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Budaun News: पुलिस ने बनाया रस्सी का सांप... जिसका दंश नहीं झेल पाए पीड़ित श्रीपाल

Wed, 08 Feb 2023 12:42 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 08 Feb 2023 12:42 AM IST
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man burnt himself in police station
बदायूं। सहसवान थाने में युवक के आत्मदाह करने के मामले में भी पुलिस ने रस्सी का सांप बनाने की कोशिश की। हालांकि धाराओं को लेकर श्रीपाल का पक्ष कमजोर नहीं था। उसकी ओर से दर्ज एफआईआर में एक धारा ऐसी लगी थी, जिससे आरोपियों को जेल भेजा जा सकता था लेकिन पुलिस ने उसे ही कमजोर करने के लिए आरोपियों की ओर से धारा 326 लगाने की धमकी दी। इसके बल पर ही पुलिस श्रीपाल पक्ष को हड़का रही थी। उसका उत्पीड़न कर रही थी, जिससे श्रीपाल काफी तनाव में था।
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तीन माह से चल रहे इस विवाद में श्रीपाल का पक्ष आर्थिक और शरीरिक बल में कमजोर रहा। आरोपी पक्ष उनसे कहीं ज्यादा मजबूत है। पिछले तीन महीने में दो बार श्रीपाल के परिवार वालों पर हमला हो चुका था। एक बार घर में घुसकर मारपीट तक की गई। 25 नवंबर को अनेकपाल ने महेश, राजवीर और दुर्वेश के खिलाफ घर में घुसकर हमला करने की एफआईआर दर्ज कराई थी।
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अनेकपाल का कहना है कि पुलिस चाहती तो आरोपियों को इसी मामले में गिरफ्तार करके जेल भेज सकती थी लेकिन पुलिस मामले को दबाने में जुटी रही। आरोपियों का साथ देती रही। इससे उनके हौसले और ज्यादा बुलंद हो गए। परिणामस्वरूप नौ जनवरी को आरोपियों ने फिर से उसके परिवार वालों पर हमला कर दिया। तब पुलिस ने सामान्य धारा में एफआईआर दर्ज कर ली। और तो और दूसरी ओर से भी इन्हीं धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया।
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धाराओं को देखते हुए श्रीपाल पक्ष की ओर से पुलिस कार्रवाई कर सकती थी। उसकी ओर से दर्ज एफआईआर में धारा 452 लगी थी। उसमें सात साल तक की सजा है। अनेकपाल का कहना है कि पुलिस आरोपी पक्ष की महिला के दो दांत टूटना बता रही थी। इससे उन पर धारा 326 लगाने की धमकी दी जा रही थी। इस धारा के तहत आरोपियों को आजीवन कारावास या 10 साल की सजा हो सकती है। इससे पुलिस आरोपियों का पक्ष मजबूत कर रही थी। यही वजह थी कि पुलिस लगातार उनका उत्पीड़न कर रही थी। इसी के बल पर उनसे रिश्वत मांगी गई।
अनेकपाल बोले- मूलवती के पहले से टूटे थे दांत
- अनेकपाल का कहना है कि पुलिस आरोपी पक्ष की मूलवती के जिन दांतों को टूटना दिखाकर धारा 326 लगाने की धमकी दे रही थी। उस महिला के दांत पहले से टूटे हैं। जिस डॉक्टर ने उसके दांत लगाए थे। उनकी उससे भी बात हो गई थी। वह डॉक्टर यह कहने को तैयार था कि महिला के नकली दांत हैं। इसके बावजूद पुलिस उसका उत्पीड़न कर रही थी।


पूर्व प्रधान बना आरोपियों का बिचौलिया
इस घटना में एक गांव के पूर्व प्रधान का विशेष सहयोग रहा। वह आरोपियों का लगातार साथ दे रहा था। पीड़ित पक्ष का कहना है कि उसने ही आरोपियों की पुलिस से बात कराई थी। उसे उन्होंने कई बार थाने में भी देखा। इससे पुलिस उनकी ओर से कार्रवाई करने को तैयार नहीं थी।

धारा 504 - अपराध : गाली गलौज, सजा: दो साल या जुर्माना, जमानत : जमानतीय

धारा 506- अपराध : जान को खतरा, गंभीर चोट पहुंचाने, सजा : दो साल या जुुर्माना, जमानत : जमानतीय
धारा 452 - अपराध : घर में घुसकर हमला करना, सजा : सात साल और आर्थिक दंड, जमानत : गैर जमानतीय
धारा 323 - अपराध : चोट पहुंचाना, सजा : एक साल की सजा या जुर्माना, जमानत : जमानतीय
धारा 326 - अपराध : मानव शरीर पर प्रभाव डालना, सजा : आजीवन कारावास या 10 साल, जुर्माना, जमानत : गैर जमानतीय
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