फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Health

बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम फ्लॉप, न स्वास्थ्य कार्ड न नियमित जांच

Mon, 30 Sep 2019 01:48 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 30 Sep 2019 01:48 AM IST
विज्ञापन
Health
बदायूं। आंगनबाड़ी केंद्रों, परिषदीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों में 18 वर्ष तक के छात्र-छात्राओं को स्वस्थ रखने के लिए चलाया जा रहा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) जिले में फ्लॉप होता दिख रहा है। कार्यक्रम के तहत न तो नियमित स्वास्थ्य जांच हो रही है और न ही बच्चों को हेल्थ कार्ड जारी किए जा रहे हैं। मोटा बजट और तमाम संसाधन होने के बावजूद आरबीएसके सफल होता नहीं दिख रहा। हां, कुछ स्थानों पर कैंप लगाकर खानापूर्ति जरूर की जा रही है। हालत ये है कि शिक्षा सत्र शुरू हुए लगभग छह माह बीत चुके हैं लेकिन अब तक एक कार्ड भी जारी नहीं किया गया है।
विज्ञापन

आरबीएसके के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों, परिषदीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों में 18 वर्ष तक के छात्र-छात्राओं की नियमित स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था है। इनको स्वास्थ्य कार्ड भी जारी किए जाने हैं। कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए ब्लॉक स्तर पर दो-दो टीमों का गठन किया गया है। टीम में दो आयुष डॉक्टर, एक एएनएम, एक फार्मासिस्ट व डाटा असिस्टेंट को संविदा सेवाओं के तहत रखा गया है। इन स्वास्थ्य टीमों पर सर्दी-बुखार, सामान्य बीमारी में छात्र-छात्राओं को दवा देने और गंभीर बीमारी में रेफर करने की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही बच्चों की लंबाई, सिर की परिधि, वजन आदि की नाप तौल कर स्वास्थ्य का आकलन भी टीमों को करना है। स्वास्थ्य कार्ड में संबंधित छात्र-छात्रा का पूरा रिकार्ड रखने की व्यवस्था है। ब्लॉक स्तर पर टीमों को भ्रमण के लिए चार पहिया वाहन भी उपलब्ध कराए गए हैं। इसके बावजूद आरबीएसके का काम सही ढंग से नहीं चल रहा। जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ परिषदीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों में न तो टीमें पहुंच रही है और न ही हेल्थ कार्ड जारी किए जा रहे हैं। नया शिक्षा सत्र शुरू हुए पांच महीने गुजर चुके हैं आरबीएसके में खानापूर्ति हो रही है। इसमें काम करने पर संबंधित अधिकारी गोल-मोल जवाब दे रहे हैं।
विज्ञापन


दो तरह के हेल्थ कार्ड होने हैं जारी
शून्य से छह साल और छह से 18 साल तक के बच्चों को दो प्रकार के हेल्थ कार्ड जारी होने हैं। इनमें से एक कार्ड शून्य से छह वर्ष के बच्चों को बनना है। इनके लिए आरबीएसके की टीम को आंगनबाड़ी केंद्र पर साल में कम से कम दो बार जाना है। दूसरा कार्ड छह से 18 वर्ष के बच्चों के लिए बनाया जाना है। सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में हेल्थ कैंप लगाने के साथ टीम को साल पर स्कूल का दौरा कर स्वास्थ्य जांच करनी है। नया शिक्षा सत्र चालू हुए पांच माह से ज्यादा बीतने के बाद ज्यादातर स्कूलों में टीमें पहुंची ही नहीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को स्वास्थ्य कार्ड जारी नहीं हुए हैं। अभी मुझे चार्ज संभाले डेढ़ महीना ही हुआ है। किसी आंगनबाड़ी केंद्र पर हेल्थ कार्ड जारी नहीं किए गए हैं। हालांकि, कुछ स्थानों पर बच्चों की स्वास्थ्य जांच के लिए टीमों के पहुंचने के बारे में पता लगा है। अभी इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है।
- आदेश मिश्रा, जिला कार्यक्रम अधिकारी

आरबीएसके के तहत टीमें काम कर रही हैं। योजना के सफल क्रियान्वयन में समन्वयक की भी जरूरत है। आंगनबाड़ी केंद्रों, परिषदीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों में बच्चों की नियमित जांच अगर नहीं हो रही है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। आरबीएसके के तहत सभी निर्धारित स्थानों पर टीमें पहुंचेें, इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा।

- डॉ. मंजीत सिंह, प्रभारी सीएमओ

परिषदीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों में बच्चों को स्वास्थ्य कार्ड जारी नहीं हुए हैं। कुछ विद्यालयों में हेल्थ कैंप लगाकर स्वास्थ्य जांच किए जाने की जानकारी है। उम्मीद है कि आरबीएसके के तहत जल्द स्वास्थ्य कार्ड जारी कर दिए जाएंगे।
- रामपाल सिंह राजपूत, बीएसए
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed