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लोडेड ट्रकों ने बिगाड़ दी रेलवे रोड की सूरत
उझानी।
Updated Sun, 10 Sep 2017 12:39 AM IST
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सड़क
- फोटो : अमर उजाला
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मैनपुरी-एटा की ओर से गुजरते हैं रोजाना दर्जनों भारी वाहन
रेल महकमे ने पिछले साल कराया था सीसी रोड का निर्माण
कादरचौक के रास्ते एटा, इटावा और मैनपुरी के लिए गुजरने वाले भारी वाहनों ने कम दूरी के फेर में रेलवे रोड को अपना लिया है। रेलवे के सीसी रोड की लोडेड ट्रकों के लिहाज से क्षमता नहीं है लेकिन रोजाना ही कई ट्रक गुजरते हैं। स्टेशन के आसपास तो लोडेड ट्रकों ने सड़क की सूरत ही बिगाड़ दी है।
पूर्वोतर रेलवे की बरेली-कासगंज लाइन को ब्राडगेज में तब्दील कराने के बाद विभाग ने पिछले साल स्टेशन के आसपास सीसी रोड और बुर्रा फाटक के नजदीक एप्रोच रोड का निर्माण कराया था। इसके पीछे मकसद रहा कि स्टेशन पर आने-जाने वाले छोटे और मेटाडोर जैसे वाहनों की आवाजाही में कोई दिक्कत नहीं हो। रेलवे स्टेशन के बराबर से बुर्रा रोड क्रॉसिंग तक बने सीसी रोड पर शुरू में तो छोटे वाहनों की आवाजाही रही लेकिन बदायूं से कादरचौक के रास्ते मैनपुरी, एटा और इटावा की ओर आने-जाने वाले वाहन चालकों को पता लगा कि संभल, मुरादाबाद के लिए रूट उझानी होकर शार्ट रहेगा तो उन्होंने कादरचौक से ककोड़ा होकर इस ओर वाहन दौड़ने शुरू कर दिए। नतीजतन, कादरचौक रोड और रेलवे स्टेशन के आसपास के सीसी रोड पर गहरे गड्डे हो गए हैं।
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स्टेशन के मेन गेट के सामने हो गया गड्ढा
उझानी। रेलवे स्टेशन के सामने रेलवे की सीसी रोड और पालिका प्रशासन की सड़क के बीच खाली पड़ी करीब एक मीटर भूमि पर पांच महीना पहले एप्रोच रोड बनी थी। डॉमरीकरण से बनी एप्रोच रोड की क्षमता भारी वाहनों के अनुरूप नहीं थी लेकिन कादरचौक के रास्ते तीन-चार महीनों से भारी वाहनों की जिस तरह से आवाजाही बढ़ी है, उसकी चपेट में आकर एप्रोच रोड जवाब दे गई है। अब तो स्टेशन के मेन गेट के सामने ही गहरा गड्डा हो गया। जिसमें एक महीना से भरा नालियों का पानी सूखने का नाम ही ले रहा है।
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पथरीला हो गया बुर्राफाटक
कादरचौक की ओर से नगर में प्रवेश करने पर सबसे पहले आपको बुर्राफाटक से गुजरना होगा। कादरचौक ही नहीं बल्कि वाया सकरी जंगल होकर उसहैत क्षेत्र के संपर्क मार्ग का भी रेलवे का बुर्राफाटक से ताल्लुक है। एटा जिले की ओर से अनाज लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ लोडेड ट्रकों की गुजरने की वजह से क्रॉसिंग के दोनों ओर रेलवे की सड़क उखड़कर गड्डों में तब्दील हो गई है। कई बार तो बाइक सवार लोग इस पथरीले रास्ते पर फिसलकर घायल भी हो चुके हैं लेकिन रेलवे की ओर से अब तक मरम्मत कराने की जरूरत महसूस नहीं की गई है।
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वर्जन
सीसी रोड का निर्माण रेलवे ने कराया था। इसकी आवाजाही छोटे वाहनों के लिए है लेकिन अब तो लोडेड भारी वाहन भी गुजरते हैं। इसी वजह से सड़क खस्ताहाल हो गई है। स्टेशन के मेनगेट पर एप्रोच रोड को गुड्डा मुक्त कराने के लिए पालिका प्रशासन से संपर्क साधा गया है।
- चंद्रभूषण सिंह, सहायक स्टेशन मास्टर
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रेल महकमे ने पिछले साल कराया था सीसी रोड का निर्माण
कादरचौक के रास्ते एटा, इटावा और मैनपुरी के लिए गुजरने वाले भारी वाहनों ने कम दूरी के फेर में रेलवे रोड को अपना लिया है। रेलवे के सीसी रोड की लोडेड ट्रकों के लिहाज से क्षमता नहीं है लेकिन रोजाना ही कई ट्रक गुजरते हैं। स्टेशन के आसपास तो लोडेड ट्रकों ने सड़क की सूरत ही बिगाड़ दी है।
पूर्वोतर रेलवे की बरेली-कासगंज लाइन को ब्राडगेज में तब्दील कराने के बाद विभाग ने पिछले साल स्टेशन के आसपास सीसी रोड और बुर्रा फाटक के नजदीक एप्रोच रोड का निर्माण कराया था। इसके पीछे मकसद रहा कि स्टेशन पर आने-जाने वाले छोटे और मेटाडोर जैसे वाहनों की आवाजाही में कोई दिक्कत नहीं हो। रेलवे स्टेशन के बराबर से बुर्रा रोड क्रॉसिंग तक बने सीसी रोड पर शुरू में तो छोटे वाहनों की आवाजाही रही लेकिन बदायूं से कादरचौक के रास्ते मैनपुरी, एटा और इटावा की ओर आने-जाने वाले वाहन चालकों को पता लगा कि संभल, मुरादाबाद के लिए रूट उझानी होकर शार्ट रहेगा तो उन्होंने कादरचौक से ककोड़ा होकर इस ओर वाहन दौड़ने शुरू कर दिए। नतीजतन, कादरचौक रोड और रेलवे स्टेशन के आसपास के सीसी रोड पर गहरे गड्डे हो गए हैं।
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स्टेशन के मेन गेट के सामने हो गया गड्ढा
उझानी। रेलवे स्टेशन के सामने रेलवे की सीसी रोड और पालिका प्रशासन की सड़क के बीच खाली पड़ी करीब एक मीटर भूमि पर पांच महीना पहले एप्रोच रोड बनी थी। डॉमरीकरण से बनी एप्रोच रोड की क्षमता भारी वाहनों के अनुरूप नहीं थी लेकिन कादरचौक के रास्ते तीन-चार महीनों से भारी वाहनों की जिस तरह से आवाजाही बढ़ी है, उसकी चपेट में आकर एप्रोच रोड जवाब दे गई है। अब तो स्टेशन के मेन गेट के सामने ही गहरा गड्डा हो गया। जिसमें एक महीना से भरा नालियों का पानी सूखने का नाम ही ले रहा है।
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पथरीला हो गया बुर्राफाटक
कादरचौक की ओर से नगर में प्रवेश करने पर सबसे पहले आपको बुर्राफाटक से गुजरना होगा। कादरचौक ही नहीं बल्कि वाया सकरी जंगल होकर उसहैत क्षेत्र के संपर्क मार्ग का भी रेलवे का बुर्राफाटक से ताल्लुक है। एटा जिले की ओर से अनाज लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ लोडेड ट्रकों की गुजरने की वजह से क्रॉसिंग के दोनों ओर रेलवे की सड़क उखड़कर गड्डों में तब्दील हो गई है। कई बार तो बाइक सवार लोग इस पथरीले रास्ते पर फिसलकर घायल भी हो चुके हैं लेकिन रेलवे की ओर से अब तक मरम्मत कराने की जरूरत महसूस नहीं की गई है।
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वर्जन
सीसी रोड का निर्माण रेलवे ने कराया था। इसकी आवाजाही छोटे वाहनों के लिए है लेकिन अब तो लोडेड भारी वाहन भी गुजरते हैं। इसी वजह से सड़क खस्ताहाल हो गई है। स्टेशन के मेनगेट पर एप्रोच रोड को गुड्डा मुक्त कराने के लिए पालिका प्रशासन से संपर्क साधा गया है।
- चंद्रभूषण सिंह, सहायक स्टेशन मास्टर