फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Health

अब डेंगू का खतरा, कई गांव संवेदनशील श्रेणी में रखे गए

Sat, 03 Sep 2022 01:18 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 03 Sep 2022 01:18 AM IST
विज्ञापन
Health
हेल्थ कैंप में जांच कराते ग्रामीण। संवाद - फोटो : BADAUN
बदायूं। मलेरिया के बढ़ते प्रकोप के बीच अब डेंगू को लेकर भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। डेंगू के लिहाज से सालारपुर के शेरगंज, उझानी के बसोमा, बरामालदेव, जगत के गुलड़िया, दातागंज के डहरपुर कलां और शहर से सटे गांव नगला शर्की को संवेदनशील श्रेणी में रखते हुए यहां मॉनीटरिंग शुरू कर दी गई है। इस बीच बदायूं के दो लोगों को अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में डेंगू की पुष्टि हुई है। यह सहसवान के गांव अजीजपुर और भवानीपुर के हैं।
विज्ञापन

मच्छरजनित बीमारियों के लिहाज से बदायूं 2019 से संवेदनशील श्रेणी में रहा है। 2019 में जिले में 18310 रोगी मिले थे। इनमें 2029 को जानलेवा फैल्सीपेरम मलेरिया निकला था। 2021 आते-आते हालात में सुधार हुआ, लेकिन इस वर्ष जिले में डेंगू के रिकार्ड 417 रोगी मिले। इस वर्ष कई लोगों की डेंगू और संक्रामक बीमारियों से मौत भी हुई। डेंगू और संक्रामक बीमारियों से सबसे ज्यादा मौतें सालारपुर के शेरगंज, उझानी के बसोमा, बरामालदेव, जगत के गुलड़िया, दातागंज के डहरपुर कलां और शहर से सटे गांव नगला शर्क- में हुई थीं। इस वर्ष भी अगस्त माह में मलेरिया के 308 रोगी मिल चुके हैं। इनमें 55 को फैल्सीपेरम मलेरिया भी निकला है। ऐसे में जिले में संवेदनशील गांवों को अलग संवेदनशील श्रेणी में रखते हुए यहां मॉनीटरिंग शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन

इधर, सहसवान के गांव अजीजपुर और भवानीपुर के दो लोगों को बुखार होने पर परिवार वालों ने अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। वहां उनको डेंगू की पुष्टि हुई है। सर्विलांस के जरिया इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिलने के बाद सतर्कता और बढ़ा दी गई है। आमतौर पर डेंगू का सीजन सितंबर माह के अंत में शुरू होता है, लेकिन इस बार सितंबर शुरू होने के साथ ही डेंगू के मामले सामने आने से स्वास्थ्य और मलेरिया विभाग की चिंता बढ़ गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

-
आठ गांवों में बुखार के सौ से ज्यादा रोगी फिर मिले
स्वास्थ्य विभाग की ओर से बृहस्पतिवार को समरेर, सालारपुर और दातागंज ब्लॉक के आठ गांवों में स्वास्थ्य कैंपों का आयोजन किया गया। इस दौरान यहां बुखार के सौ से ज्यादा रोगी मिले हैं, हालांकि, मलेरिया का कोई नया रोगी नहीं मिला है।
बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य कैंपों में 419 लोगों की जांच की गई। 260 लोगों की मलेरिया की जांच भी की गई। सबसे ज्यादा बुखार के 25 रोगी समरेर ब्लॉक के सिमरिया गांव में मिले हैं। समरेर के सकतपुर और मौसमपुर में भी बुखार के रोगी मिले हैं। सालारपुर के सिगोई और गंज, दातागंज के नाथपुर, घिलौर, धरेली में भी बड़ी संख्या में बुखार के रोगी मिले हैं। इन गांवों में मलेरिया विभाग की ओर से लार्वा और मच्छरनाशक दवाओं का छिड़काव कराया गया है। संवाद

-
लगातार चौथे दिन कोरोना का कोई नया रोगी नहीं मिला
लगातार चौथे दिन जिले में कोरोना का कोई नया रोगी नहीं मिला है। अब एक रोगी ही शेष है। अगर कोई नया रोगी नहीं मिलता है तो अगले चार दिन में जिला कोरोना मुक्त हो जाएगा। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने जिले में अलग-अलग स्थानों से 1800 से ज्यादा लोगों के सैंपल लिए थे। इनकी जांच रिपोर्ट बृहस्पतिवार को आई है। पिछले चार दिन से कोरोना का कोई नया रोगी न मिलने से अब जिला तेजी से कोरोना मुक्त होने की ओर बढ़ रहा है। ट्रेसिंग ऑफिसर डॉ. रजनीश शर्मा का कहना है कि जल्द जिला कोरोना मुक्त होने की उम्मीद है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed