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Budaun News: मलेरिया वार्ड फुल, गैलरी में हो रहा इलाज
Wed, 27 Sep 2023 01:26 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Wed, 27 Sep 2023 01:26 AM IST
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मलेरिया वार्ड के बाहर इलाज कराता मरीज। संवाद
बदायूं। मलेरिया, डेंगू के लगातार केस निकलने पर उनको बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है। मरीजों की संख्या में हर रोज इजाफा होने के कारण वार्ड फुल हो गया है। ऐसे में वार्ड के पास में गैलरी में मरीजों का इलाज किया जा रहा है। वहीं अस्थायी तौर पर बनाए गए दूसरे वार्ड मलेरिया वार्ड में लोग बिना मच्छरदानी के रह रहे हैं।
जिले में कहीं पर भी मच्छर जनित बीमारियों के केस सामने आने और मरीज की सेहत खराब होने पर उसे जिला अस्पताल में भेज दिया जाता है। दसकी वजह से जिला अस्पताल में मलेरिया वार्ड फुल हो चुका है, लेकिन मरीजों के आने का सिलसिला अभी कम नहीं हो रहा है। ऐसे में मजबूरी में स्टाफ को वार्ड के बाहर गैलरी में इलाज करने पर मजबूर होना पड़ रहा है, ताकि मरीज जल्द से जल्द स्वस्थ हो सके और घर जाए। इससे अगले मरीज के लिए बेड खाली हो सके। वहीं, अस्पताल प्रशासन ने एक अस्थायी मलेरिया वार्ड और बनाया गया है, लेकिन वह भी इन दिनों मरीजों से भरा चल रहा है। हालांकि मरीजों वहां पर मच्छरदानी उपलब्ध नहीं कराई गई।
स्टाफ ताला डालकर हुआ गायब
जिला अस्पताल में बनाए गए अतिरिक्त मलेरिया वार्ड में दोपहर 3:05 बजे पर वार्ड के स्टाफ कक्ष में ताला पड़ा हुआ था। काफी देर इंतजार करने के बाद में भी स्टाफ नहीं आया। बताया जाता है कि दिन में स्टाफ अक्सर ताला डालकर गायब हो जाते हैं। साथ ही रात में स्टाफ दवाएं देने के बाद सो जाते हैं, उन्होंने इस बात से कोई लेना देना नहीं होता है कि किसी मरीज को क्या परेशानी हो रही है। अक्सर स्टाफ को मरीज के तीमारदार जगाकर आते हैं, बमुश्किल वह लोग मरीज को देखने के लिए आते हैं।
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दो वार्ड मलेरिया, डेंगू के लिए बनाए गए हैं। वहां पर मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। इसके अलावा जहां पर भी मरीजों बेहतर इलाज दे सकते हैं। उनको भर्ती करके दिया जा रहा है। जहां पर मच्छरदानी की आवश्यकता है, वहां मच्छरदानी उपलब्ध करा दी जाएगी। डॉ. कप्तान सिंह, सीएमएस
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जिले में कहीं पर भी मच्छर जनित बीमारियों के केस सामने आने और मरीज की सेहत खराब होने पर उसे जिला अस्पताल में भेज दिया जाता है। दसकी वजह से जिला अस्पताल में मलेरिया वार्ड फुल हो चुका है, लेकिन मरीजों के आने का सिलसिला अभी कम नहीं हो रहा है। ऐसे में मजबूरी में स्टाफ को वार्ड के बाहर गैलरी में इलाज करने पर मजबूर होना पड़ रहा है, ताकि मरीज जल्द से जल्द स्वस्थ हो सके और घर जाए। इससे अगले मरीज के लिए बेड खाली हो सके। वहीं, अस्पताल प्रशासन ने एक अस्थायी मलेरिया वार्ड और बनाया गया है, लेकिन वह भी इन दिनों मरीजों से भरा चल रहा है। हालांकि मरीजों वहां पर मच्छरदानी उपलब्ध नहीं कराई गई।
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स्टाफ ताला डालकर हुआ गायब
जिला अस्पताल में बनाए गए अतिरिक्त मलेरिया वार्ड में दोपहर 3:05 बजे पर वार्ड के स्टाफ कक्ष में ताला पड़ा हुआ था। काफी देर इंतजार करने के बाद में भी स्टाफ नहीं आया। बताया जाता है कि दिन में स्टाफ अक्सर ताला डालकर गायब हो जाते हैं। साथ ही रात में स्टाफ दवाएं देने के बाद सो जाते हैं, उन्होंने इस बात से कोई लेना देना नहीं होता है कि किसी मरीज को क्या परेशानी हो रही है। अक्सर स्टाफ को मरीज के तीमारदार जगाकर आते हैं, बमुश्किल वह लोग मरीज को देखने के लिए आते हैं।
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दो वार्ड मलेरिया, डेंगू के लिए बनाए गए हैं। वहां पर मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। इसके अलावा जहां पर भी मरीजों बेहतर इलाज दे सकते हैं। उनको भर्ती करके दिया जा रहा है। जहां पर मच्छरदानी की आवश्यकता है, वहां मच्छरदानी उपलब्ध करा दी जाएगी। डॉ. कप्तान सिंह, सीएमएस

मलेरिया वार्ड के बाहर इलाज कराता मरीज। संवाद

मलेरिया वार्ड के बाहर इलाज कराता मरीज। संवाद