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Budaun News: बाढ़ पीड़ितों के लिए लगवाए दो भगवा टेंट

Sun, 06 Sep 2026 01:16 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 06 Sep 2026 01:16 AM IST
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Had two saffron tents set up for flood victims.
फोटो- बाढ़ प्रभावित रैपुरा गांव में ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच करती स्वास्थ्य टीम। संवाद
उसहैत। जिला प्रशासन ने बाढ़ से प्रभावित गांव कदमनगला के पीड़ितों को राहत देने के लिए भगवा रंग के दो शिविर लगवाए हैं। टेंट के रंग को लेकर कुछ ग्रामीणों ने कहा कि मुसीबत में ग्रामीण हैं, लेकिन अधिकारी भगवा रंग का टेंट लगवाने पर ध्यान दे रहे हैं। दो दिन से टेंट में खाने-पीने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। टेंट में सिर्फ रात काटने के लिए चारपाई और गद्दे ही उपलब्ध हैं।
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उसहैत क्षेत्र में गंगा नदी से गांवों में तबाही जारी है। सबसे ज्यादा नुकसान कदमनगला के ग्रामीणों का हुआ है। ग्राम कदमनगला में अब तक सिर्फ एक बाढ़ राहत शिविर लगाया गया था जो, गांव से करीब छह किमी की दूरी पर था। यहां तक गांव से पहुंचने का मार्ग भी बेहद दुर्गम है। इस वजह से ग्रामीण शिविर तक नहीं जा सके और सड़क किनारे अस्थायी टेंट लगाकर रहने लगे।
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कुछ दिन पहले डीएम कदमनगला गांव में पीड़ितों से मिलने पहुंचे। ग्रामीणों की शिकायत के बाद शुक्रवार से गांव के पास सूखे स्थान पर दो टेंट लगाए गए। उसमें चारपाई और गद्दे डलवाए गए हैं, जहां ग्रामीण रह रहे हैं, लेकिन यह टेंट प्रशासन ने भगवा रंग का लगवाया है। ग्रामीणों का कहना है कि मुसीबत में भी टेंट लगाने के लिए अधिकारियों को रंग देखना पड़ रहा है।
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कदमनगला के छविराम ने बताया कि टेंट में रात में रहने की व्यवस्था हैं, लेकिन खाने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है, सोने के लिए तो हमने पहले से ही सड़क किनारे व्यवस्था कर रखी थी।
राजस्व विभाग के लेखपाल अमित ने बताया कि अभी शिविर लगे दो दिन हुए हैं, ग्रामीणों के खाने की व्यवस्था के साथ मवेशियों के चारे का भी इंतजाम हो रहा है। इधर, एसडीएम विनोद कुमार ने बताया कि ये अस्थायी टेंट ग्रामीणों की सुविधा के लिए लगवाए गए हैं। राजस्व टीम यहां खान-पान की भी व्यवस्था कराई जा रही है।


ग्रामीणों के खाने और पशुओं के चारे की कोई व्यवस्था नहीं
कदमनगला के ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने टेंट लगवा दिए, लेकिन खाने की कोई व्यवस्था नहीं की है। ग्रामीणों का कहना है कि पशुओं के चारे का इंतजाम खुद ही करना पड़ रहा है। बाढ़ में सभी खेतों में पानी भरा है। फसलें बर्बाद हो गईं। पशुओं के चारे की सबसे बड़ी समस्या बनी है।




बाढ़ से प्रभावित रैपुरा गांव में पहुंची स्वास्थ्य टीम
बाढ़ से प्रभावित रैपुरा गांव में शनिवार को स्वास्थ्य शिविर लगाया गया, जिसमें ग्रामीणों की जांच कर दवाएं वितरित की गईं। कई ग्रामीणों की जरूरी जांचें की गईं। शनिवार को गांव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उसावां की ओर से स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीणों की जांच की गई। खुद को बीमारियों से सुरक्षित रखने के उपाय भी बताए गए। इसके अलावा जरूरी जांचें भी की गईं।

फोटो- बाढ़ प्रभावित रैपुरा गांव में ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच करती स्वास्थ्य टीम। संवाद

फोटो- बाढ़ प्रभावित रैपुरा गांव में ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच करती स्वास्थ्य टीम। संवाद

फोटो- बाढ़ प्रभावित रैपुरा गांव में ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच करती स्वास्थ्य टीम। संवाद

फोटो- बाढ़ प्रभावित रैपुरा गांव में ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच करती स्वास्थ्य टीम। संवाद

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