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मनोज हत्याकांड: इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और गवाहों को बनाया आधार, चार्जशीट हुई दाखिल
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बदायूं। सिविल लाइंस पुलिस ने पुलिस ने क्षेत्र के गांव आमगांव में 26 मई की रात हुई मनोज की हत्याकांड के हत्यारोपी के खिलाफ 120 पेज की चार्जशीट शुक्रवार को दाखिल कर दी है। पुलिस ने चार्जशीट में कई अहम व इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और गवाहों को आधार बनाया है। ताकि हत्यारोपी को कोर्ट से जल्द कठोर सजा दिलाई जा सके है।
26 मई की रात क्षेत्र के गांव आमगांव निवासी मनोज पटेल गला काटकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। 27 मई को उसका शव सड़क किनारे खेत में मिला था। मनोज के पिता चिरौंजी सिंह ने गांव के ही सुनील व रखवाला के खिलाफ बेटे की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप थे कि मनोज पटेल ने अपना पुराना ई-रिक्शा बेचा था। उसके रुपये बेटे की जेब में थे। हत्यारोपियों ने रुपये हड़पने के मकसद से उसके बेटे को पहले शराब पिलाई। इसके बाद उसकी हत्या कर दी। हत्यारोपी सुनील ने पुलिस को बताया था कि उसने जमीन के विवाद मनोज की हत्या की थी। उसने अकेले ही हत्या को अंजाम दिया था। इसके बाद पुलिस ने सुनील को जेल भेज दिया था। परिजनों समेत गांव के लोगों के बयान दर्ज किए। इसमें एक देशी शराब की दुकान के सेल्समैन को भी गवाह बनाया गया। उसने बताया कि मनोज, सुनील और रखवाला तीनों ही शराब पीने आए थे। नशा होने के बाद मनोज और सुनील में मारपीट हो हुई थी। पुलिस ने इसी आधार पर 120 पेज की चार्जशीट तैयार की और कोर्ट में दाखिल कर दी है। इंस्पेक्टर मनोज सिंह ने बताया कि मनोज हत्याकांड में एक आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है।
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26 मई की रात क्षेत्र के गांव आमगांव निवासी मनोज पटेल गला काटकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। 27 मई को उसका शव सड़क किनारे खेत में मिला था। मनोज के पिता चिरौंजी सिंह ने गांव के ही सुनील व रखवाला के खिलाफ बेटे की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप थे कि मनोज पटेल ने अपना पुराना ई-रिक्शा बेचा था। उसके रुपये बेटे की जेब में थे। हत्यारोपियों ने रुपये हड़पने के मकसद से उसके बेटे को पहले शराब पिलाई। इसके बाद उसकी हत्या कर दी। हत्यारोपी सुनील ने पुलिस को बताया था कि उसने जमीन के विवाद मनोज की हत्या की थी। उसने अकेले ही हत्या को अंजाम दिया था। इसके बाद पुलिस ने सुनील को जेल भेज दिया था। परिजनों समेत गांव के लोगों के बयान दर्ज किए। इसमें एक देशी शराब की दुकान के सेल्समैन को भी गवाह बनाया गया। उसने बताया कि मनोज, सुनील और रखवाला तीनों ही शराब पीने आए थे। नशा होने के बाद मनोज और सुनील में मारपीट हो हुई थी। पुलिस ने इसी आधार पर 120 पेज की चार्जशीट तैयार की और कोर्ट में दाखिल कर दी है। इंस्पेक्टर मनोज सिंह ने बताया कि मनोज हत्याकांड में एक आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है।
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