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2913 इंदिरा आवास पड़े हैं अधूरे
बदायूं।
Updated Thu, 02 Jul 2015 12:17 AM IST
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जिले में वर्ष 2014-15 के लिए चयनित 2913 लाभार्थियों को इंदिरा आवास स्वीकृत हुए थे। इन लाभार्थियों को एक-एक किश्त तो मिल गई है। दूसरी किश्त शासन में अटक गई है। इससे सभी आवास आधे-अधूरे पड़े हैं। लाभार्थी इसके लिए विकास भवन का चक्कर काट रहे हैं। इस समस्या के समाधान के लिए डीआरडीए के परियोजना निदेशक रामरक्षपाल सिंह यादव ने लखनऊ जाकर आयुक्त ग्राम्य विकास कार्यालय में बात की। आवासों के धन जारी करने का उन्हें आश्वासन मिला है।
यहां बता दें कि केंद्र सरकार की योजना के तहत गरीबों को आवास निर्माण को इंदिरा आवास के लिए दो किश्तों में धन दिए जाने की व्यवस्था रही है। जिले में 2913 पात्रों को आवास निर्माण की आधी राशि प्रदान कर दी गई है। अवशेष राशि का बजट न आने के कारण गरीबों को अगली किस्त नहीं मिली। इससे उनके आवास अधूरे पड़े हैं। बरसात आ जाने के कारण गरीबों का आवास को लेकर अधिक चिंता है। उन्होंने दूसरी किस्त पाने के लिए विाकस भवन का चक्कर लगाना शुरू कर दिया। अधिकारियों की भी समझ में आया कि बरसात के समय तो इन गरीबों को आवास का शेष धन मिल जाए।
इंदिरा आवास निर्माण को गरीब पात्र को 70 हजार रुपये मिलते हैं। इसमें पहली किस्त में आधी रकम अर्थात 35 हजार रुपये दे दिए जाते हैं। बाद में निर्माण पूरा कर लेने पर दूसरी किस्त भी दे दी जाती है। इस बार दूसरी किस्त को विलंब हो गया। इस संबंध में शासन स्तर तक जिले से बात पहुंच गई है। बजट आने पर इसकी पूर्ति हो सकेगी।
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इंदिरा आवास की दूसरी किस्त लाभार्थियों को नहीं दी जा सकी है। बजट के लिए प्रयास किए गए हैं और आश्वासन भी मिला है, जल्दी ही व्यवस्था होगी।
- राम रक्षपाल सिंह यादव, परियोजना निदेशक, डीआरडीए
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यहां बता दें कि केंद्र सरकार की योजना के तहत गरीबों को आवास निर्माण को इंदिरा आवास के लिए दो किश्तों में धन दिए जाने की व्यवस्था रही है। जिले में 2913 पात्रों को आवास निर्माण की आधी राशि प्रदान कर दी गई है। अवशेष राशि का बजट न आने के कारण गरीबों को अगली किस्त नहीं मिली। इससे उनके आवास अधूरे पड़े हैं। बरसात आ जाने के कारण गरीबों का आवास को लेकर अधिक चिंता है। उन्होंने दूसरी किस्त पाने के लिए विाकस भवन का चक्कर लगाना शुरू कर दिया। अधिकारियों की भी समझ में आया कि बरसात के समय तो इन गरीबों को आवास का शेष धन मिल जाए।
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इंदिरा आवास निर्माण को गरीब पात्र को 70 हजार रुपये मिलते हैं। इसमें पहली किस्त में आधी रकम अर्थात 35 हजार रुपये दे दिए जाते हैं। बाद में निर्माण पूरा कर लेने पर दूसरी किस्त भी दे दी जाती है। इस बार दूसरी किस्त को विलंब हो गया। इस संबंध में शासन स्तर तक जिले से बात पहुंच गई है। बजट आने पर इसकी पूर्ति हो सकेगी।
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इंदिरा आवास की दूसरी किस्त लाभार्थियों को नहीं दी जा सकी है। बजट के लिए प्रयास किए गए हैं और आश्वासन भी मिला है, जल्दी ही व्यवस्था होगी।
- राम रक्षपाल सिंह यादव, परियोजना निदेशक, डीआरडीए