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एंबुलेंस के इंतजार में गर्भवती महिला ने सड़क पर जन्मा बच्चा
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बदायूं। शहर में मंगलवार को गर्भवती महिला को 102 एंबुलेंस का इंतजार करना भारी पड़ गया। परिवार वाले उसे किसी दूसरी गाड़ी से ले जाने के लिए घर से निकालकर सड़क पर ले आए। इसी बीच महिला की सड़क किनारे डिलीवरी हो गई। यह देखकर आसपास की महिलाएं इकट्ठी हो गईं। उन्होंने धोती का पर्दा कर डिलीवरी कराई। बाद में जच्चा-बच्चा को महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला लालपुल निवासी शिखा (22) पत्नी संजू को मंगलवार सुबह करीब दस बजे प्रसव पीड़ा हुई। परिवार वालों ने गर्भवती महिला की हालत देखकर तुरंत 102 एंबुलेंस को फोन कर दिया। चूंकि शिखा का पहला बच्चा था। इससे परिवार वाले भी काफी चिंतित थे। महिला की पीड़ा लगातार बढ़ती जा रही थी। उनका घर मुख्य मार्ग से अंदर गली में है। वहां तक एंबुलेंस नहीं पहुंचती। इससे परिवार वाले समय बचाते हुए गर्भवती महिला को घर से निकालकर सड़क पर ले आए। फिर उन्होंने एंबुलेंस के इंतजार में महिला को सड़क किनारे लिटा दिया। एंबुलेंस पहुंचती, उससे पहले शिखा की प्रसव पीढ़ा बढ़ गई। यह देखकर मौके पर आसपास की कई महिलाएं जमा हो गईं। उनमें से कुछ बुजुर्ग महिलाएं थीं, जिन्होंने परिवार वालों को शांति बनाए रखने सलाह दी। तब तक कुछ महिलाओं ने साड़ी का पर्दा कर डिलीवरी कराई। परिवार वाले बच्चे को तुरंत बाइक से महिला अस्पताल ले गए। बाद में एंबुलेंस पहुंची, तब महिला को अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल जच्चा- बच्चा सुरक्षित हैं।
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सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला लालपुल निवासी शिखा (22) पत्नी संजू को मंगलवार सुबह करीब दस बजे प्रसव पीड़ा हुई। परिवार वालों ने गर्भवती महिला की हालत देखकर तुरंत 102 एंबुलेंस को फोन कर दिया। चूंकि शिखा का पहला बच्चा था। इससे परिवार वाले भी काफी चिंतित थे। महिला की पीड़ा लगातार बढ़ती जा रही थी। उनका घर मुख्य मार्ग से अंदर गली में है। वहां तक एंबुलेंस नहीं पहुंचती। इससे परिवार वाले समय बचाते हुए गर्भवती महिला को घर से निकालकर सड़क पर ले आए। फिर उन्होंने एंबुलेंस के इंतजार में महिला को सड़क किनारे लिटा दिया। एंबुलेंस पहुंचती, उससे पहले शिखा की प्रसव पीढ़ा बढ़ गई। यह देखकर मौके पर आसपास की कई महिलाएं जमा हो गईं। उनमें से कुछ बुजुर्ग महिलाएं थीं, जिन्होंने परिवार वालों को शांति बनाए रखने सलाह दी। तब तक कुछ महिलाओं ने साड़ी का पर्दा कर डिलीवरी कराई। परिवार वाले बच्चे को तुरंत बाइक से महिला अस्पताल ले गए। बाद में एंबुलेंस पहुंची, तब महिला को अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल जच्चा- बच्चा सुरक्षित हैं।
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