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बदायूं में भूमि अधिग्रहण का लक्ष्य नहीं हुआ पूरा
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बदायूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को शाहजहांपुर में गंगा एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास करेंगे, लेकिन अब तक जिले में शत प्रतिशत भूमि अधिग्रहण पूरा नहीं हो सका है। सबसे ज्यादा करीब 45 हेक्टेयर विवादित भूमि का अधिग्रहण शाहजहांपुर से सटी जिले की दातागंज तहसील में नहीं हो सका है। दातागंज तहसील के 27 गांवों से होकर एक्सप्रेस-वे गुजरेगा। यहां कुल 264.7348 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है।
मेरठ से प्रयागराज जाने वाला करीब 595 किमी लंबा गंगा एक्सप्रेस-वे बदायूं की चार तहसीलों के 85 गांवों में करीब 95 किमी दूरी तय करेगा। 12 जिलों से होकर गुजरने वाले गंगा एक्सप्रेस-वे की सबसे ज्यादा लंबाई बदायूं जिले में होगी। एक्सप्रेस-वे बिसौली के 38, बदायूं के 18 और बिल्सी तहसील के दो और दातागंज के 27 गांवों से होकर शाहजहांपुर की सीमा में प्रवेश करेगा। गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए जिले में 1059.3538 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। एक्सप्रेस-वे के शिलान्यास से पहले जिले को शत-प्रतिशत भूमि अधिग्रहण का लक्ष्य पूरा करने का आदेश दिया गया था। इसके लिए विवादित जमीनों का निस्तारण कर उनके बैनामे कराकर अधिग्रहीत करने के लिए डीएम दीपा रंजन ने तहसील स्तर पर कमेटियां भी बनाई थीं। सभी मामलों का निस्तारण 24 नवंबर तक किया जाना था।
तय समय के बाद भी विवादित मामलों का निस्तारण न होने से एक्सप्रेस-वे के लिए शत-प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण शुरू नहीं हो सका है। पूरे लक्ष्य की बात करें तो अब तक जिले में 96 प्रतिशत अधिग्रहण का लक्ष्य ही पूरा हो सका है। दातागंज तहसील में अब तक 49 फीसदी विवादित जमीन अधिग्रहीत न होने से सवाल उठ रहे हैं। जिले में अब तक भूमि अधिग्रहण के बदले 840 करोड़ का मुआवजा दिया जा चुका है।
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फरवरी में शुरू हुआ था एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि अधिग्रहण
गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए फरवरी 2021 में भूमि अधिग्रहण शुरू किया गया था। बिसौली के 38 गांवों में 511.222, बिल्सी के दो गांवों में 23.424, बदायूं के 18 गांवों में 259.973 और दातागंज 27 गांवों में 264.7348 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना था। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी करने के लिए तहसील स्तर पर सब रजिस्ट्रार कार्यालयों में गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए बैनामों के लिए अलग से काउंटर खोले गए थे। शुरू में तो काम तेजी से चला, लेकिन बाद में रफ्तार कम होने लगी। पिछले दिनों पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण के बाद शासन स्तर से निर्देश मिलने पर एक बार फिर से गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज हुई थी, लेकिन अब शिलान्यास का समय आ गया है और अधिग्रहण अब भी पूरा नहीं हो सका है।
बदायूं समेत 12 जिलों से गुजरेगा एक्सप्रेस वे, विकास की तेज होगी रफ्तार
बदायूं। गंगा एक्सप्रेस वे मेरठ से प्रयागराज तक 12 जिलों को जोड़ेगा। इनमें बदायूं से सटे जिले संभल, शाहजहांपुर भी शामिल हैं। एक्सप्रेस वे की सबसे ज्यादा लंबाई करीब 92 किमी बदायूं में है। एक्सप्रेस वे बनने के बाद जिले से मेरठ व प्रयागराज का सफर आसान हो जाएगा। व्यापार व अन्य गतिविधियों को पंख लगेंगे और पिछड़ा माने जाने वाला बदायूं जिला भी तरक्की की राह पर तेजी से रफ्तार भरेगा। संवाद
भूमि अधिग्रहण से संबंधित बैनामों का 96 फीसदी से ज्यादा काम पूरा हो गया है। बैनामों के लिए धन की कमी नहीं है। दातागंज क्षेत्र में करीब 49 हेक्टेयर भूमि के बैनामे होने शेष हैं। इनमें भी अधिकतर भूमि विभिन्न विवादों से संबंधित है। शासन के निर्देश का इंतजार है, इसके बाद अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। संबंधित धन कोर्ट या अधिकारियों के निर्देश पर पात्र लोगों को दे दिया जाएगा।
- संतोष कुमार वैश्य, एडीएम एफआर
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मेरठ से प्रयागराज जाने वाला करीब 595 किमी लंबा गंगा एक्सप्रेस-वे बदायूं की चार तहसीलों के 85 गांवों में करीब 95 किमी दूरी तय करेगा। 12 जिलों से होकर गुजरने वाले गंगा एक्सप्रेस-वे की सबसे ज्यादा लंबाई बदायूं जिले में होगी। एक्सप्रेस-वे बिसौली के 38, बदायूं के 18 और बिल्सी तहसील के दो और दातागंज के 27 गांवों से होकर शाहजहांपुर की सीमा में प्रवेश करेगा। गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए जिले में 1059.3538 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। एक्सप्रेस-वे के शिलान्यास से पहले जिले को शत-प्रतिशत भूमि अधिग्रहण का लक्ष्य पूरा करने का आदेश दिया गया था। इसके लिए विवादित जमीनों का निस्तारण कर उनके बैनामे कराकर अधिग्रहीत करने के लिए डीएम दीपा रंजन ने तहसील स्तर पर कमेटियां भी बनाई थीं। सभी मामलों का निस्तारण 24 नवंबर तक किया जाना था।
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तय समय के बाद भी विवादित मामलों का निस्तारण न होने से एक्सप्रेस-वे के लिए शत-प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण शुरू नहीं हो सका है। पूरे लक्ष्य की बात करें तो अब तक जिले में 96 प्रतिशत अधिग्रहण का लक्ष्य ही पूरा हो सका है। दातागंज तहसील में अब तक 49 फीसदी विवादित जमीन अधिग्रहीत न होने से सवाल उठ रहे हैं। जिले में अब तक भूमि अधिग्रहण के बदले 840 करोड़ का मुआवजा दिया जा चुका है।
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फरवरी में शुरू हुआ था एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि अधिग्रहण
गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए फरवरी 2021 में भूमि अधिग्रहण शुरू किया गया था। बिसौली के 38 गांवों में 511.222, बिल्सी के दो गांवों में 23.424, बदायूं के 18 गांवों में 259.973 और दातागंज 27 गांवों में 264.7348 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना था। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी करने के लिए तहसील स्तर पर सब रजिस्ट्रार कार्यालयों में गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए बैनामों के लिए अलग से काउंटर खोले गए थे। शुरू में तो काम तेजी से चला, लेकिन बाद में रफ्तार कम होने लगी। पिछले दिनों पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण के बाद शासन स्तर से निर्देश मिलने पर एक बार फिर से गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज हुई थी, लेकिन अब शिलान्यास का समय आ गया है और अधिग्रहण अब भी पूरा नहीं हो सका है।
बदायूं समेत 12 जिलों से गुजरेगा एक्सप्रेस वे, विकास की तेज होगी रफ्तार
बदायूं। गंगा एक्सप्रेस वे मेरठ से प्रयागराज तक 12 जिलों को जोड़ेगा। इनमें बदायूं से सटे जिले संभल, शाहजहांपुर भी शामिल हैं। एक्सप्रेस वे की सबसे ज्यादा लंबाई करीब 92 किमी बदायूं में है। एक्सप्रेस वे बनने के बाद जिले से मेरठ व प्रयागराज का सफर आसान हो जाएगा। व्यापार व अन्य गतिविधियों को पंख लगेंगे और पिछड़ा माने जाने वाला बदायूं जिला भी तरक्की की राह पर तेजी से रफ्तार भरेगा। संवाद
भूमि अधिग्रहण से संबंधित बैनामों का 96 फीसदी से ज्यादा काम पूरा हो गया है। बैनामों के लिए धन की कमी नहीं है। दातागंज क्षेत्र में करीब 49 हेक्टेयर भूमि के बैनामे होने शेष हैं। इनमें भी अधिकतर भूमि विभिन्न विवादों से संबंधित है। शासन के निर्देश का इंतजार है, इसके बाद अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। संबंधित धन कोर्ट या अधिकारियों के निर्देश पर पात्र लोगों को दे दिया जाएगा।
- संतोष कुमार वैश्य, एडीएम एफआर