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कासगंज बवाल से रेलवे और रोडवेज को लाखों का नुकसान
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बदायूं
Updated Fri, 02 Feb 2018 06:38 PM IST
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कासगंज में तिरंगा यात्रा के दौरान हत्या और बवाल के बाद तीन दिन तक रोडवेज बसों के पहिये थमने से परिवहन निगम को लाखों रुपये का नुकसान हुआ। वहीं रेलवे को भी इस वजह से मुसाफिर नहीं मिल सके। तीन दिन बाद वहां के हालात सही होने पर बसों का संचालन हो सका तो रोडवेज ने घाटे को पूरा करने के लिए बसों के फेरे बढ़ाए हैं।
26 जनवरी को हुए बवाल से पहले बदायूं डिपो की लगभग 15 बसें रोज कासगंज जा रही थीं। इतनी ही बसें कासगंज से बदायूं के लिए दौड़ रही थीं। ऐसे में रोडवेज को रोज साठ से सत्तर हजार रुपये का राजस्व मिल रहा था। कासगंज तिरंगा यात्रा बवाल के बाद तीन दिन तक बसों का संचालन नहीं हुआ। इससे विभाग को लगभग तीन लाख रुपये का घाटा हुआ। बसों का संचालन शुरू होते ही रोडवेज को अपना घाटा पूरा करने के लिए बसों के फेरे बढ़ाने पड़े हैं। हालांकि अभी भी बसों को शाम के बाद पर्याप्त सवारियां नहीं मिल पा रही हैं। वहीं कासगंज से बरेली की ओर जाने वाली ट्रेनों में भी सवारियों का टोटा रहा। इससे रेलवे को भी लाखों का घाटा हुआ है। खासकर रात में चलने वाली ट्रेनें खाली रहीं। अब हालात सुधरने के बाद दिन की ट्रेनों में खूब मुसाफिर मिल रहे हैं। रेलवे भी अपने घाटे को पूरा करने में लगा हुआ है।
कासगंज में हुए बवाल से बदायूं डिपो को दो लाख से अधिक का नुकसान हो चुका है। बसों के संचालन पर ब्रेक रहा तो मुसाफिर भी कम ही निकले। अब घाटे से उबरने के लिए बसों के फेरे बढ़ाकर अधिक सवारियां लेने का प्रयास किया जा रहा है।- राजेश कुमार, एआरएम
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26 जनवरी को हुए बवाल से पहले बदायूं डिपो की लगभग 15 बसें रोज कासगंज जा रही थीं। इतनी ही बसें कासगंज से बदायूं के लिए दौड़ रही थीं। ऐसे में रोडवेज को रोज साठ से सत्तर हजार रुपये का राजस्व मिल रहा था। कासगंज तिरंगा यात्रा बवाल के बाद तीन दिन तक बसों का संचालन नहीं हुआ। इससे विभाग को लगभग तीन लाख रुपये का घाटा हुआ। बसों का संचालन शुरू होते ही रोडवेज को अपना घाटा पूरा करने के लिए बसों के फेरे बढ़ाने पड़े हैं। हालांकि अभी भी बसों को शाम के बाद पर्याप्त सवारियां नहीं मिल पा रही हैं। वहीं कासगंज से बरेली की ओर जाने वाली ट्रेनों में भी सवारियों का टोटा रहा। इससे रेलवे को भी लाखों का घाटा हुआ है। खासकर रात में चलने वाली ट्रेनें खाली रहीं। अब हालात सुधरने के बाद दिन की ट्रेनों में खूब मुसाफिर मिल रहे हैं। रेलवे भी अपने घाटे को पूरा करने में लगा हुआ है।
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कासगंज में हुए बवाल से बदायूं डिपो को दो लाख से अधिक का नुकसान हो चुका है। बसों के संचालन पर ब्रेक रहा तो मुसाफिर भी कम ही निकले। अब घाटे से उबरने के लिए बसों के फेरे बढ़ाकर अधिक सवारियां लेने का प्रयास किया जा रहा है।- राजेश कुमार, एआरएम
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