बजट में हाथ खिंचाई, काम कैसेे चूमे ऊंचाई!
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यहां बता दें कि पिछले साल निर्माण कार्य को 102 करोड़ का बजट मिला था, लेकिन इस बार पिछले बजट से आधे से भी कम राशि मिलने से काम में बाधा आना स्वाभाविक है। बिल्डिंग का निर्माण जल्दी हो, इसलिए मशीनों की संख्या बढ़ाई जा चुकी है, लेकिन बजट इसके काम की गति में अवरोध बन गया है। 545 करोड़ की लागत से बन रहे मेडिकल कॉलेज की मेन बिल्डिंग का काम जोरों पर है। स्टाफ के आवास भी बन रहे हैं। ओपीडी तैयार है, फिनिशिंग होना बाकी है। 165 मीटर लंबे और 125 मीटर चौड़े बेसमेंट पर वार्ड और साथ में ओपीडी का काम तेजी से हो रहा है। बाकी निर्माण चलता रहेगा, अगले महीने में ओपीडी शुरू कराने पर जोर है।
पिछले दिनों सांसद ने इसकी प्रगति की जानकारी ली। ओपीडी शुरू कराने की बात आई तो उन्होंने कहा कि ओपीडी के साथ जब तक इमरजेंसी सुविधाएं शुरू नहीं हो जातीं, तब तक ओपीडी का जनता को उतना लाभ नहीं मिल सकेगा। इस समीक्षा में नोडल अधिकारी आगरा मेडिकल कॉलेज के डॉ. नीरज यादव, निर्माणदायी संस्था के इंजीनियर, आर्कि टेक्ट मौजूद रहे। बिल्डिंग का निर्माण चार मंजिल तक होगा। 297 करोड़ की पहली किस्त से निर्माण कार्य शुरू हुआ था। पिछले वर्ष 102 करोड़ का बजट मिला। इस बार केवल 37 करोड़ का बजट पास किया गया है।
सांसद से भरोसा मिला है कि बजट में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। इस वर्ष इतना काम पूरा कर लिया जाएगा कि एमसीआई की टीम की स्वीकृति के लिए विजिट करा दिया जाए। निर्माणदायी संस्था ने भी गति बढ़ाई है। लक्ष्यों को पूरा करने में मशक्कत जारी है।
- डॉ. नीरज यादव, मेडिकल कॉलेज आगरा/नोडल अधिकारी, बदायूं मेडिकल कॉलेज