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हाईटेंशन लाइन तालाब में गिरी, 10 भैंस मरीं

Thu, 23 Apr 2015 07:33 PM IST
Musajag
Musajag Updated Thu, 23 Apr 2015 07:33 PM IST
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Hightension line pond In the kernel , 10 buffalo dying
जर्जर हाईटेंशन लाइन टूट कर तालाब में गिर जाने से 10 भैसों की मौत हो गई। घटना की खबर मिलने पर अफसर गांव पहुंचे। बार-बार बुलाने के बाद भी बिजली विभाग का कोई अफसर मौके पर नहीं आया। घटना के बाद गांव वालों में बिजली विभाग के खिलाफ गुस्सा है। गुलड़िया से आमगांव जाने वाली हाईटेंशन लाइन हादसे का कारण बनी।
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मूसाझाग थाना क्षेत्र के गांव किसरुआ में पश्चिम दिशा में तालाब है। गांव के जानवर इसी तालाब में पानी पीते हैं। गुरुवार दिन में 11 बजे गांव के चंद्रपाल, इंद्रपाल, बबलू और सोनू की दस दुधारू भैंस तालाब में पानी पीने के बाद बैठ गई थीं। इसी दौरान ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन टूट कर तालाब में गिर गई। इससे तालाब में बैठी दस भैंसों की मौत हो गई। प्रधान सुरेशपाल ने इसकी सूचना बिजली विभाग को दी। तब सप्लाई बंद की गई। तालाब में गांव के बच्चे भी अक्सर नहाते हैं। गनीमत यह रही कि उस समय तालाब में न तो कोई बच्चा नहा रहा था और न कोई ग्रामीण अपने पशुओं को नहला रहा था। अगर ऐसा होता तो जनहानि भी हो सकती थी।
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घटना के बाद गांव वालों में बिजली विभाग के खिलाफ गुस्सा है। खबर मिलने पर एडीएम वित्त आरपी यादव, एसडीएम सदर प्रदीप यादव, तहसीलदार राजमणि मिश्रा, नायब तहसीलदार विमल कुमार शुक्ला, एसपी सिटी अनिल यादव, सीओ सतीश शर्मा, एसओ सीपी सिंह मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाया। पशु चिकित्सक डॉ. राजेंद्र सिंह ने भैसों का पोस्टमार्टम किया। इसके बाद सभी भैसों को जेसीबी से गड्डा करके दफन कर दिया गया। एडीएम प्रशासन, एसडीएम और तहसीलदार ने भैंस स्वामियों को मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है।
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भूमिहीन किसान का कारोबार भी चौपट हुआ
गुलड़िया। बिजली विभाग की जरा सी चूक से भूमिहीन किसान का कारोबार भी चौपट हो गया। गांव के आशाराम की करीब डेढ़ साल पहले मौत हो गई थी। उनके चार बेटे चंद्रपाल, इंद्रपाल, बबलू, सोनू और एक बेटी मीना है। यह भूमिहीन परिवार है। अपना गुजारा डेयरी करके करता था। चाराें भाई इस कारोबार में लगे थे। बहन मीना शादी के लायक है। एक हादसे से इस परिवार का पूरा कारोबार चौपट हो गया। दस भैंसों की मौत के बाद पूरा परिवार सदमे में है। हालांकि अफसर मुआवजा दिलाने की बात कह रहे हैं, लेकिन मुआवजा कब और कितना मिलेगा, यह तो वक्त ही बताएगा।
देर होती तो रोड जाम
कर देते ग्रामीण
गुलड़िया। बिजली विभाग के खिलाफ ग्रामीणों ने रोड जाम करके प्रदर्शन का मन बना लिया था। 11 बजे घटना हुई। प्रधान ने फीडर पर बिजली सप्लाई बंद कराई। इसके बाद ग्रामीण मरी हुई भैसों को ट्रैक्टर की मदद से तालाब से निकालने लगे। गांव वालों का इरादा मरी हुई भैसों को रोड पर रखकर जाम लगाने का था। सीओ उझानी सतीश शर्मा ने किसी तरह से ग्रामीणों को समझाकर शांत किया। बाद में बाकी अधिकारी भी पहुंच गए।

बिजली विभाग की
रिपोर्ट गोलमोल
बदायूं। तालाब में विद्युत लाइन गिरने से भैसों के मरने की खबर पर विद्युत वितरण निगम द्वितीय खंड के अधिशासी अभियंता मुनीष चोपड़ा ने एसडीएम छैल बिहारी को मौके पर भेजा। एसडीओ ने घटना के संबंध में अपनी जो रिपोर्ट दी है वह गोलमोल है। इसमें कहा गया है कि भैंस ने विद्युत पोल से अपने शरीर को रगड़ा। इससे लाइनें आपस में टकरा गईं। इसी दौरान एक लाइन टूट कर तालाब में गिर गई। हालांकि उन्होंने इसका कोई प्रमाण नहीं दिया है कि ऐसा हादसा मामूली रगड़ से कैसे हो सकता है।


मंजर देखने को जुटे गई गांवों के लोग
गुलड़िया। तालाब में भैसों के उतरा रहे शवों को देखने के लिए आसपास के कई गांवों के लोग जुटे रहे। करीब चार घंटे की मेहनत के बाद मरी हुई भैसों को बाहर निकाला जा सका। पड़ोसी गांव नवदिया के प्रधान मोरपाल भी दर्जनों समर्थकों के साथ किसरुआ पहुंचे। इस दौरान यहां हजारों लोगों की भीड़ मौजूद रहे।


घटना दुखद है। मुआवजा दिलाया जाएगा। अगर बिजली विभाग की लापरवाही है तो विभाग के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।-आरपी यादव, एडीएम वित्त
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