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बढे़ जलस्तर ने रोका पथरामई में बचाव का काम
badaun
Updated Sun, 28 Jun 2015 08:54 PM IST
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गंगा के उफनने के साथ ही पथरामई का काम बंद करना पड़ा है। यहां पहुंचे इंजीनियरों ने देखा कि स्थिति बिगड़ रही है और जहां काम चल रहा है वहां गंगा का पानी तेजी से बढ़ रहा है तो मजबूरी में उन्हें काम रुकवाना पड़ा है।
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उसहैत में पथरामई बाढ़ बचाव का काम सप्ताह पूर्व शुरू किया गया था। बाढ़ बचाव की यह कार्ययोजना 764 लाख की है, लेकिन 300 लाख रुपये ही दिए गए हैं। यहां परक्यूपाइन को चबूतरे भी तैयार नहीं हो सके हैं। जबकि गंगा में मानसूनी बरसात का पानी अब आगे और बढ़ेगा। 26 जून को हरिद्वार से छोड़ा गया 1.93 लाख क्यूसेक पानी गंगा में पहुंचने लगा है। जहां काम चल रहा है, वहां भी पानी भरने लगा। बाढ़ बचाव का काम प्रभावित होने लगा तो इंजीनियरों को यहां काम रुकवाना पड़ा है। अब इंतजार करना पड़ेगा कि पानी का उतार हो तो काम शुरू हो सके।
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कटान से पानी में बह सकते हैं डेढ़ करोड़
उसहैत बांध को कटान से बचाने के लिए पथरामई पर चल रहे काम में एक सप्ताह में ही करीब डेढ़ करोड़ की रकम गलाई जा चुकी है। इस बीच गंगा में पानी बढ़ जाने से स्थिति बिगड़ गई। गंगा में तेजी से पानी बढ़ा है और सोमवार से पानी का उतार होना शुरू हो जाएगा। ऐसे में कटान की संभावना बढ़ गई है। अगर, इस कटान में पथरामई बचाव कार्य का भी कटान हो जाता है तो डेढ़ करोड़ की राशि भी पानी में बह जाएगी। बाढ़ बचाव का काम देर से काम करना महंगा पड़ सकता है। उसहैत बांध जो गंगा की बाढ़ से बदायूं और शाहजहांपुर जिला के कुठ इलाकों को बचाता है। उसे भी खतरा पैदा हो जाएगा।
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गंगा का पानी अकस्मात बढ़ जाने और बचाव निर्माण कार्य की जगह पानी भरने के कारण बाढ़ बचाव के निर्माण कार्य को रुकवाना पड़ा है। पानी निकलने के बाद तक अब काम शुरू करने का इंतजार करना पड़ेगा।
- प्रमोद कुमार, सहायक अभियंता, बाढ़ खंड