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सीएचसी में नवनिर्मित दीवार हटवाई, फिर खोला ओपीडी का रास्ता
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उझानी (बदायूं)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर धन्वंतरि वाटिका और अध्यात्म केंद्र के अस्तित्व में आने के बाद डॉक्टरों के बैठने के स्थानों में फेरबदल के साथ ओपीडी की गैलरी में बनाई गई दीवार को मंगलवार को हटवा दिया गया। इसी के साथ गैलरी में होकर चिकित्साधीक्षक के कक्ष तक पहुंचने का रास्ता एक बार फिर से खुल गया है। दीवार को लेकर मरीजों को भी परेशानी होने लगी थी। उनकी दिक्कतों को अमर उजाला ने प्रकाशित किया था। जिसके बाद यह निर्णय किया गया।
चिकित्साधीक्षक के कक्ष के लिए दो रास्ते हैं। एक ओपीडी को जोड़ता है तो दूसरे से आवासीय कैंपस की ओर आवागमन रहता है, लेकिन पांच दिन पहले अस्पताल में जो बदलाव किए गए, उनमें ओपीडी की दीवार का निर्माण भी हुआ था। दीवार बन जाने के बाद ओपीडी का रास्ता बंद हो गया था। चिकित्साधीक्षक महेश प्रताप सिंह हालांकि अवकाश पर हैं, लेकिन स्वास्थ्य कर्मियों ने दीवार बन जाने के बाद मरीजों की दिक्कत से उन्हें अवगत करा दिया था। प्रभारी चिकित्साधीक्षक शोएश दीक्षित ने बताया कि चिकित्साधीक्षक के आदेश के बाद दीवार को हटवा दिया गया है।
स्वास्थ्य कर्मियों से मांगे गए शैक्षिक प्रमाण पत्र
उझानी। चिकित्साधीक्षक महेश प्रताप सिंह ने सभी स्वास्थ्य कर्मियों से उनके शैक्षिक प्रमाण पत्र, सरकारी स्तर से आवंटित कार्य और एक साल में किए गए कार्य के विवरण का उल्लेख करते हुए प्रत्येक कर्मचारी की अलग-अलग फाइलें मांगी हैं। अन्यथा की स्थिति में कार्रवाई का भी इस आदेश में जिक्र है, लेकिन इसके पीछे मंगलवार को चिकित्साधीक्षक ने बताया कि वह फाइलों को अवलोकन कर अच्छा कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहित करना चाहते हैं।
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इस संबंध में प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मंजीत सिंह का कहना है कि उझानी के चिकित्साधीक्षक ने स्वास्थ्य कर्मियों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की पत्रावली क्यों मांगी है, इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। असलियत का पता करेंगे। अगर कुछ खास है तो उसके अनुरूप कार्रवाई भी होगी।
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चिकित्साधीक्षक के कक्ष के लिए दो रास्ते हैं। एक ओपीडी को जोड़ता है तो दूसरे से आवासीय कैंपस की ओर आवागमन रहता है, लेकिन पांच दिन पहले अस्पताल में जो बदलाव किए गए, उनमें ओपीडी की दीवार का निर्माण भी हुआ था। दीवार बन जाने के बाद ओपीडी का रास्ता बंद हो गया था। चिकित्साधीक्षक महेश प्रताप सिंह हालांकि अवकाश पर हैं, लेकिन स्वास्थ्य कर्मियों ने दीवार बन जाने के बाद मरीजों की दिक्कत से उन्हें अवगत करा दिया था। प्रभारी चिकित्साधीक्षक शोएश दीक्षित ने बताया कि चिकित्साधीक्षक के आदेश के बाद दीवार को हटवा दिया गया है।
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स्वास्थ्य कर्मियों से मांगे गए शैक्षिक प्रमाण पत्र
उझानी। चिकित्साधीक्षक महेश प्रताप सिंह ने सभी स्वास्थ्य कर्मियों से उनके शैक्षिक प्रमाण पत्र, सरकारी स्तर से आवंटित कार्य और एक साल में किए गए कार्य के विवरण का उल्लेख करते हुए प्रत्येक कर्मचारी की अलग-अलग फाइलें मांगी हैं। अन्यथा की स्थिति में कार्रवाई का भी इस आदेश में जिक्र है, लेकिन इसके पीछे मंगलवार को चिकित्साधीक्षक ने बताया कि वह फाइलों को अवलोकन कर अच्छा कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहित करना चाहते हैं।
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इस संबंध में प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मंजीत सिंह का कहना है कि उझानी के चिकित्साधीक्षक ने स्वास्थ्य कर्मियों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की पत्रावली क्यों मांगी है, इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। असलियत का पता करेंगे। अगर कुछ खास है तो उसके अनुरूप कार्रवाई भी होगी।