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Budaun News: मच्छर खूब... दवा भी भरपूर, छिड़काव में कंजूसी
Mon, 11 Sep 2023 01:07 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Mon, 11 Sep 2023 01:07 AM IST
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बदायूं। गांव में मच्छरजनित बीमारिया पैर पसारे हुए हैं। मलेरिया विभाग की ओर से मच्छरों का लार्वा नष्ट करने के लिए टेमोफॉस दवा का छिड़काव शहर में कराया जा रहा है। विभागीय कर्मचारी गांवों में जाकर ग्राम प्रधानों को भी दवाएं दे रहे हैं, लेकिन ग्राम पंचायत स्तर से इसके छिड़काव में कंजूसी बरती जा रही है। इससे बीमारियों की रोकथाम नहीं हो पा रही है।
जिले में नदी-तालाब पानी से भरे हुए हैं। नाले-नालियां भी लबालब हैं। ऐसे में मच्छर खूब पनप रहे हैं। यहीं मच्छर मलेरिया, डेंगू का कारण बन रहे हैं। मलेरिया विभाग ने इससे निपटने के लिए तैयारियां थी, लेकिन विभाग को इसका ज्यादा फायदा नहीं मिला रहा है। शहर में उनके स्तर से दवा का छिड़काव कराया जा रहा है, लेकिन ग्राम पंचायतों में दवा का छिड़काव ग्राम पंचायत को अपने स्तर से कराना है।
मलेरिया विभाग ग्राम पंचायतों को यह दवा निशुल्क मुहैया करा रहा है। इसके बावजूद कुछ ग्राम पंचायतों को छोड़ दें तो अधिकांश के जनप्रतिनिधि टेमोफॉस दवा लेने ही नहीं आए। इसकी वजह से गांव में छिड़काव नहीं हो पा रहा है। ऐसे में विभाग के कर्मचारी खुद ही गांवों में जाकर वितरण कर रहे हैं।
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हफ्ते में एक दिन होता है छिड़काव
विभाग के अनुसार टेमोफॉस दवा का छिड़काव हफ्ते में एक बार किया जाता है। 10 लीटर पानी में 2.5 एमएल दवा मिलाई जाती है। इसके बाद तालाब, नाले-नालियां अन्य जलभराव वाली जगह में इसका छिड़काव कराया जाता है।
कुछ एक ग्राम पंचायतों से दवाएं लेने के लिए आ रहे हैं, लेकिन अधिकांश जगह से कोई तवज्जो नहीं मिल रहा है। इस वजह से कर्मचारी खुद भी ग्राम पंचायतों में दवा देकर आ रहे हैं। -योगेश सारस्वत, जिला मलेरिया अधिकारी
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जिले में नदी-तालाब पानी से भरे हुए हैं। नाले-नालियां भी लबालब हैं। ऐसे में मच्छर खूब पनप रहे हैं। यहीं मच्छर मलेरिया, डेंगू का कारण बन रहे हैं। मलेरिया विभाग ने इससे निपटने के लिए तैयारियां थी, लेकिन विभाग को इसका ज्यादा फायदा नहीं मिला रहा है। शहर में उनके स्तर से दवा का छिड़काव कराया जा रहा है, लेकिन ग्राम पंचायतों में दवा का छिड़काव ग्राम पंचायत को अपने स्तर से कराना है।
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मलेरिया विभाग ग्राम पंचायतों को यह दवा निशुल्क मुहैया करा रहा है। इसके बावजूद कुछ ग्राम पंचायतों को छोड़ दें तो अधिकांश के जनप्रतिनिधि टेमोफॉस दवा लेने ही नहीं आए। इसकी वजह से गांव में छिड़काव नहीं हो पा रहा है। ऐसे में विभाग के कर्मचारी खुद ही गांवों में जाकर वितरण कर रहे हैं।
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हफ्ते में एक दिन होता है छिड़काव
विभाग के अनुसार टेमोफॉस दवा का छिड़काव हफ्ते में एक बार किया जाता है। 10 लीटर पानी में 2.5 एमएल दवा मिलाई जाती है। इसके बाद तालाब, नाले-नालियां अन्य जलभराव वाली जगह में इसका छिड़काव कराया जाता है।
कुछ एक ग्राम पंचायतों से दवाएं लेने के लिए आ रहे हैं, लेकिन अधिकांश जगह से कोई तवज्जो नहीं मिल रहा है। इस वजह से कर्मचारी खुद भी ग्राम पंचायतों में दवा देकर आ रहे हैं। -योगेश सारस्वत, जिला मलेरिया अधिकारी