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Budaun News: पैदावार नहीं तो कहां से खरीदा जा रहा मोटा धान

Sun, 02 Nov 2025 01:13 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 02 Nov 2025 01:13 AM IST
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If there is no production, then from where is the coarse rice being purchased?
बदायूं। दातागंज धान का क्षेत्र जरूर है, लेकिन यहां मोटा धान न के बराबर होता है। बाजरा होता है, लेकिन बाजरे की खरीद में टालमटोल से किसान परेशान हैं। बावजूद इसके धान और बाजरा की खरीद हो रही है। इस खरीद में जो दावे किए जा रहे हैं उनमें पेच यह फंसा है कि जो निकासी है, उससे भंडारण के स्थान तक सामंजस्य नहीं बैठ रहा है।
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सरकारी खरीद से किसान भी संतुष्ट नहीं हैं तो खरीद प्रभारी किसानों को दोषी करार देते हैं कि वह मानक के अनुरूप फसल लेकर नहीं आते। बाजरा और धान खरीद में बाजार और सरकारी रेट में अंतर होने के कारण बिचौलियों की ललचाई नजरें व्यवस्था को गड़बड़ाने के लिए जिम्मेदार हैं। इस बार ही नहीं सरकारी खरीद के दौरान हावी रहने वाले लोग सक्रिय हो जाते हैं।
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इनकी बातों में है कितना दम, कौन करेगा जांच

गड़बड़ी करने वाले किसानों को आधार कार्ड और जोतबही एकत्र करके गड़बड़ी करने लगे हैं। यह बात किसान दबी जुबान में स्वीकार भी करते हैं। मार्केंटिक इंस्पेक्टर टिंकू दास कहते हैं कि किसान मानक के अनुसार धान नहीं ला रहे हैं, जबकि लोडिंग अनलोडिंग का ठेका हासिल करने वाले सेहरा गांव के ब्रजेश कुमार सिंह का आरोप है कि ऑनलाइन खरीद 2000 क्विंटल दिखाई जा रही है, जबकि खरीद 200 क्विंटल भी नहीं है।
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खरीद केंद्र पर सेहरा गांव के विजय के बंटाईदार जसवीर का कहना है कि छह दिन से परेशान हैं, उनका माल नहीं खरीदा जा रहा है। बाजरा बेचने सरकारी केंद्र पर आए इतवारी का भी यही कहना था। खरीद केंद्र पर बाजरा और धान के ढेर लगे पड़े हैं, लेकिन शुक्रवार को केंद्र प्रभारी मधु यादव भी केंद्र पर नहीं मिलीं।

उधर, घपलों में हावी रहने वाले भारी मुनाफे के चक्कर में दो फाड़ हो जाने पर एक-दूसर के खिलाफ शिकायतों में लगे हैं। उनका कहना है कि उच्चस्तरीय जांच हो यहां रहे घोटालों को पकड़ा जा सकता है। किसानों का कहना हैं कि खरीद बढ़ाने को ऊपर से डंडा होता है। इसलिए मोटा धान यहां न होते हुए भी पीलीभीत और शाहजहांपुर से लाकर यहां खरीद में दिखाया जा रहा है।




सरकारी और बाजार मूल्य में भारी अंतर होगा घपले का कारण

मोटे धान का सरकारी रेट 2369 रुपये तो बाजार मूल्य 1600 रुपये प्रति क्विंटल है। इसी तरह बाजरा का सरकारी मूल्य 2775 और बाजार मूल्य 1800 रुपये प्रति क्विंटल है। इस तरह धान मेंं 769, बाजरा 975 रुपये मूल्य का भारी अंतर है, जो इस काम में गड़बड़झाला में हावी रहने वालों को ललचाने के लिए काफी है।





चार साल पहले हुए खरीद घोटाले में अब तक फंसे हैं जिम्मेदार

दातागंज में चार साल पहले करोड़ों का खरीद घोटाला हुआ था। इसमें केंद्र प्रभारी समेत कई अन्य जिम्मेदारों पर कार्रवाई हुई थी। आज भी उनका मुकदमा चल रहा है। तब दातागंज का केंद्र बंद करा दिया गया था। दातागंज की जगह समरेर को खरीद केंद्र बना दिया गया था। पहले घपलों से उच्च अधिकारियों ने शायद सीख नहीं ली है।




खरीद केंद्रों पर किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी। इस पर पूरी निगरानी रहेगी और जांच प्रक्रिया भी जारी रहेगी।- धर्मेंद्र कुमार सिंह, एसडीएम
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