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Budaun News: मुख्य वन संरक्षक के निर्देश के बाद भी नहीं आई जांच आख्या, दोबारा जारी हुआ पत्र
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बदायूं। वनरक्षक शगुन पाराशर के खिलाफ शिकायत की जांच चार महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी पूरी नहीं हुई है। जांच आख्या नहीं मिलने पर वन एवं वन्यजीव विभाग के उच्चाधिकारी ने प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी प्रभाग को दोबारा पत्र जारी कर जांच पूरी कर तथ्यात्मक रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
शगुन पाराशर के खिलाफ शिकायत में आपराधिक मामले में एफआईआर दर्ज होने की जानकारी छिपाकर विभाग से वेतन आहरण और बोनस का भुगतान लेने समेत कई आरोप लगाए गए हैं। मामले में मुख्य वन संरक्षक एवं प्रभारी वन संरक्षक की ओर से पहले 19 मार्च 2026 को पत्र जारी कर शिकायत में उठाए गए बिंदुओं की जांच कर रिपोर्ट मांगी गई थी।
जवाब न मिलने पर चार जुलाई को रिमांडर भी भेजा गया। इसमें कहा गया है कि 19 मार्च को भेजे गए पत्र के माध्यम से शिकायत की छाया प्रति उपलब्ध कराते हुए स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि मामले में जांच कर आख्या भेजी जाए। बावजूद इसके अब तक रिपोर्ट नहीं भेजी गई। पत्र के अनुसार प्रभागीय निदेशक को दोबारा तत्काल जांच कर तथ्यात्मक रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया है। बिसौली के साहनपुर निवासी हिमांशु पाराशर का आरोप है कि शगुन पाराशर के खिलाफ जो भी जांच आती है, अधिकारी व कर्मचारी उसे दबा देते हैं।
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इस तरह की शिकायत तो आई थी, इसको दिखवाते हैं, क्या मामला था। फिलहाल शगुन का स्थानांतरण दूसरे जनपद में कर दिया गया है। -विनीता सिंह, डीएफओ
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शगुन पाराशर के खिलाफ शिकायत में आपराधिक मामले में एफआईआर दर्ज होने की जानकारी छिपाकर विभाग से वेतन आहरण और बोनस का भुगतान लेने समेत कई आरोप लगाए गए हैं। मामले में मुख्य वन संरक्षक एवं प्रभारी वन संरक्षक की ओर से पहले 19 मार्च 2026 को पत्र जारी कर शिकायत में उठाए गए बिंदुओं की जांच कर रिपोर्ट मांगी गई थी।
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जवाब न मिलने पर चार जुलाई को रिमांडर भी भेजा गया। इसमें कहा गया है कि 19 मार्च को भेजे गए पत्र के माध्यम से शिकायत की छाया प्रति उपलब्ध कराते हुए स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि मामले में जांच कर आख्या भेजी जाए। बावजूद इसके अब तक रिपोर्ट नहीं भेजी गई। पत्र के अनुसार प्रभागीय निदेशक को दोबारा तत्काल जांच कर तथ्यात्मक रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया है। बिसौली के साहनपुर निवासी हिमांशु पाराशर का आरोप है कि शगुन पाराशर के खिलाफ जो भी जांच आती है, अधिकारी व कर्मचारी उसे दबा देते हैं।
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इस तरह की शिकायत तो आई थी, इसको दिखवाते हैं, क्या मामला था। फिलहाल शगुन का स्थानांतरण दूसरे जनपद में कर दिया गया है। -विनीता सिंह, डीएफओ