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जनता के बीच कमजोर पकड़ वाले विधायकों का टिकट कटना तय
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बदायूं। विधानसभा चुनावों का समय नजदीक आने के साथ ही राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ती जा रही हैं। फिलहाल भाजपा का ज्यादा फोकस संगठन पर है। दिसंबर में भाजपा की कई संगठनात्मक बैठकें होनी हैं। इन बैठकों में केंद्रीय राज्यमंत्री अर्जुन मेघवाल, प्रदेश मंत्री और ब्रज क्षेत्र प्रभारी अश्वनी त्यागी, प्रदेश के सह प्रभारी संजीव चौरसिया भी हिस्सा लेंगे। इससे पहले पार्टी संगठन की ओर से विधायकों के कामकाज और जनता के बीच उनकी पकड़ी को लेकर सर्वे कराया जा रहा है। जनता के बीच कमजोर पकड़ वाले विधायकों का टिकट कटना या क्षेत्र बदलना तय माना जा है।
भाजपा का 2017 के चुनाव में जिले में अभूतपूर्व प्रदर्शन रहा। छह में से पांच सीटों पर भाजपा ने कब्जा किया। 2019 में लोकसभा सीट और 2021 में जिला पंचायत अध्यक्ष पद भी भाजपा ने कब्जा लिया। जिले में भाजपा के सामने 2022 में भी 2017 जैसा प्रदर्शन दोहराने की चुनौती है। ऐसे में पार्टी संगठन के साथ संघ भी हर पहलू को देख रहा है। शहर, बिल्सी, सहसवान सीटों पर भाजपा से टिकट के दावेदारों की लाइन है। हालांकि, पार्टी ने अभी टिकट पर विचार शुरू नहीं किया है, लेकिन दावेदार अपने पक्ष में माहौल बनाने में लगे हुए हैं।
पार्टी सूत्रों की मानें तो हाईकमान के स्तर से जिले भर में पार्टी विधायकों के कामकाज के साथ उनकी जनता के बीच पकड़ और लोकप्रियता का सर्वे कराया जा रहा है। टिकट निर्धारण में यह सर्वे अहम भूमिका निभाने वाला है। सूत्रों की मानें तो सर्वे में विधायक विधानसभा क्षेत्र में कराए गए कार्य, जनता के बीच विधायक की छवि, सक्रियता के साथ ही विधायक की दूसरे राजनीतिक दलों के साथ संबंधों का फीडबैक भी लिया जा रहा है। जातीय और धार्मिक समीकरणों के साथ यह भी देखा जा रहा है कि टिकट कटने पर बेहतर संभावित उम्मीदवार कौन हो सकता है, इस पर भी सर्वे किया जा रहा है।
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पार्टी का पूरा ध्यान संगठन की मजबूती पर है। टिकट निर्धारण पर अभी विचार शुरू नहीं हुआ है। टिकट तय करना हाईकमान का काम है। जिसको भी प्रत्याशी बनाया जाएगा पूरा संगठन उसको जिताकर विधानसभा भेजेगा। दिसंबर में होने वाली संगठनात्मक बैठकों में कई बड़े नेता शामिल होंगे। बैठकें मंडल स्तर तक होंगी। जिले में 30 मंडल हैं। सर्वे आदि पार्टी हाईकमान के स्तर से हो रहे हैं। भाजपा सभी छह सीटों पर कब्जा करेगी। - राजीव गुप्ता, जिलाध्यक्ष भाजपा
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भाजपा का 2017 के चुनाव में जिले में अभूतपूर्व प्रदर्शन रहा। छह में से पांच सीटों पर भाजपा ने कब्जा किया। 2019 में लोकसभा सीट और 2021 में जिला पंचायत अध्यक्ष पद भी भाजपा ने कब्जा लिया। जिले में भाजपा के सामने 2022 में भी 2017 जैसा प्रदर्शन दोहराने की चुनौती है। ऐसे में पार्टी संगठन के साथ संघ भी हर पहलू को देख रहा है। शहर, बिल्सी, सहसवान सीटों पर भाजपा से टिकट के दावेदारों की लाइन है। हालांकि, पार्टी ने अभी टिकट पर विचार शुरू नहीं किया है, लेकिन दावेदार अपने पक्ष में माहौल बनाने में लगे हुए हैं।
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पार्टी सूत्रों की मानें तो हाईकमान के स्तर से जिले भर में पार्टी विधायकों के कामकाज के साथ उनकी जनता के बीच पकड़ और लोकप्रियता का सर्वे कराया जा रहा है। टिकट निर्धारण में यह सर्वे अहम भूमिका निभाने वाला है। सूत्रों की मानें तो सर्वे में विधायक विधानसभा क्षेत्र में कराए गए कार्य, जनता के बीच विधायक की छवि, सक्रियता के साथ ही विधायक की दूसरे राजनीतिक दलों के साथ संबंधों का फीडबैक भी लिया जा रहा है। जातीय और धार्मिक समीकरणों के साथ यह भी देखा जा रहा है कि टिकट कटने पर बेहतर संभावित उम्मीदवार कौन हो सकता है, इस पर भी सर्वे किया जा रहा है।
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पार्टी का पूरा ध्यान संगठन की मजबूती पर है। टिकट निर्धारण पर अभी विचार शुरू नहीं हुआ है। टिकट तय करना हाईकमान का काम है। जिसको भी प्रत्याशी बनाया जाएगा पूरा संगठन उसको जिताकर विधानसभा भेजेगा। दिसंबर में होने वाली संगठनात्मक बैठकों में कई बड़े नेता शामिल होंगे। बैठकें मंडल स्तर तक होंगी। जिले में 30 मंडल हैं। सर्वे आदि पार्टी हाईकमान के स्तर से हो रहे हैं। भाजपा सभी छह सीटों पर कब्जा करेगी। - राजीव गुप्ता, जिलाध्यक्ष भाजपा