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Budaun News: संसाधनों से भरपूर हों खेल मैदान तो चमकें प्रतिभाएं

Wed, 05 Jun 2024 03:33 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 05 Jun 2024 03:33 AM IST
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If sports grounds are full of resources, talents will shine
उझानी में एमजीपी कॉलेज के मैदान पर फुटबॉल खेलते बच्चे। संवाद
बदायूं/ उझानी। जिले के स्टेडियम समेत खेल मैदानों को लेकर नए लोकसभा सदस्य से खिलाड़ियों को बहुत उम्मीदें हैं। उन्हें खेलने के लिए पर्याप्त संसाधन और अच्छी व्यवस्थाएं चाहिए। सब कुछ खिलाड़ियों के अनुरूप हो जाए तो उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकने का मौका भी मिलेगा।
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बदायूं में स्टेडियम की दशा से खेल अफसरों के साथ खिलाड़ी पहले से ही वाकिफ हैं। उझानी, बिसौली, बिल्सी, सहसवान, दातागंज आदि में स्कूल-कॉलेजों के मैदान हैं। अधिकतर मैदान ऐसे हैं, जहां खिलाड़ियों के अनुरूप ऐसी व्यवस्थाएं नहीं हैं जो खिलाड़ियों को उनके प्रदर्शन को सुधारने में अहम भूमिका निभा सकें।
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उझानी में एमजीपी कॉलेज के खेल मैदान, हालांकि आने वाले दिनों में कायाकल्प होना प्रस्तावित है, में मौजूदा व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए प्रशासनिक स्तर से पिछले कुछेक सालों में ठोस पहल नहीं हुई है। कोच की संख्या भी खेलकूद के अनुरूप नहीं है। खिलाड़ियों को जब भी खुद में सुधार की कोशिश करनी होती है, तब-तब कोच की कमी आड़े आ जाती है।
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फुटबॉल और बॉलीवॉल के गुर सिखाने वाले भी नजर नहीं आते। नियमित खेलकूद नहीं होने से भी खिलाड़ियों को चमकने का मौका नहीं मिल पाता। लोकसभा चुनाव का रिजल्ट आने के बाद नव निर्वाचित सांसद से खिलाड़ियों में बेहतर व्यवस्थाओं और सुविधाओं को लेकर उम्मीद भी जागी है।

यह है हाल
- स्टेडियम में पेयजल और प्रकाश व्यवस्था की किल्लत
- कोच की संख्या में काफी कमी।
- सफाई के अभाव में स्टेडियम में कंटीली घास का उगना।
- मिनी खेलकूद मैदान में बाउंड्री का अभाव।
- देहात के खेलकूद मैदानों को विकसित नहीं किया जाना।


खिलाड़ी बोले- जनप्रतिनिधियों ने नहीं किया गौर
- जिले में कहीं पर भी खेल मैदानों की दशा ऐसी नहीं है, जो उन्हें तैयारी करने में मददगार साबित हो। उन्हें अब, नए सांसद से बेहतर व्यवस्थाओं की उम्मीद है। - दीपांशु सिंह


खेलो इंडिया के तहत उन्हें बेहतर सुविधाओं की उम्मीद थी, लेकिन पिछले कुछेक सालों में खासकर खेल मैदानों की ओर जन प्रतिनिधियों ने गौर नहीं किया था।- दुर्गपाल सिंह



देहात क्षेत्र में खेल मैदानों का कायाकल्प कराने की जिम्मेदारी सांसद की भी बनती है, लेकिन युवाओं की तरफ ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया। मैदान बेकार पड़े हैं।- पवनीश सक्सेना



मुझे नवनिर्वाचित लोकसभा सदस्य से आने वाले दिनों में जिले के विकास के साथ खेल मैदानों की दशा सुधारने में अहम भूमिका निभाए जाने की उम्मीद है।- मोहित शाक्य

उझानी में एमजीपी कॉलेज के मैदान पर फुटबॉल खेलते बच्चे। संवाद

उझानी में एमजीपी कॉलेज के मैदान पर फुटबॉल खेलते बच्चे। संवाद

उझानी में एमजीपी कॉलेज के मैदान पर फुटबॉल खेलते बच्चे। संवाद

उझानी में एमजीपी कॉलेज के मैदान पर फुटबॉल खेलते बच्चे। संवाद

उझानी में एमजीपी कॉलेज के मैदान पर फुटबॉल खेलते बच्चे। संवाद

उझानी में एमजीपी कॉलेज के मैदान पर फुटबॉल खेलते बच्चे। संवाद

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