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ननाखेड़ा पहुंचीं स्वास्थ्य टीमें, घर-घर की गई रोगियों की तलाश
सार
उझानी ब्लॉक के गांव ननाखेड़ा में बुखार और डेंगू से दो लोगों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने गांव में अभियान चला कर घर-घर मरीजों की तलाश की गई। उझानी के अलावा जगत, समरेर, दातागंज, सालरपुर के गांवों में भी रविवार को स्वास्थ्य कैंप लगा कर दवाओं का वितरण कराया गया। अब तक यहां 717 लोगों की स्वास्थ्य जांच, 258 की मलेरिया और 216 लोगों की किट के जरिया डेंगू की जांच की जा चुकी है।ननाखेड़ा में पिछले कई दिन से स्वास्थ्य कैंप लगाए जा रहे थे।
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मृतक के परिवार से मिल कर जांच रिपोर्ट देखते सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय। संवाद
- फोटो : BADAUN
विस्तार
बदायूं। उझानी ब्लॉक के गांव ननाखेड़ा में बुखार और डेंगू से दो लोगों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने गांव में अभियान चला कर घर-घर मरीजों की तलाश की गई। स्वास्थ्य शिविरों में 102 लोगों की जांच की गई। इनमें 43 बुखार के मरीज मिले। 78 लोगों की किट से मलेरिया और 43 लोगों की डेंगू की जांच कराई गई। मलेरिया का कोई मरीज नहीं मिला, लेकिन दो लोगों को किट से डेंगू की पुष्टि हुई है। इनके एलाइजा सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।
ननाखेड़ा निवासी विजय कुमार की 45 वर्षीय पत्नी प्रभा की दो दिन पहले बरेली के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। स्थानीय डॉक्टरों से फायदा न होने पर बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां उनको डेंगू की पुष्टि हुई। शनिवार को इसी गांव के 65 वर्षीय सुल्तान बेग की अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई थी। रविवार को स्वास्थ्य और मलेरिया विभाग की टीमों ने गांव में घर-घर अभियान चलाया।
दवाओं का छिड़काव करने के साथ बुखार, मलेरिया, डेंगू के मरीजों को भी खोजा गया। सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय ने गांव पहुंच कर हेल्थ कैंप का जायजा लिया और मरने वालों के परिवार वालों से बात की। सीएमओ ने दोनों मृतकों की सभी रिपोर्ट देखीं और स्वास्थ्य टीमों को जरूरी दिशा निर्देश दिए। इधर, मलेरिया विभाग की 17 टीमों ने रविवार को जिले के बुखार प्रभावित 137 गांवों में अभियान चला कर दवाओं का छिड़काव किया। 20 स्थानों पर मच्छरों का लार्वा नष्ट किया गया। उझानी के अलावा जगत, समरेर, दातागंज, सालरपुर के गांवों में भी रविवार को स्वास्थ्य कैंप लगा कर दवाओं का वितरण कराया गया।
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प्रारंभिक जांच में डेंगू से मौत की पुष्टि
बदायूं। ननाखेड़ा निवासी प्रभा की मौत के मामले में प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि उनकी मौत डेंगू से हुई थी। सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय रविवार को डॉक्टरों की टीम के साथ प्रभा के घर पहुंचे। अस्पतालों और पैथोलॉजी लैब में हुईं प्रभा की जांचों की रिपोर्ट का अध्ययन किया। अध्ययन के दौरान पाया गया है कि प्रभा की रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव है। उनकी प्लेटलेट्स भी सिर्फ 48 हजार थीं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें अब संबंधित लैब से संपर्क करेंगी।
पांच दिन में बुखार के 265, डेंगू के 18 मरीज निकले
बुखार प्रभावित उझानी ब्लॉक के गांव ननाखेड़ा में पांच दिन में बुखार के 265 और डेंगू के 18 मरीज मिले हैं। जिन लोगों को किट के जरिया जांच में डेंगू की पुष्टि हुई उनकी एलाइजा जांच कराने पर दो डेंगू के मरीज मिल चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से ननाखेड़ा गांव में 25 सितंबर से स्वास्थ्य कैंप लगाए जा रहे हैं। अब तक यहां 717 लोगों की स्वास्थ्य जांच, 258 की मलेरिया और 216 लोगों की किट के जरिया डेंगू की जांच की जा चुकी है।
ननाखेड़ा में पिछले कई दिन से स्वास्थ्य कैंप लगाए जा रहे थे। बुखार प्रभावित सभी गांवों में कैंप लगाए जा रहे हैं। रविवार को भी ननाखेड़ा में कैंप लगाया गया। घर-घर अभियान चला कर मरीजों को खोजा गया। जिन दो लोगों की मौत हुई है उन दोनों लोगों के घर जाकर मैनें जांच रिपोर्ट देखी हैं। परिवार वालों से बात की है। प्रारंभिक जांच में प्रभा डेंगू पॉजिटिव थीं। -डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय, सीएमओ
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ननाखेड़ा निवासी विजय कुमार की 45 वर्षीय पत्नी प्रभा की दो दिन पहले बरेली के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। स्थानीय डॉक्टरों से फायदा न होने पर बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां उनको डेंगू की पुष्टि हुई। शनिवार को इसी गांव के 65 वर्षीय सुल्तान बेग की अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई थी। रविवार को स्वास्थ्य और मलेरिया विभाग की टीमों ने गांव में घर-घर अभियान चलाया।
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दवाओं का छिड़काव करने के साथ बुखार, मलेरिया, डेंगू के मरीजों को भी खोजा गया। सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय ने गांव पहुंच कर हेल्थ कैंप का जायजा लिया और मरने वालों के परिवार वालों से बात की। सीएमओ ने दोनों मृतकों की सभी रिपोर्ट देखीं और स्वास्थ्य टीमों को जरूरी दिशा निर्देश दिए। इधर, मलेरिया विभाग की 17 टीमों ने रविवार को जिले के बुखार प्रभावित 137 गांवों में अभियान चला कर दवाओं का छिड़काव किया। 20 स्थानों पर मच्छरों का लार्वा नष्ट किया गया। उझानी के अलावा जगत, समरेर, दातागंज, सालरपुर के गांवों में भी रविवार को स्वास्थ्य कैंप लगा कर दवाओं का वितरण कराया गया।
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प्रारंभिक जांच में डेंगू से मौत की पुष्टि
बदायूं। ननाखेड़ा निवासी प्रभा की मौत के मामले में प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि उनकी मौत डेंगू से हुई थी। सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय रविवार को डॉक्टरों की टीम के साथ प्रभा के घर पहुंचे। अस्पतालों और पैथोलॉजी लैब में हुईं प्रभा की जांचों की रिपोर्ट का अध्ययन किया। अध्ययन के दौरान पाया गया है कि प्रभा की रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव है। उनकी प्लेटलेट्स भी सिर्फ 48 हजार थीं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें अब संबंधित लैब से संपर्क करेंगी।
पांच दिन में बुखार के 265, डेंगू के 18 मरीज निकले
बुखार प्रभावित उझानी ब्लॉक के गांव ननाखेड़ा में पांच दिन में बुखार के 265 और डेंगू के 18 मरीज मिले हैं। जिन लोगों को किट के जरिया जांच में डेंगू की पुष्टि हुई उनकी एलाइजा जांच कराने पर दो डेंगू के मरीज मिल चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से ननाखेड़ा गांव में 25 सितंबर से स्वास्थ्य कैंप लगाए जा रहे हैं। अब तक यहां 717 लोगों की स्वास्थ्य जांच, 258 की मलेरिया और 216 लोगों की किट के जरिया डेंगू की जांच की जा चुकी है।
ननाखेड़ा में पिछले कई दिन से स्वास्थ्य कैंप लगाए जा रहे थे। बुखार प्रभावित सभी गांवों में कैंप लगाए जा रहे हैं। रविवार को भी ननाखेड़ा में कैंप लगाया गया। घर-घर अभियान चला कर मरीजों को खोजा गया। जिन दो लोगों की मौत हुई है उन दोनों लोगों के घर जाकर मैनें जांच रिपोर्ट देखी हैं। परिवार वालों से बात की है। प्रारंभिक जांच में प्रभा डेंगू पॉजिटिव थीं। -डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय, सीएमओ

ननाखेड़ा में लगे स्वास्थ्य कैंप में पहुंचे सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय। संवाद- फोटो : BADAUN