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Budaun News: जीआईसी के रास्ते में कीचड़, गिर रहीं छात्राएं
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गांव वोंदरी के पास कीचड वाले रास्ते में गिरी छात्रा। संवाद
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कादरचौक। गांव वोंदरी में राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) के निर्माण के बाद सड़क नहीं बनाई गई। इसकी वजह से छात्र-छात्राओं को बारिश में दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। दो दिन से हो रही बारिश में कच्चा रास्ता दलदली हो गया है। बृहस्पतिवार सुबह कॉलेज जा रहीं कई छात्राएं फिसलकर गिर गईं। कीचड़ में गिरने के डर से बड़ी संख्या में बच्चे घर से स्कूल नहीं आ रहे।
ब्लॉक कादरचौक के गांव वोंदरी में राजकीय इंटर कॉलेज का निर्माण 2020 में हुआ था। स्कूल गांव से एक किलोमीटर दूर है। साल 2021-22 में पढ़ाई का पहला सत्र शुरू हुआ था। शुरुआत में 120 छात्र-छात्राओं ने एडमिशन लिया था, जो संख्या बढ़कर अब 359 तक पहुंच गई है। पांच साल बाद भी गांव से कॉलेज तक मार्ग कच्चा है।
कच्चे मार्ग के दोनों ओर झाड़ियां हैं, जिनकी वजह से लड़कियां असुरक्षित महसूस करती हैं। दो वर्ष पूर्व छात्र-छात्राओं ने सड़क निर्माण के लिए प्रदर्शन भी किया था। इसके बाद सड़क बनाने के लिए पीडब्ल्यूडी और जिला पंचायत के अधिकारी गांव पहुंचे थे। रास्ते की नापजोख भी की। एक किमी मार्ग के निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी ने एक करोड़ ग्यारह लाख से अधिक का टेंडर भी निकलवाया था, बावजूद इसके डेढ़ वर्ष बीतने के बाद भी हालात जस के तस हैं। प्रधान सत्य निरूपम ने बताया कि पीडब्ल्यूडी से कई बार इस संबंध में शिकायत की गई, लेकिन कोई हल नहीं निकला।
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सड़क को दिखवाया पता किया जाएगा कि इसको लेकर कोई कार्ययोजना तैयार की गई है या नहीं। अगर नहीं तो नई कार्य योजना में इसको शामिल किया जाएगा। -नरेश कुमार, एक्सईएन, लोनिवि
रास्ता न होने से स्कूल में काफी कम, सिर्फ 267, बच्चे ही रह गए हैं। काफी बच्चे रास्ता न होने के कारण स्कूल नहीं आ रहे हैं। स्टाफ को भी आने-जाने में परेशानी होती है। - राहुल सिंह प्रधानाचार्य, राजकीय इंटर कॉलेज
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ब्लॉक कादरचौक के गांव वोंदरी में राजकीय इंटर कॉलेज का निर्माण 2020 में हुआ था। स्कूल गांव से एक किलोमीटर दूर है। साल 2021-22 में पढ़ाई का पहला सत्र शुरू हुआ था। शुरुआत में 120 छात्र-छात्राओं ने एडमिशन लिया था, जो संख्या बढ़कर अब 359 तक पहुंच गई है। पांच साल बाद भी गांव से कॉलेज तक मार्ग कच्चा है।
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कच्चे मार्ग के दोनों ओर झाड़ियां हैं, जिनकी वजह से लड़कियां असुरक्षित महसूस करती हैं। दो वर्ष पूर्व छात्र-छात्राओं ने सड़क निर्माण के लिए प्रदर्शन भी किया था। इसके बाद सड़क बनाने के लिए पीडब्ल्यूडी और जिला पंचायत के अधिकारी गांव पहुंचे थे। रास्ते की नापजोख भी की। एक किमी मार्ग के निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी ने एक करोड़ ग्यारह लाख से अधिक का टेंडर भी निकलवाया था, बावजूद इसके डेढ़ वर्ष बीतने के बाद भी हालात जस के तस हैं। प्रधान सत्य निरूपम ने बताया कि पीडब्ल्यूडी से कई बार इस संबंध में शिकायत की गई, लेकिन कोई हल नहीं निकला।
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सड़क को दिखवाया पता किया जाएगा कि इसको लेकर कोई कार्ययोजना तैयार की गई है या नहीं। अगर नहीं तो नई कार्य योजना में इसको शामिल किया जाएगा। -नरेश कुमार, एक्सईएन, लोनिवि
रास्ता न होने से स्कूल में काफी कम, सिर्फ 267, बच्चे ही रह गए हैं। काफी बच्चे रास्ता न होने के कारण स्कूल नहीं आ रहे हैं। स्टाफ को भी आने-जाने में परेशानी होती है। - राहुल सिंह प्रधानाचार्य, राजकीय इंटर कॉलेज

गांव वोंदरी के पास कीचड वाले रास्ते में गिरी छात्रा। संवाद