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एक दिन में सबसे ज्यादा डेंगू के 38 मरीज मिले
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मलेरिया विभाग ने कई गांवों में मच्छरदानियों का वितरण किया। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। डेंगू को लेकर जिले में हालात बेकाबू होने लगे हैं। जिले के सौ से ज्यादा गांवों में भयंकर बुखार का प्रकोप है। मंगलवार को जिले में एक दिन में सबसे अधिक डेंगू के 38 नए रोगी मिले। पूर्व राज्यमंत्री और सहसवान विधायक ओमकार सिंह को भी डेंगू ने चपेट में ले लिया है। हालत गंभीर होने के कारण उनको बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। नगर विकास राज्यमंत्री महेश गुप्ता भी बुखार से पीड़ित हैं। मंगलवार को उन्होंने भी जांच कराई।
जिले में अब तक डेंगू के सौ से ज्यादा रोगी मिल चुके हैं। शहर के कई मोहल्लों में डेंगू का प्रकोप है। इसके साथ ही उझानी, दातागंज, जगत, सालारपुर, दहगवां, समरेर ब्लॉक के गांवों में भी डेंगू का प्रकोप है। मंगलवार को मिले डेंगू के कुल 38 रोगियों में सबसे ज्यादा उझानी ब्लॉक के बसोमा और दातागंज ब्लॉक के गांव डहरपुर में मिले। इसके अलावा शहर के नेकपुर, सिविल लाइंस, कृष्णापुरी में भी डेंगू के नए रोगी सामने आए हैं।
एक दिन में सबसे ज्यादा डेंगू के 38 रोगी सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग के साथ प्रशासनिक अमला भी परेशान है। डीएम दीपा रंजन ने मंगलवार शाम स्वास्थ्य और मलेरिया विभाग के अधिकारियों के साथ लंबी बैठक की। दूसरी ओर एडीएम प्रशासन ऋतु पुनिया ने सभी नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को युद्ध स्तर पर फॉगिंग कराने के निर्देश दिए।
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मौसम में बदलाव से फैल रहे संक्रामक और मच्छरजनित रोग
बिसौली। मौसम में बदलाव का असर सिर्फ फसलों पर ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य पर भी हो रहा है। दो दिन लगातार बारिश के बाद तापमान में कमी तो आई है इसके साथ ही तमाम स्थानों पर जलभराव हो गया है। वायरल फीवर का प्रकोप पहले से ही था अब डेंगू का प्रकोप भी बढ़ने लगा है। डॉ. मनोज माहेश्वरी ने मौसमी रोगों से बचाव को लेकर कई उपायों के बारे में बताया है। उनका कहना है कि बुखार आने पर जांच जरूरी है। डेंगू का अगर समय से इलाज मिलता है तो कोई नुकसान नही होता, लेकिन इलाज में देरी से जान भी जा सकती है। सबसे पहले लोगों को अपने आसपास गंदगी या पानी का जमाव नहीं होने देना चाहिए। इन दिनों पानी को उबालकर पीना चाहिए।
ज्यादा से ज्यादा लोगों की जांच कराई जा रही है। समय से जांच और इलाज हो रहा है। मंगलवार को जिले में अपेक्षाकृत डेंगू के ज्यादा रोगी सामने आए हैं। सभी की हालत सामान्य है। जिन गांवों में ज्यादा प्रकोप है वहां लगातार टीम कैंप कर रहीं हैं। जल्द ही रोगियों की संख्या कम होने लगेगी।
-डॉ. विक्रम सिंह पुंडीर, सीएमओ
गुलड़िया में बुखार का प्रकोप, नहीं लगाए जा रहे स्वास्थ्य शिविर
मुलड़िया। नगर पंचायत में इन दिनों बुखार का व्यापक प्रकोप है। काफी संख्या में लोगों को निजी लैब ने डेंगू की पुष्टि की है। यह लोग निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से नगर पंचायत में स्वास्थ्य शिविर नहीं लगाए जा रहे।
डीएम दीपा रंजन ने गुलड़िया नगर का दौरा कर स्वास्थ्य विभाग को दिशा निर्देश दिए थे। इसके बाद एक दिन गांव में शिविर लगाया गया। बुखार पीड़ितों की जांच तक नहीं कराई जा रही। नगर पंचायत के सौरभ पुत्र अशोक शर्मा, किसान यूनियन के जिला प्रभारी कुलदीप कुमार, किरन पत्नी कृष्णवीर, शालू सिंह पुत्री भेष कुमार, निधि पत्नी निशांत, शीतल पत्नी भास्कर, सरोज पत्नी गजराज सिंह, निशांत पुत्र रामकुमार, अहिवरन सिंह पुत्र भीष्म सिंह, आदित्य पुत्र अहिवरन सिंह, विनीता देवी पत्नी नवीन कुमार आदि लोग बुखार से पीड़ित हैं। संवाद
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जिले में अब तक डेंगू के सौ से ज्यादा रोगी मिल चुके हैं। शहर के कई मोहल्लों में डेंगू का प्रकोप है। इसके साथ ही उझानी, दातागंज, जगत, सालारपुर, दहगवां, समरेर ब्लॉक के गांवों में भी डेंगू का प्रकोप है। मंगलवार को मिले डेंगू के कुल 38 रोगियों में सबसे ज्यादा उझानी ब्लॉक के बसोमा और दातागंज ब्लॉक के गांव डहरपुर में मिले। इसके अलावा शहर के नेकपुर, सिविल लाइंस, कृष्णापुरी में भी डेंगू के नए रोगी सामने आए हैं।
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एक दिन में सबसे ज्यादा डेंगू के 38 रोगी सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग के साथ प्रशासनिक अमला भी परेशान है। डीएम दीपा रंजन ने मंगलवार शाम स्वास्थ्य और मलेरिया विभाग के अधिकारियों के साथ लंबी बैठक की। दूसरी ओर एडीएम प्रशासन ऋतु पुनिया ने सभी नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को युद्ध स्तर पर फॉगिंग कराने के निर्देश दिए।
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मौसम में बदलाव से फैल रहे संक्रामक और मच्छरजनित रोग
बिसौली। मौसम में बदलाव का असर सिर्फ फसलों पर ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य पर भी हो रहा है। दो दिन लगातार बारिश के बाद तापमान में कमी तो आई है इसके साथ ही तमाम स्थानों पर जलभराव हो गया है। वायरल फीवर का प्रकोप पहले से ही था अब डेंगू का प्रकोप भी बढ़ने लगा है। डॉ. मनोज माहेश्वरी ने मौसमी रोगों से बचाव को लेकर कई उपायों के बारे में बताया है। उनका कहना है कि बुखार आने पर जांच जरूरी है। डेंगू का अगर समय से इलाज मिलता है तो कोई नुकसान नही होता, लेकिन इलाज में देरी से जान भी जा सकती है। सबसे पहले लोगों को अपने आसपास गंदगी या पानी का जमाव नहीं होने देना चाहिए। इन दिनों पानी को उबालकर पीना चाहिए।
ज्यादा से ज्यादा लोगों की जांच कराई जा रही है। समय से जांच और इलाज हो रहा है। मंगलवार को जिले में अपेक्षाकृत डेंगू के ज्यादा रोगी सामने आए हैं। सभी की हालत सामान्य है। जिन गांवों में ज्यादा प्रकोप है वहां लगातार टीम कैंप कर रहीं हैं। जल्द ही रोगियों की संख्या कम होने लगेगी।
-डॉ. विक्रम सिंह पुंडीर, सीएमओ
गुलड़िया में बुखार का प्रकोप, नहीं लगाए जा रहे स्वास्थ्य शिविर
मुलड़िया। नगर पंचायत में इन दिनों बुखार का व्यापक प्रकोप है। काफी संख्या में लोगों को निजी लैब ने डेंगू की पुष्टि की है। यह लोग निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से नगर पंचायत में स्वास्थ्य शिविर नहीं लगाए जा रहे।
डीएम दीपा रंजन ने गुलड़िया नगर का दौरा कर स्वास्थ्य विभाग को दिशा निर्देश दिए थे। इसके बाद एक दिन गांव में शिविर लगाया गया। बुखार पीड़ितों की जांच तक नहीं कराई जा रही। नगर पंचायत के सौरभ पुत्र अशोक शर्मा, किसान यूनियन के जिला प्रभारी कुलदीप कुमार, किरन पत्नी कृष्णवीर, शालू सिंह पुत्री भेष कुमार, निधि पत्नी निशांत, शीतल पत्नी भास्कर, सरोज पत्नी गजराज सिंह, निशांत पुत्र रामकुमार, अहिवरन सिंह पुत्र भीष्म सिंह, आदित्य पुत्र अहिवरन सिंह, विनीता देवी पत्नी नवीन कुमार आदि लोग बुखार से पीड़ित हैं। संवाद