{"_id":"66049ffd97eba5e98404c694","slug":"medical-college-no-treatment-only-referred-patients-badaun-news-c-123-1-sbly1002-115916-2024-03-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेडिकल कॉलेज : इलाज नहीं... सिर्फ रेफर किए जाते हैं मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेडिकल कॉलेज : इलाज नहीं... सिर्फ रेफर किए जाते हैं मरीज
विज्ञापन
बदायूं। राजकीय मेडिकल कॉलेज के रिकाॅर्ड में तो सभी बीमारियों के इलाज के लिए पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं, इसके बावजूद यहां से मरीजों को रेफर करने का खेल बंद नहीं हो रहा है। शासन का स्पष्ट आदेश है कि जो भी मेडिकल कॉलेज मरीज को रेफर करेगा तो संबंधित विभागाध्यक्ष को इसका कारण स्पष्ट करना होगा। यहां इस आदेश का भी पालन नहीं हो रहा है। रोजाना आठ से 10 मरीजों को रेफर किया जा रहा है। रेफर किए जाने वाले सभी मरीजों की स्थिति गंभीर दिखा दी जाती है। वक्त पर इलाज न मिलने से इनमें से कई रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं।
पिछले दिनों राजकीय मेडिकल कॉलेज में व्याप्त अव्यवस्थाओं का मामला स्वास्थ्य मंत्री के पास पहुंचा तो आनन-फानन कुछ व्यवस्थाएं दुरुस्त भी कराई गईं। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेश सक्सेना ने पिछले माह स्वास्थ्यमंत्री को पत्र भेजकर बताया था कि राजकीय मेडिकल कॉलेज में आईसीयू वार्ड बंद रहता है। सीसीटीवी कैमरे खराब पड़े हैं। लिफ्ट बंद हैं। शौचालयों में ताले लटके रहते हैं। ज्यादातर मरीजों को गंभीर बताकर रेफर कर दिया जाता है। बाकी को बाहर से दवा लिख दी जाती है।
अलापुर निवासी रामवीर ने बताया कि दो मार्च को वह अपने चाचा की तबीयत खराब होने पर मेडिकल कॉलेज लाए थे। यहां डॉक्टरों ने देखते ही उन्हें सैफई रेफर कर दिया। रुपये के अभाव में निजी अस्पताल नहीं ले जा सके। निमठोली निवासी बृजेश ने बताया कि रिश्तेदार की हालत खराब होने पर मेडिकल कॉलेज लेकर आए तो यहां जिला अस्पताल से भी खराब व्यवस्थाएं देखने को मिलीं। डॉक्टर मरीज को देखने तक नहीं हैं। इलाज करने के बजाय रेफर कर देते हैं।
विज्ञापन
एक माह की पड़ताल में सामने आया है कि यहां रेफर होने के बाद सैफई तक ले जाते समय चार मरीजों की मौत हो चुकी है। इसके साथ ही शासन ने भी रेफर करने को लेकर नियम-कानून तय किए हैं मगर राजकीय मेडिकल कॉलेज में इनकी खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक मार्च से 24 मार्च तक 210 मरीजों को गंभीर बताकर सैफई और अलीगढ़ रेफर किया गया, इनमें से सात की रास्ते में ही मौत हो गई।
सैफई और अलीगढ़ भेजे जा रहे मरीज
- राजकीय मेडिकल कॉलेज से एक से 24 मार्च तक 210 मरीज रेफर किए गए है। इमरजेंसी में पहुंचने वाले इन मरीजों को ठीक से प्रारंभिक इलाज तक नहीं दिया गया। 140 मरीज सैफई तो 70 मरीजों को अलीगढ़ भेजा गया। सैफई भेजे गए मरीजों में से चार और अलीगढ़ भेजे गए मरीजों में से तीन की रास्ते में ही मौत हो गई। रेफर किए गए हैं मरीजों का रिकाॅर्ड तक मेडिकल कॉलेज प्रबंधन नहीं दिखा पा रहा है।
मेडिकल कॉलेज में सभी मरीजों को बेहतर उपचार दिया जा रहा है। किसी मरीज की स्थिति ज्यादा गंभीर होने पर ही उसे रेफर किया जाता है। हमारा प्रयास रहता है कि मरीज को बेहतर इलाज मिल सके। कुछ डॉक्टरों की कमी है, इसके दूर होते ही और ज्यादा सुधार हो सकेगा। - डॉ. एनसी प्रजापति, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज
विज्ञापन
पिछले दिनों राजकीय मेडिकल कॉलेज में व्याप्त अव्यवस्थाओं का मामला स्वास्थ्य मंत्री के पास पहुंचा तो आनन-फानन कुछ व्यवस्थाएं दुरुस्त भी कराई गईं। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेश सक्सेना ने पिछले माह स्वास्थ्यमंत्री को पत्र भेजकर बताया था कि राजकीय मेडिकल कॉलेज में आईसीयू वार्ड बंद रहता है। सीसीटीवी कैमरे खराब पड़े हैं। लिफ्ट बंद हैं। शौचालयों में ताले लटके रहते हैं। ज्यादातर मरीजों को गंभीर बताकर रेफर कर दिया जाता है। बाकी को बाहर से दवा लिख दी जाती है।
विज्ञापन
अलापुर निवासी रामवीर ने बताया कि दो मार्च को वह अपने चाचा की तबीयत खराब होने पर मेडिकल कॉलेज लाए थे। यहां डॉक्टरों ने देखते ही उन्हें सैफई रेफर कर दिया। रुपये के अभाव में निजी अस्पताल नहीं ले जा सके। निमठोली निवासी बृजेश ने बताया कि रिश्तेदार की हालत खराब होने पर मेडिकल कॉलेज लेकर आए तो यहां जिला अस्पताल से भी खराब व्यवस्थाएं देखने को मिलीं। डॉक्टर मरीज को देखने तक नहीं हैं। इलाज करने के बजाय रेफर कर देते हैं।
विज्ञापन
एक माह की पड़ताल में सामने आया है कि यहां रेफर होने के बाद सैफई तक ले जाते समय चार मरीजों की मौत हो चुकी है। इसके साथ ही शासन ने भी रेफर करने को लेकर नियम-कानून तय किए हैं मगर राजकीय मेडिकल कॉलेज में इनकी खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक मार्च से 24 मार्च तक 210 मरीजों को गंभीर बताकर सैफई और अलीगढ़ रेफर किया गया, इनमें से सात की रास्ते में ही मौत हो गई।
सैफई और अलीगढ़ भेजे जा रहे मरीज
- राजकीय मेडिकल कॉलेज से एक से 24 मार्च तक 210 मरीज रेफर किए गए है। इमरजेंसी में पहुंचने वाले इन मरीजों को ठीक से प्रारंभिक इलाज तक नहीं दिया गया। 140 मरीज सैफई तो 70 मरीजों को अलीगढ़ भेजा गया। सैफई भेजे गए मरीजों में से चार और अलीगढ़ भेजे गए मरीजों में से तीन की रास्ते में ही मौत हो गई। रेफर किए गए हैं मरीजों का रिकाॅर्ड तक मेडिकल कॉलेज प्रबंधन नहीं दिखा पा रहा है।
मेडिकल कॉलेज में सभी मरीजों को बेहतर उपचार दिया जा रहा है। किसी मरीज की स्थिति ज्यादा गंभीर होने पर ही उसे रेफर किया जाता है। हमारा प्रयास रहता है कि मरीज को बेहतर इलाज मिल सके। कुछ डॉक्टरों की कमी है, इसके दूर होते ही और ज्यादा सुधार हो सकेगा। - डॉ. एनसी प्रजापति, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज