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Budaun News: जलनिगम ने बिना अनुमति के खोद दी थी म्याऊ-हजरतपुर रोड
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लोक निर्माण विभाग से मांगी गई आरटीआई से हुआ खुलासा
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। म्याऊ-हजरतपुर रोड पर गौंतरा-नवीगंज के बीच जलनिगम ने बिना अनुमति के सड़क खोदी थी। इसका खुलासा आरटीआई के तहत हुआ है। लोक निर्माण विभाग ने मांगी गई सूचना के जवाब में गौंतरा और नवीगंज के बीच सड़क खोदने को अनुमति देने का कोई जिक्र नहीं किया है जबकि कुछ स्थानों पर अनुमति देने का जिक्र किया गया है। इससे माना जा रहा है कि जल निगम ने मनमाने ढंग से सड़क खोद डाली, जिससे चार स्कूली बच्चों समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी।
अधिवक्ता व आरटीआई एक्टिविस्ट हरिप्रताप सिंह राठौड़ ने उसावां हादसे को लेकर तीन नवंबर 2023 को लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता और एआरटीओ कार्यालय से जनसूचना मांगी थी। इसमें एआरटीओ कार्यालय की ओर से अब तक जनसूचना प्राप्त नहीं कराई लेकिन अधिशासी अभियंता की ओर से 21 दिसंबर को जो सूचना उपलब्ध कराई गई, वास्तव में वह काफी चौंकाने वाली रही।
लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड की ओर से दिए गए जवाब में जगत ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत नरेली महोरा, रूपपुरा, जखेली और जगुआसई, विकास खंड कादरचौक की ग्राम पंचायत जैतपुर पुख्ता, कुंडेली, बदुल्लागंज, सुरखा, मुगर्रा, जरासी और बाराचिर्रा, विकास खंड म्याऊ की ग्राम पंचायत अलापुर, चंडी फाजिल और चंगासी में सड़क के मध्य रेखा से सात-सात मीटर छोड़कर, सात शर्तों के अधीन सड़क खोदने की अनुमति प्रदान की गई थी।
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इसमें यह भी कहा गया कि खोदे गए गड्ढे की बेरिकेडिंग करने, काटी गई सड़कों की मरम्मत करने, उसकी वीडियोग्राफी करने की जिम्मेदारी भी जल निगम को निभानी थी लेकिन गौंतरा और नवीगंज के बीच सड़क की पटरी खोदकर पाइप लाइन बिछाने की अनुमति प्रदान नहीं की गई। इसके बावजूद जल निगम के जिम्मेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई।
अधिवक्ता का कहना है कि लोक निर्माण विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए पत्रों से यह भी स्पष्ट है कि जल निगम द्वारा जनपद में अन्यत्र बिना अनुमति के मिलीभगत से सड़क को काटकर, गड्ढे खुले छोड़ दिए गए। हादसे की जांच के लिए गठित समिति ने अपनी आख्या डीएम को सौंप दी है, लेकिन आख्या सार्वजनिक नहीं की गई है। उन्हाेंने डीएम और कमिश्नर से जांच आख्या सार्वजनिक करने की मांग की है।
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अधिवक्ता ने जो आरटीआई के तहत सूचना मांगी थी, उन्हें उपलब्ध करा दी गई है। जल निगम ने बिना अनुमति के सड़क नहीं खोदी थी। अलग-अलग-जगह सड़क खोदने की अलग-अलग तारीख में अनुमति प्रदान की गई है।
- मनीष कुमार, एक्सईएन लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड
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संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। म्याऊ-हजरतपुर रोड पर गौंतरा-नवीगंज के बीच जलनिगम ने बिना अनुमति के सड़क खोदी थी। इसका खुलासा आरटीआई के तहत हुआ है। लोक निर्माण विभाग ने मांगी गई सूचना के जवाब में गौंतरा और नवीगंज के बीच सड़क खोदने को अनुमति देने का कोई जिक्र नहीं किया है जबकि कुछ स्थानों पर अनुमति देने का जिक्र किया गया है। इससे माना जा रहा है कि जल निगम ने मनमाने ढंग से सड़क खोद डाली, जिससे चार स्कूली बच्चों समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी।
अधिवक्ता व आरटीआई एक्टिविस्ट हरिप्रताप सिंह राठौड़ ने उसावां हादसे को लेकर तीन नवंबर 2023 को लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता और एआरटीओ कार्यालय से जनसूचना मांगी थी। इसमें एआरटीओ कार्यालय की ओर से अब तक जनसूचना प्राप्त नहीं कराई लेकिन अधिशासी अभियंता की ओर से 21 दिसंबर को जो सूचना उपलब्ध कराई गई, वास्तव में वह काफी चौंकाने वाली रही।
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लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड की ओर से दिए गए जवाब में जगत ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत नरेली महोरा, रूपपुरा, जखेली और जगुआसई, विकास खंड कादरचौक की ग्राम पंचायत जैतपुर पुख्ता, कुंडेली, बदुल्लागंज, सुरखा, मुगर्रा, जरासी और बाराचिर्रा, विकास खंड म्याऊ की ग्राम पंचायत अलापुर, चंडी फाजिल और चंगासी में सड़क के मध्य रेखा से सात-सात मीटर छोड़कर, सात शर्तों के अधीन सड़क खोदने की अनुमति प्रदान की गई थी।
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इसमें यह भी कहा गया कि खोदे गए गड्ढे की बेरिकेडिंग करने, काटी गई सड़कों की मरम्मत करने, उसकी वीडियोग्राफी करने की जिम्मेदारी भी जल निगम को निभानी थी लेकिन गौंतरा और नवीगंज के बीच सड़क की पटरी खोदकर पाइप लाइन बिछाने की अनुमति प्रदान नहीं की गई। इसके बावजूद जल निगम के जिम्मेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई।
अधिवक्ता का कहना है कि लोक निर्माण विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए पत्रों से यह भी स्पष्ट है कि जल निगम द्वारा जनपद में अन्यत्र बिना अनुमति के मिलीभगत से सड़क को काटकर, गड्ढे खुले छोड़ दिए गए। हादसे की जांच के लिए गठित समिति ने अपनी आख्या डीएम को सौंप दी है, लेकिन आख्या सार्वजनिक नहीं की गई है। उन्हाेंने डीएम और कमिश्नर से जांच आख्या सार्वजनिक करने की मांग की है।
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अधिवक्ता ने जो आरटीआई के तहत सूचना मांगी थी, उन्हें उपलब्ध करा दी गई है। जल निगम ने बिना अनुमति के सड़क नहीं खोदी थी। अलग-अलग-जगह सड़क खोदने की अलग-अलग तारीख में अनुमति प्रदान की गई है।
- मनीष कुमार, एक्सईएन लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड