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कैसे ठीक हों मरीज.. कब खाना है मरीज को बताया ही नहीं
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बदायूं। जिले में फैले बुखार पर कंट्रोल करना मुश्किल क्यों हो रहा है, इसमें एक बड़ी लापरवाही जिला अस्पताल में उजागर हुई है। अस्पताल में भले ही मरीजों को मलेरिया वार्ड में भर्ती किया जा रहा है, उन्हें मच्छरदानी उपलब्ध कराई गई है लेकिन उन्हें दवाएं किस प्रकार खानी है, कौन सी दवा कब और किस समय लेनी है, मरीजों को कोई जानकारी नहीं दी गई है। इससे मरीजों पर बुरा असर पड़ रहा है। विभाग के संयुक्त निदेशक (जेडी) ने इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मरीजों को ठीक जानकारी देने के आदेश दिए हैं।
जेडी हेल्थ डॉ. एसपी अग्रवाल गुुुरुवार दोपहर जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने संचारी रोग नियंत्रण और जिले में फैले बुखार के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने सीएमएस और डॉक्टरों के साथ मीटिंग कर अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके इलाज के बारे में पूछा। बुधवार को जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में ब्लड की जांच के दौरान फैल्सीपेरम के 11 और प्लाजमोडियम वाइवैक्स के 13 मरीज निकले थे। उन्होंने अस्पताल में दवाइयों का रिकॉर्ड चेक किया। साथ ही मलेरिया की दवाइयां पूर्ण रखने के आदेश दिए। उसके बाद उन्होंने अस्पताल का मलेरिया वार्ड का निरीक्षण किया। पहले तो 20 बेड के मलेरिया वार्ड में 16 मरीज भर्ती थे। उनके साथ करीब 25 तीमारदार होंगे। इससे वार्ड खचाखच भर गया था। इन मरीजों में सिर्फ छह मरीज फैल्सीपेरम और प्लाजमोडियम वाईवैक्स से ग्रसित निकले। बाकी 10 मरीज अन्य बीमारियों से संबंधित पाए। उन्हें भी मच्छरदानी उपलब्ध कराई गई थी और मलेरिया मरीजों की तरह ध्यान रखा जा रहा था। जेडी हेल्थ ने इस पर नाराजगी व्यक्त की। अन्य मरीजों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट करने के आदेश दिए। इस दौरान उन्होंने प्लाजमोडियम वाईवैक्स से ग्रसित बनेई गांव निवासी अब्दुल अफ्तार और उनकी बेटी मुसर्रत, फैल्सीपेरम से ग्रसित सराय पिपरिया निवासी सतीश से दवाई खाने के बारे में पूछा। सभी मरीज ने दवा खाने का क्रम उल्टा बताया। यह देखकर जेडी हेल्थ भी चौंक गए। उन्होंने वार्ड में मौजूद स्टाफ नर्स को फटकार लगाई। कहा कि सरकार की गाइड लाइन के अनुसार ही मलेरिया की दवा खिलाई जाए। तभी मलेरिया जड़ से खत्म होगी।
मेडिसिन वार्ड के सामने जलभराव, नालियां मिली लबालब
जिला अस्पताल में एक तरफ मरीजों को ठीक किया जा रहा है तो वहीं मलेरिया फैलने के कारण उत्पन्न किए जा रहे हैं। मेडिसिन वार्ड के सामने जेडी हेल्थ को जलभराव मिला। अस्पताल की नालियों में कीचड़ भरा हुआ था। सबसे खास बात यह कि पानी ठहरा हुआ था। उसमें मच्छर पनप रहे थे। उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि नालियों को तलीझाड़ साफ किया जाए। एंटी लार्वा का छिड़काव किया जाए। इस दौरान उन्होंने टीबी वार्ड का भी निरीक्षण किया।
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दवाईयों के रिकॉर्ड में मिली हेरफेर
जेडी हेल्थ डॉ. एसपी अग्रवाल ने गुरुवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घटपुरी का भी निरीक्षण किया। स्वास्थ्य केंद्र में दवाईयों के रिकॉर्ड चेक करने के दौरान कई अनियमिताएं मिलीं। दवाओं के रिकॉर्ड और दवाओं में समानता नहीं मिली। रिकॉर्ड के अनुसार दवाएं काफी कम मिलीं। इस पर उन्होंने पिछला रिकॉर्ड भी मांगा है। कहा है कि इस मामले में जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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जेडी हेल्थ डॉ. एसपी अग्रवाल गुुुरुवार दोपहर जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने संचारी रोग नियंत्रण और जिले में फैले बुखार के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने सीएमएस और डॉक्टरों के साथ मीटिंग कर अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके इलाज के बारे में पूछा। बुधवार को जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में ब्लड की जांच के दौरान फैल्सीपेरम के 11 और प्लाजमोडियम वाइवैक्स के 13 मरीज निकले थे। उन्होंने अस्पताल में दवाइयों का रिकॉर्ड चेक किया। साथ ही मलेरिया की दवाइयां पूर्ण रखने के आदेश दिए। उसके बाद उन्होंने अस्पताल का मलेरिया वार्ड का निरीक्षण किया। पहले तो 20 बेड के मलेरिया वार्ड में 16 मरीज भर्ती थे। उनके साथ करीब 25 तीमारदार होंगे। इससे वार्ड खचाखच भर गया था। इन मरीजों में सिर्फ छह मरीज फैल्सीपेरम और प्लाजमोडियम वाईवैक्स से ग्रसित निकले। बाकी 10 मरीज अन्य बीमारियों से संबंधित पाए। उन्हें भी मच्छरदानी उपलब्ध कराई गई थी और मलेरिया मरीजों की तरह ध्यान रखा जा रहा था। जेडी हेल्थ ने इस पर नाराजगी व्यक्त की। अन्य मरीजों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट करने के आदेश दिए। इस दौरान उन्होंने प्लाजमोडियम वाईवैक्स से ग्रसित बनेई गांव निवासी अब्दुल अफ्तार और उनकी बेटी मुसर्रत, फैल्सीपेरम से ग्रसित सराय पिपरिया निवासी सतीश से दवाई खाने के बारे में पूछा। सभी मरीज ने दवा खाने का क्रम उल्टा बताया। यह देखकर जेडी हेल्थ भी चौंक गए। उन्होंने वार्ड में मौजूद स्टाफ नर्स को फटकार लगाई। कहा कि सरकार की गाइड लाइन के अनुसार ही मलेरिया की दवा खिलाई जाए। तभी मलेरिया जड़ से खत्म होगी।
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मेडिसिन वार्ड के सामने जलभराव, नालियां मिली लबालब
जिला अस्पताल में एक तरफ मरीजों को ठीक किया जा रहा है तो वहीं मलेरिया फैलने के कारण उत्पन्न किए जा रहे हैं। मेडिसिन वार्ड के सामने जेडी हेल्थ को जलभराव मिला। अस्पताल की नालियों में कीचड़ भरा हुआ था। सबसे खास बात यह कि पानी ठहरा हुआ था। उसमें मच्छर पनप रहे थे। उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि नालियों को तलीझाड़ साफ किया जाए। एंटी लार्वा का छिड़काव किया जाए। इस दौरान उन्होंने टीबी वार्ड का भी निरीक्षण किया।
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दवाईयों के रिकॉर्ड में मिली हेरफेर
जेडी हेल्थ डॉ. एसपी अग्रवाल ने गुरुवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घटपुरी का भी निरीक्षण किया। स्वास्थ्य केंद्र में दवाईयों के रिकॉर्ड चेक करने के दौरान कई अनियमिताएं मिलीं। दवाओं के रिकॉर्ड और दवाओं में समानता नहीं मिली। रिकॉर्ड के अनुसार दवाएं काफी कम मिलीं। इस पर उन्होंने पिछला रिकॉर्ड भी मांगा है। कहा है कि इस मामले में जांच कर कार्रवाई की जाएगी।