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सिमरी में सियार के काटने से घायल बालिका की मौत
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मृतका मीनाक्षी।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लग चुके थे एंटी रैबीज के दो इंजेक्शन
17 अक्तूबर को खेत पर जाने के दौरान किया था हमला
28 अक्तूबर को मुंह से आने लगे थे झाग, कुछ देर में मौत
दातागंज (बदायूं)। कोतवाली इलाके में सियार के काटने से घायल आठ वर्षीय मीनाक्षी की दस दिन बाद घर पर मौत हो गई। उसके शरीर में रैबीज फैल गया था, जबकि उसके दो इंजेक्शन भी लगाए जा चुके थे। बावजूद इसके बालिका की हालत में सुधार नहीं हुआ। शुक्रवार की रात उसने दम तोड़ दिया। परिवार वालों ने उसके शव का अंतिम संस्कार कर दिया है।
घटना कोतवाली क्षेत्र के गांव सिमरी की है। 27 अक्तूबर की शाम सिमरी निवासी आठ वर्षीय मीनाक्षी पुत्री मुकेश अपने खेत पर जा रही थी। रास्ते में एक सियार ने उस पर हमला बोल उसे गन्ने के खेत में खींचकर ले जाने की कोशिश की थी। उसकी चीख-पुकार सुनकर गांव के तमाम लोग मौके पर पहुंच गए थे। उन्होंने बमुश्किल बालिका को सियार से छुड़ाया था। परिवार वाले दूसरे दिन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए थे, जहां उसके एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाया गया। बाद में एक और इंजेक्शन लगाया गया। अब तक उसकी हालत ठीक थी, जो शुक्रवार को अचानक बिगड़ गई। उसके मुंह से झाग आने लगे। वह मानसिक मंदित लोगों की तरह हरकत करने लगी। परिवार वाले कहीं ले जाते उससे पहले ही बालिका की मौत हो गई। स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सक रीतेश भसीन ने बताया कि मामला उनकी जानकारी में है। बालिका को दो इंजेक्शन लग चुके थे। फिर भी उसकी मौत कैसे हुई, इसका पता कराएंगे।
यह मामला मेरी जानकारी में नहीं है। हम इसकी जांच कराएंगे। उसके बाद ही कुछ बताया जा सकता है।
- डॉ. प्रदीप कुमार वार्ष्णेय, सीएमओ
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17 अक्तूबर को खेत पर जाने के दौरान किया था हमला
28 अक्तूबर को मुंह से आने लगे थे झाग, कुछ देर में मौत
दातागंज (बदायूं)। कोतवाली इलाके में सियार के काटने से घायल आठ वर्षीय मीनाक्षी की दस दिन बाद घर पर मौत हो गई। उसके शरीर में रैबीज फैल गया था, जबकि उसके दो इंजेक्शन भी लगाए जा चुके थे। बावजूद इसके बालिका की हालत में सुधार नहीं हुआ। शुक्रवार की रात उसने दम तोड़ दिया। परिवार वालों ने उसके शव का अंतिम संस्कार कर दिया है।
घटना कोतवाली क्षेत्र के गांव सिमरी की है। 27 अक्तूबर की शाम सिमरी निवासी आठ वर्षीय मीनाक्षी पुत्री मुकेश अपने खेत पर जा रही थी। रास्ते में एक सियार ने उस पर हमला बोल उसे गन्ने के खेत में खींचकर ले जाने की कोशिश की थी। उसकी चीख-पुकार सुनकर गांव के तमाम लोग मौके पर पहुंच गए थे। उन्होंने बमुश्किल बालिका को सियार से छुड़ाया था। परिवार वाले दूसरे दिन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए थे, जहां उसके एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाया गया। बाद में एक और इंजेक्शन लगाया गया। अब तक उसकी हालत ठीक थी, जो शुक्रवार को अचानक बिगड़ गई। उसके मुंह से झाग आने लगे। वह मानसिक मंदित लोगों की तरह हरकत करने लगी। परिवार वाले कहीं ले जाते उससे पहले ही बालिका की मौत हो गई। स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सक रीतेश भसीन ने बताया कि मामला उनकी जानकारी में है। बालिका को दो इंजेक्शन लग चुके थे। फिर भी उसकी मौत कैसे हुई, इसका पता कराएंगे।
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यह मामला मेरी जानकारी में नहीं है। हम इसकी जांच कराएंगे। उसके बाद ही कुछ बताया जा सकता है।
- डॉ. प्रदीप कुमार वार्ष्णेय, सीएमओ