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दिवाली सिर पर, मिलावट करने वालों से रहें सावधान

Tue, 02 Nov 2021 01:04 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 02 Nov 2021 01:04 AM IST
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milavat
बदायूं। त्योहार के समय मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं, दूध, मसालों से लेकर मावा तक में मिलावट होती है। इतनी सफाई से मिलावट की जाती है कि पहचानना मुश्किल होता है। मिलावटी खाद्य पदार्थ सेहत बिगाड़ सकते हैं। ऐसे में सावधान रहने की जरूरत है। ऐसे में छोड़ी सावधानी बरतकर मिलावटी वस्तुओं से बचा जा सकता है।
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दिवाली नजदीक है ऐसे में मिलावटखोर सक्रिय हो गए हैं। अफसर छापे मार रहे हैं लेकिन कार्रवाई सीमित दायरे में है। बाजार में बेरोकटोक मिलावटी दूध, पनीर, मावा, रिफाइंड और देसी घी बेचा जा रहा है तो मिठाइयों में कृत्रिम रंगों का इस्तेमाल हो रहा है। और तो और काजू कतली भी मिलावट से बची नहीं है। इसमें काजू की जगह मूंगफली का चूरा मिलाया जा रहा है। वहीं, खांड के बनने वाले बताशे भी चीनी से बनाए जा रहे हैं। धान की भूसी से बनने वाले राइस ब्राउन ऑयल में पीला रंग डालकर उसे सरसों के तेल के रूप में बेचकर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है तो मुनाफा भी कमाया जा रहा है।
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दूध में रिफाइंड और केमिकल तो मावा में आलू मिलाते हैं धंधेबाज
जानकारों के अनुसार केमिकल के घोल से तैयार हुए नकली दूध में चिकनाई लाने के लिए रिफांइड ऑयल का प्रयोग किया जाता है। यह खराब न हो इसके लिए हाइड्रोजन पराक्साइड डाला जाता है। वहीं, दूध पाउडर में चिकनाई के लिए रिफाइंड मिलाकर मावा तैयार किया जाता है। वहीं मावा और मिठाई का वजन बढ़ाने के लिए उसमें मैदा और आलू मिलाया जाता है।
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ऐसे करें पहचान
-नकली सरसों का तेल को परखने के लिए उसे पानी के साथ मिलाकर हाथों पर रगड़ें। नकली होगा तो थोड़ी देर में रंग छोड़ देगा।
-काजू कतली को परखने लिए उसके स्वाद को गौर से महसूस करें।
-नकली बेसन को पानी में डालकर छोड़ दें, थोड़ी देर में रंग ऊपर आ जाएगा।
-नकली दूध में चीनी का अधिक प्रयोग करें, सूंघने पर केमिकल की गंध आएगी।
- मावे को अंगूठे पर रगड़कर देखें। यदि इसमें घी की खुशबू आए तो मावा असली है।
- मावे की गोली बनाकर देखें, यदि यह फटे तो नकली है।
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क्या है सजा
मिलावट खोरी को रोकने के लिए बने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अनुसार नमूना फेल होने पर आरोपी पर जुर्माना और उम्रकैद तक की सजा हो सकती है।
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जिले में टीम लगाकर लगातार औचक निरीक्षण किया जा रहा है। संदिग्ध चीजें पाए जाने पर उनका नमूना भी संग्रहित किया जाता है, उसकी जांच करने के लिए नमूनों को लैब पर भेजा जाता है। वहां पर रिपोर्ट मिलने पर अगली कार्रवाई की जाती है।

- चंद्रशेखर मिश्रा, अभिहीत अधिकारी
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डॉक्टर की बात
मिलावट के चलते कई बीमारियां हो सकती हैं। इसके चलते किडनी तक खराब हो सकती है। मिलावटी चीजों के चलते ही लोगों की प्रजनन क्षमता घट रही है। खाने की चीजें स्वस्थ व स्वच्छ होनी चाहिए। मौजूदा समय में बाजार से मिठाई तो दूर फल व सब्जी भी स्वच्छ नहीं हैं। -डॉ. नितिन कुमार, ईएमओ जिला अस्पताल
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