जुड़े थे। वर्ष 2007 में बसपा से विधानसभा चुनाव जीते थे। 2009 में परिसीमन के बाद उसहैत विधानसभा क्षेत्र खत्म हुई और शेखूपुर सीट बनी। वर्ष 2012 के चुनाव में पार्टी ने एक धर्मगुरु से विवाद के बाद मुस्लिम खां को टिकट नहीं दिया तो उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा। वह दूसरे स्थान पर रहे। बसपा प्रत्याशी काजी रिजवान तीसरे नंबर पर चले गए। यह पहली बार हुआ, जब पहले और दूसरे स्थान पर रहने वाली बसपा तीसरे स्थान पर पहुंच गई थी।
इस मसले पर पूर्व विधायक मुस्लिम खां ने कहा कि वह पहले से ही नसीमउद्दीन सिद्दीकी की नीतियों के विरोधी हैं। अलापुर में जो चेयरमैन पद छोड़ गए, उन्हें शेखूपुर से टिकट दिया गया है। अलापुर के सिनोद शाक्य और अलापुर के ही काजी रिजवान को टिकट दिया गया है। इससे ककराला में असंतोष है। विधानसभा क्षेत्र के वाशिंदों को ही जनता चाहती है। उनसे बदायूं से चुनाव लड़ने को कहा जा रहा था। मना किया तो पार्टी से निष्कासित कर दिया। उनके लिए अब अन्य पार्टियों का भी रास्ता खुल गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पार्टी सूत्रों के अनुसार, वह वर्ष 2002 से बसपा से जुड़े थे। वर्ष 2007 में बसपा से विधानसभा चुनाव जीते थे। 2009 में परिसीमन के बाद उसहैत विधानसभा क्षेत्र खत्म हुई और शेखूपुर सीट बनी। वर्ष 2012 के चुनाव में पार्टी ने एक धर्मगुरु से विवाद के बाद मुस्लिम खां को टिकट नहीं दिया तो उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा। वह दूसरे स्थान पर रहे। बसपा प्रत्याशी काजी रिजवान तीसरे नंबर पर चले गए। यह पहली बार हुआ, जब पहले और दूसरे स्थान पर रहने वाली बसपा तीसरे स्थान पर पहुंच गई थी।
विज्ञापन
इस मसले पर पूर्व विधायक मुस्लिम खां ने कहा कि वह पहले से ही नसीमउद्दीन सिद्दीकी की नीतियों के विरोधी हैं। अलापुर में जो चेयरमैन पद छोड़ गए, उन्हें शेखूपुर से टिकट दिया गया है। अलापुर के सिनोद शाक्य और अलापुर के ही काजी रिजवान को टिकट दिया गया है। इससे ककराला में असंतोष है। विधानसभा क्षेत्र के वाशिंदों को ही जनता चाहती है। उनसे बदायूं से चुनाव लड़ने को कहा जा रहा था। मना किया तो पार्टी से निष्कासित कर दिया। उनके लिए अब अन्य पार्टियों का भी रास्ता खुल गया है।
विज्ञापन