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गंगा का जलस्तर हुआ कम, कटान तेज
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उसहैत। क्षेत्र के गांव असमया रफतपुर में एक सप्ताह से गंगा नदी कटान कर रही है। अब तक नौ घर गंगा में समा चुके हैं, साथ ही गांव में अभी कटान जारी है। इसको लेकर ग्रामीणों में दहशत है। हालांकि गांव में प्रशासन लगातार निगाहें बनाए हुए हैं और स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है। धार्मिक आस्थाओं के चलते शुक्रवार को ग्रामीणों ने गांव में हवन-पूजन का आयोजन भी किया और गंगा मैया से कटान रोकने के लिए प्रार्थना की।
जनपद में दो हफ्तों से गंगा के जलस्तर में डेढ़ मीटर तक बढ़ोतरी हुई थी, इससे उसहैत क्षेत्र में कई बीघा फसल जलमग्न हो गई, वहीं असमया रफतपुर गांव में गंगा ने कटान करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते पांच दिन के भीतर नौ घर गंगा में समा गए। हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन ग्रामीणों का काफी नुकसान हो गया। गांव में कटान के बारे में जानकारी होते हुए प्रशासनिक अधिकारी से लेकर कर्मचारियों ने गांव में पहुंचकर स्थिति का जायजा लेना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर रखने के लिए गांव के प्राथमिक विद्यालय में व्यवस्था करा दी गई है, साथ ही प्रशासन की तरफ से गांव में बाढ़ चौकी बना दी गई है ताकि अधिकारियों को गांव की यथास्थिति का पता रहे।
हालांकि शुक्रवार को गंगा नदी के जलस्तर में कमी देखने को मिली है, लेकिन जलस्तर कम होने के साथ-साथ गांव में कटान भी शुरू हो गया है। इससे ग्रामीण दहशत में हैं। गंगा द्वारा किए जा रहे कटान को रोकने के लिए ग्रामीणों ने शुक्रवार को यज्ञ का आयोजन किया, साथ ही गंगा मैया से गांव की सुरक्षा की फरियाद की। गांववालों को विश्वास है कि उनकी गंगा मैया जरूर सुनेंगी और गांव में कटान रुक जाएगा।
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जनपद में दो हफ्तों से गंगा के जलस्तर में डेढ़ मीटर तक बढ़ोतरी हुई थी, इससे उसहैत क्षेत्र में कई बीघा फसल जलमग्न हो गई, वहीं असमया रफतपुर गांव में गंगा ने कटान करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते पांच दिन के भीतर नौ घर गंगा में समा गए। हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन ग्रामीणों का काफी नुकसान हो गया। गांव में कटान के बारे में जानकारी होते हुए प्रशासनिक अधिकारी से लेकर कर्मचारियों ने गांव में पहुंचकर स्थिति का जायजा लेना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर रखने के लिए गांव के प्राथमिक विद्यालय में व्यवस्था करा दी गई है, साथ ही प्रशासन की तरफ से गांव में बाढ़ चौकी बना दी गई है ताकि अधिकारियों को गांव की यथास्थिति का पता रहे।
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हालांकि शुक्रवार को गंगा नदी के जलस्तर में कमी देखने को मिली है, लेकिन जलस्तर कम होने के साथ-साथ गांव में कटान भी शुरू हो गया है। इससे ग्रामीण दहशत में हैं। गंगा द्वारा किए जा रहे कटान को रोकने के लिए ग्रामीणों ने शुक्रवार को यज्ञ का आयोजन किया, साथ ही गंगा मैया से गांव की सुरक्षा की फरियाद की। गांववालों को विश्वास है कि उनकी गंगा मैया जरूर सुनेंगी और गांव में कटान रुक जाएगा।
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