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छह सरकारी अस्पतालों में खुलेंगे जन औषधि केंद्र
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बदायूं
Updated Mon, 29 Jan 2018 06:32 PM IST
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शासन ने मरीजों को सस्ती जेनरिक दवाएं उपलब्ध कराने के लिहाज से जिले के सरकारी अस्पतालों में जन औषधि केंद्र खोलने का निर्णय लिया है। जिला व महिला अस्पताल के अलावा चार सीएचसी में भी यह केंद्र खोले जाएंगे। मरीजों की इच्छा पर डॉक्टर संबंधित दवा का साॅल्ट लिखकर देंगे ताकि मरीज सस्ते में दवा खरीद सकें। प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने इस सत्र में प्रदेश में एक हजार जन औषधि केंद्र खोलने का निर्देश दिया है। इनमें बदायूं जिले में स्वास्थ्य विभाग के अधीन छह केंद्र खोले जाने हैं। प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य ने इसके लिए सीएमओ को निर्देशित किया है। उन्होंने पहले चरण में जिला अस्पताल के साथ ही जिला महिला अस्पताल में केंद्र खोलने को कहा है। जिले की चार सीएचसी के नाम मांगे गए हैं जहां इन केंद्रों को खोला जा सके। इन सभी अस्पतालों के अधीक्षकों से अस्पताल परिसर में दवा स्टोर और वितरण के लिए कक्ष आदि संसाधनों की स्थिति का ब्यौरा तलब किया गया है। इस पर सीएमओ ने सभी संबंधित अस्पतालों से रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने जिला और महिला अस्पतालों के साथ ही पहले चरण में सीएचसी उझानी, दातागंज, बिल्सी और बिसौली को चुना है। दोनों अस्पतालों के सीएमएस और इन चारों सीएचसी के चिकित्सा प्रभारी से कक्ष आदि की उपलब्धता के बारे में पूछा गया है।
निजी एजेंसी चलाएंगी केंद्र
शासन स्तर से ही किसी निजी एजेंसी को जन औषधि केंद्र का काम सौंपा जाएगा। एजेंसी को अस्पताल परिसर में जगह मुहैया कराई जाएगी। यहां एजेंसी की ओर से कंपाउंडर और फार्मासिस्ट रखे जाएंगे। हर दवा की बिलिंग होगी और मुनाफे का एक हिस्सा सरकारी कोष में भी जमा करना पड़ेगा। साॅल्ट के आधार पर कई दवा कंपनियों के ब्रांड ग्राहकों के लिए उपलब्ध कराए जा सकेंगे। इनमें वह जरूरत के मुताबिक महंगी या सस्ती दवा खरीद सकेंगे।
अभी तक सरकारी चिकित्सकों को अस्पताल में उपलब्ध दवाएं लिखने की ही अनुमति है। इस व्यवस्था से वह मरीज की इच्छा के मुताबिक जेनरिक दवाओं के साल्ट लिख सकेंगे। मरीजों को भी इस दवा के लिए निजी मेडिकल स्टोर्स की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। उन्हें एक ही परिसर में यह दवा कम कीमत पर उपलब्ध हो जाएगी। शासन को रिपोर्ट भेजी जा रही है। जल्दी ही जन सुविधा केंद्र खुल जाएंगे। - डॉ. नेमीचंद्रा, सीएमओ
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निजी एजेंसी चलाएंगी केंद्र
शासन स्तर से ही किसी निजी एजेंसी को जन औषधि केंद्र का काम सौंपा जाएगा। एजेंसी को अस्पताल परिसर में जगह मुहैया कराई जाएगी। यहां एजेंसी की ओर से कंपाउंडर और फार्मासिस्ट रखे जाएंगे। हर दवा की बिलिंग होगी और मुनाफे का एक हिस्सा सरकारी कोष में भी जमा करना पड़ेगा। साॅल्ट के आधार पर कई दवा कंपनियों के ब्रांड ग्राहकों के लिए उपलब्ध कराए जा सकेंगे। इनमें वह जरूरत के मुताबिक महंगी या सस्ती दवा खरीद सकेंगे।
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अभी तक सरकारी चिकित्सकों को अस्पताल में उपलब्ध दवाएं लिखने की ही अनुमति है। इस व्यवस्था से वह मरीज की इच्छा के मुताबिक जेनरिक दवाओं के साल्ट लिख सकेंगे। मरीजों को भी इस दवा के लिए निजी मेडिकल स्टोर्स की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। उन्हें एक ही परिसर में यह दवा कम कीमत पर उपलब्ध हो जाएगी। शासन को रिपोर्ट भेजी जा रही है। जल्दी ही जन सुविधा केंद्र खुल जाएंगे। - डॉ. नेमीचंद्रा, सीएमओ
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