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बदायूं: प्रेम प्रसंग में सराफ ने कराई थी भाई से प्रिंस की हत्या
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(20 बीडीएन-13) सिविल लाइंस थाने मेें खड़े आरोपी।संवाद
बिल्सी। कस्बे के प्रिंस की हत्या का सूत्रधार सराफा व्यापारी अमित वार्ष्णेय ही निकला। वह लंबे समय से उसकी हत्या की योजना बना रहा था लेकिन उसमें अपना नाम आने से बचने की कोशिश भी कर रहा था। उसने योजना के तहत हर्ष को हरिद्वार से बुलाया और दो फरवरी की रात प्रिंस की हत्या कर दी। अब पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करते हुए उन्हें जेल भेज दिया है।
मामले में बिल्सी के खैरी बस स्टैंड निवासी राजेश कुमार ने अपने मझले बेटे हर्ष कुमार, उसके दोस्त दिवांश मराठा, उदय माहेश्वरी और सराफा व्यापारी अमित वार्ष्णेय के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। उनका कहना है कि वह परिवार के साथ हरिद्वार में रहकर एक फैक्टरी में काम करते हैं। उनका बेटा प्रिंस घर में ही दुकान में बिजली का सामान बेचता था, जबकि हर्ष उनके साथ रहता था। 28 फरवरी को हर्ष हरिद्वार से बिल्सी आया था।
दो फरवरी को उन्होंने प्रिंस से बात करने की कोशिश की थी। जब उससे संपर्क नहीं हुआ तो वह बिल्सी आए तो घर में ताला पड़ा मिला। उदय और दिवांश के पास घर की चाबी मिली थी। हर्ष ने बताया था कि उसके दोस्तों ने प्रिंस की हत्या कर दी है। यह सुनकर उन्होंने पुलिस को सूचना दी थी। तब पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
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इस दौरान पता चला कि प्रिंस का सराफा व्यापारी अमित की बेटी से प्रेम प्रसंग था। इस वजह से वह प्रिंस को ठिकाने लगाना चाहता था, साथ ही हत्या का इल्जाम भी अपने सिर नहीं लेना चाहता था।
इसलिए उसने योजना के तहत हर्ष को हरिद्वार से बुलाया। उसे पूरी योजना बताई। उसे मोटी रकम देने के साथी अपनी बेटी से उसकी शादी कराने का लालच दिया।
इसके बाद तीनों ने मिलकर प्रिंस की हत्या कर दी। रविवार रात पुलिस ने सराफा व्यापारी को भी गिरफ्तार कर लिया। सीओ सुनील कुमार ने बताया कि चारों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर सोमवार दोपहर उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया।
ऐसे की थी हत्या
दो फरवरी की रात हर्ष, उदय और दिवांश ने प्रिंस के घर पार्टी की थी। उदय और दिवांश प्रिंस के घर शराब लेकर पहुंचे थे। सभी ने शराब पी लेकिन प्रिंस को ज्यादा पिलाई। फिर उसे छत पर ले गए और वहां से धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। रात में ही तीनों उसका शव जंगल में ले गए। पेट्रोल डालकर आग लगा दी। बाद में शव को कंबल में लपेटकर कुएं में फेंक दिया था। ऊपर से कूड़ा कचरा डाल दिया था।
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मामले में बिल्सी के खैरी बस स्टैंड निवासी राजेश कुमार ने अपने मझले बेटे हर्ष कुमार, उसके दोस्त दिवांश मराठा, उदय माहेश्वरी और सराफा व्यापारी अमित वार्ष्णेय के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। उनका कहना है कि वह परिवार के साथ हरिद्वार में रहकर एक फैक्टरी में काम करते हैं। उनका बेटा प्रिंस घर में ही दुकान में बिजली का सामान बेचता था, जबकि हर्ष उनके साथ रहता था। 28 फरवरी को हर्ष हरिद्वार से बिल्सी आया था।
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दो फरवरी को उन्होंने प्रिंस से बात करने की कोशिश की थी। जब उससे संपर्क नहीं हुआ तो वह बिल्सी आए तो घर में ताला पड़ा मिला। उदय और दिवांश के पास घर की चाबी मिली थी। हर्ष ने बताया था कि उसके दोस्तों ने प्रिंस की हत्या कर दी है। यह सुनकर उन्होंने पुलिस को सूचना दी थी। तब पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
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इस दौरान पता चला कि प्रिंस का सराफा व्यापारी अमित की बेटी से प्रेम प्रसंग था। इस वजह से वह प्रिंस को ठिकाने लगाना चाहता था, साथ ही हत्या का इल्जाम भी अपने सिर नहीं लेना चाहता था।
इसलिए उसने योजना के तहत हर्ष को हरिद्वार से बुलाया। उसे पूरी योजना बताई। उसे मोटी रकम देने के साथी अपनी बेटी से उसकी शादी कराने का लालच दिया।
इसके बाद तीनों ने मिलकर प्रिंस की हत्या कर दी। रविवार रात पुलिस ने सराफा व्यापारी को भी गिरफ्तार कर लिया। सीओ सुनील कुमार ने बताया कि चारों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर सोमवार दोपहर उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया।
ऐसे की थी हत्या
दो फरवरी की रात हर्ष, उदय और दिवांश ने प्रिंस के घर पार्टी की थी। उदय और दिवांश प्रिंस के घर शराब लेकर पहुंचे थे। सभी ने शराब पी लेकिन प्रिंस को ज्यादा पिलाई। फिर उसे छत पर ले गए और वहां से धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। रात में ही तीनों उसका शव जंगल में ले गए। पेट्रोल डालकर आग लगा दी। बाद में शव को कंबल में लपेटकर कुएं में फेंक दिया था। ऊपर से कूड़ा कचरा डाल दिया था।