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जिले के पांच हॉल्ट पर अंधेरा
दबतोरी/बदायूं
Updated Thu, 25 Jun 2015 07:57 PM IST
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बरेली-चंदौसी के बीच बड़ी रेलवे लाइन पर बदायूं जिले में पड़ने वाले पांच हाल्ट और स्टेशनों पर रात में अंधेरा रहता है। इसमें रेलवे के अधिकारियों की लापरवाही ही सामने आई है। हर स्टेशन और हाल्ट पर दो-दो जेनरेटर आए थे। एक निजी काम को तो दूसरा जनसुविधा के लिए है। जनसुविधा के लिए आए जेनरेटर खराब बताकर वापस कर दिए गए, लेकिन एक साल से अधिक हो जाने के बाद भी काई जेनरेटर वापस नहीं हुआ है। रात की रेल सेवाओं के यात्री अंधेरे में परेशान होते हैं। दुर्घटनाओं का डर उन्हें सताने लगता है।
यात्रियों की इस असुविधा का ध्यान रेलवे अधिकारियों को नहीं हैं। इस संबंध में क्षेत्र के यात्रियों में आक्रोश है। जनप्रतिनिधियों ने भी इसे मुद्दा बनाए जाने का मन बना लिया। रेलवे लाइन पर हॉल्ट सिसरका, रेवती, बहोड़ा खेड़ा और स्टेशन आसफपुर, दबतोरी और करेंगी पर रोशनी की कोई व्यवस्था ने होने के कारण यात्रियों को रात्रिकालीन रेल सेवा दुस्कर हो गई है। इनके स्टॉपेज पर रेलवे कर्मचारियों को कंप्यूटर चलाने को तो जेनरेटर हैं। यात्री सुविधा वाले जेनरेटर के बारे में बताया गया कि कुछ समय चलने के बाद खराब होने के कारण वापस कर दिए गए जो अभी तक ठीक होकर नहीं आए।
जनता और जनप्रतिनिधि दोनों हैं नाराज
संग्रामपुर के प्रधान मोहम्मद जमीर अहमद, मुसिया नगला के पूर्व प्रधान आनंद शर्मा और बीडीसी सदस्य जहीर अहमद दबतोरा का कहना है कि स्टेशनों पर अंधेरा रहने के संबंध में कई बार रेलवे अधिकारियों को बताया जा चुका हे। जनता की परेशानी से अधिकारी वाकिफ हें। फिर भी कोई प्रयास न होना गलत है। हम विरोध करेंगे। इसके अलावा परसिया के सुधीर चौहान, जिला पंचायत सदस्य गिरीशपाल सिंह, सपा नेता मनोज कुमार सिंह कठेरिया ने भी इस मामले को लेकर आक्रोश जताया है।
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स्टेशन मास्टर दबतोरी रामेश्वर यादव ने बताया कि स्टेशन पर वास्तव में अंधेरे से परेशानी होती है। यात्री भी परेशान होते हैं। जेनरेटर ठीक होने गए हैं। आने के बाद प्रकाश की व्यवस्था की जाएगी।
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यात्रियों की इस असुविधा का ध्यान रेलवे अधिकारियों को नहीं हैं। इस संबंध में क्षेत्र के यात्रियों में आक्रोश है। जनप्रतिनिधियों ने भी इसे मुद्दा बनाए जाने का मन बना लिया। रेलवे लाइन पर हॉल्ट सिसरका, रेवती, बहोड़ा खेड़ा और स्टेशन आसफपुर, दबतोरी और करेंगी पर रोशनी की कोई व्यवस्था ने होने के कारण यात्रियों को रात्रिकालीन रेल सेवा दुस्कर हो गई है। इनके स्टॉपेज पर रेलवे कर्मचारियों को कंप्यूटर चलाने को तो जेनरेटर हैं। यात्री सुविधा वाले जेनरेटर के बारे में बताया गया कि कुछ समय चलने के बाद खराब होने के कारण वापस कर दिए गए जो अभी तक ठीक होकर नहीं आए।
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जनता और जनप्रतिनिधि दोनों हैं नाराज
संग्रामपुर के प्रधान मोहम्मद जमीर अहमद, मुसिया नगला के पूर्व प्रधान आनंद शर्मा और बीडीसी सदस्य जहीर अहमद दबतोरा का कहना है कि स्टेशनों पर अंधेरा रहने के संबंध में कई बार रेलवे अधिकारियों को बताया जा चुका हे। जनता की परेशानी से अधिकारी वाकिफ हें। फिर भी कोई प्रयास न होना गलत है। हम विरोध करेंगे। इसके अलावा परसिया के सुधीर चौहान, जिला पंचायत सदस्य गिरीशपाल सिंह, सपा नेता मनोज कुमार सिंह कठेरिया ने भी इस मामले को लेकर आक्रोश जताया है।
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स्टेशन मास्टर दबतोरी रामेश्वर यादव ने बताया कि स्टेशन पर वास्तव में अंधेरे से परेशानी होती है। यात्री भी परेशान होते हैं। जेनरेटर ठीक होने गए हैं। आने के बाद प्रकाश की व्यवस्था की जाएगी।