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रमजान का दिखा चांद, पहला रोजा आज
अमर उजाला ब्यूरो बदायूं।
Updated Sun, 28 May 2017 12:28 AM IST
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ramzan
- फोटो : amar ujala
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-बाजार में बढ़ी रौनक, खजूर की सजी दुकानें
चांद के दीदार के साथ ही माहौल रमजान मुबारक, रमजान मुबारक की सदाओं से गूंज उठा. मुस्लिम धर्म गुरुओं ने भी शनिवार की रात चांद के दीदार होने और माहे रमजान के शुरू होने का एलान किया। लोगों ने एक-दूसरे के गले मिलकर मुकद्दस माह के आमद की खुशियां मनाई। जगह-जगह मुस्लिम बंधुओं ने दुआएं की और खुशियां मनाकर माह-ए-रमजान का इस्तकबाल किया। चांद के दीदार के साथ ही इबादत के इस खास माह की शुरुआत हो गई।
सज्जादा नशीन खानकाह चिश्तियां साबरिया दरगाह के सूफी सैय्यद शमशाद हुसैन साबरी ने बताया कि मुसलमान भाई इस खास माह में रोजा रखते हैं और खुदा की इबादत करते हैं। रोजा रखना हर मुसलमान का फर्ज है। इस महीने में हर रोजेदार खुदा की इबादत सच्चे मन से करता है और अल्लाह की बेपनाह रहमत हासिल करता है। इस पूरे महीने सभी इबादतगाह नमाजियों और अल्लाह के बंदों से भरे नजर आएंगे। रमजान का यह मुकद्दस महीना अल्लाह की ओर से दी हुई वह नेमत है, जिसमें अल्लाह रोजेदार की हर गलती का माफ कर उसे लाख-लाख सवाब अता फरमाता है।
बाजार में उतरी रौनक
रविवार से रोजे की शुरुआत हो जाएगी। सुन्नी और शिया हजरात के लिए रोजा अफ्तार का वक्त अलग-अलग होता है। मुस्लिम बहुल इलाकों में रमजान के मद्देनजर चहल-पहल में खासा इजाफा देखने को मिला, बाजार तरह-तरह के खाने पीने की चीजों से सजे दिखे। लोगों ने सहरी के लिए खाने-पीने की अलग-अलग तरह की चीजों की खरीदारी की। बाजार में खजूर की दुकानें सजने लगी हैं।
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शुरू हुई तरावीह
लगभग सभी मस्जिदों को रमजान की खास नमाज के लिए साफ-सफाई कर तैयार कर दिया गया है, मस्जिदों में तरावीह की विशेष नमाज की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. सिर्फ रमजानुल मुबारक में पढ़ी जाने वाली विशेष नमाज तरावीह चांदरात को ईशा की नमाज के बाद शुरू हो गई।
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चांद के दीदार के साथ ही माहौल रमजान मुबारक, रमजान मुबारक की सदाओं से गूंज उठा. मुस्लिम धर्म गुरुओं ने भी शनिवार की रात चांद के दीदार होने और माहे रमजान के शुरू होने का एलान किया। लोगों ने एक-दूसरे के गले मिलकर मुकद्दस माह के आमद की खुशियां मनाई। जगह-जगह मुस्लिम बंधुओं ने दुआएं की और खुशियां मनाकर माह-ए-रमजान का इस्तकबाल किया। चांद के दीदार के साथ ही इबादत के इस खास माह की शुरुआत हो गई।
सज्जादा नशीन खानकाह चिश्तियां साबरिया दरगाह के सूफी सैय्यद शमशाद हुसैन साबरी ने बताया कि मुसलमान भाई इस खास माह में रोजा रखते हैं और खुदा की इबादत करते हैं। रोजा रखना हर मुसलमान का फर्ज है। इस महीने में हर रोजेदार खुदा की इबादत सच्चे मन से करता है और अल्लाह की बेपनाह रहमत हासिल करता है। इस पूरे महीने सभी इबादतगाह नमाजियों और अल्लाह के बंदों से भरे नजर आएंगे। रमजान का यह मुकद्दस महीना अल्लाह की ओर से दी हुई वह नेमत है, जिसमें अल्लाह रोजेदार की हर गलती का माफ कर उसे लाख-लाख सवाब अता फरमाता है।
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बाजार में उतरी रौनक
रविवार से रोजे की शुरुआत हो जाएगी। सुन्नी और शिया हजरात के लिए रोजा अफ्तार का वक्त अलग-अलग होता है। मुस्लिम बहुल इलाकों में रमजान के मद्देनजर चहल-पहल में खासा इजाफा देखने को मिला, बाजार तरह-तरह के खाने पीने की चीजों से सजे दिखे। लोगों ने सहरी के लिए खाने-पीने की अलग-अलग तरह की चीजों की खरीदारी की। बाजार में खजूर की दुकानें सजने लगी हैं।
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शुरू हुई तरावीह
लगभग सभी मस्जिदों को रमजान की खास नमाज के लिए साफ-सफाई कर तैयार कर दिया गया है, मस्जिदों में तरावीह की विशेष नमाज की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. सिर्फ रमजानुल मुबारक में पढ़ी जाने वाली विशेष नमाज तरावीह चांदरात को ईशा की नमाज के बाद शुरू हो गई।