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गंगा एक्सप्रेस-वे : जिले में अब भी दस फीसदी भूमि को लेकर विवाद
सार
गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए किसानों से खरीदी गई भूमि अब भी शत-प्रतिशत विवाद मुक्त नहीं हो सकी है।पिछले दिनों एसडीएम बिसौली ज्योति शर्मा इन गांवों में पैमाइश करा चुकी हैं।अब तक समतलीकरण का काम कितने फीसदी पूरा हो चुका है यह कार्यदायी संस्था के अधिकारियों से बात करने के बाद ही बताया जा सकता है।
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बिनावर में गंगा एक्सप्रेस-वे निर्माण को बनाई गई साइट। संवाद
- फोटो : BADAUN
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विस्तार
बदायूं। गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए किसानों से खरीदी गई भूमि अब भी शत-प्रतिशत विवाद मुक्त नहीं हो सकी है। करीब दस फीसदी जमीन ऐसी है जिसको लेकर कोई न कोई विवाद है। सबसे ज्यादा मामले बिसौली और दातागंज तहसील के गांवों में है। भूमि विवाद संबंधी कई मामले कोर्ट में हैं। हालांकि इनका जल्द निस्तारण होने की उम्मीद जताई जा रही है।
बिसौली में गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए 511.22 और दातागंज में 264.7348 हेक्टेयर भूमि खरीदी गई है। तहसील सदर में 259.739 और बिल्सी में 23.424 हेक्टेयर भूमि के बैनामा कराए गए हैं। बिल्सी को छोड़ लगभग सभी तहसीलों में भूमि को लेकर विवाद सामने आ रहे हैं। बिसौली के कुछ गांवों में नक्शा गलत होने का मामला है तो दातागंज के कई गांव ऐसे हैं जहां किसानों का कहना है कि बिना बैनामा ही उनकी जमीन पर काम शुरू करा दिया गया। बिसौली, दातागंज और सदर में कई मामले ऐसे भी हैं जहां किसान बैनामा कराई गई ज्यादा भूमि पर काम कराने की शिकायत कर रहे हैं। कुल भूमि में करीब दस फीसदी भूमि ऐसी है जहां विवादों का निपटारा होना है।
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बिसौली के गांवों में नक्शों को लेकर भी विवाद
बिसौली तहसील के गांवों में भूमि के राजस्व नक्शों को लेकर भी विवाद है। पिछले दिनों एसडीएम बिसौली ज्योति शर्मा इन गांवों में पैमाइश करा चुकी हैं। कुछ मामले डीएम कोर्ट में है। यहां नक्शे अब तक दुरुस्त नहीं हो सके हैं। ऐसे में कुछ जमीन पर समतलीकरण का काम फिलहाल रोक दिया गया है। एसडीएम बिसौली ज्योति शर्मा का कहना है कि कुछ मामले हैं उनका निस्तारण किया जा रहा है। एसडीएम दातागंज रामशिरोमणि का कहना है कि किसानों की शिकायतों और भूमि संबंधी विवादों का निस्तारण तेजी से किया जा रहा है।
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गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि समतलीकरण का काम प्रगति पर है। अब तक समतलीकरण का काम कितने फीसदी पूरा हो चुका है यह कार्यदायी संस्था के अधिकारियों से बात करने के बाद ही बताया जा सकता है। भूमि संबंधी कोई बड़ा विवाद नहीं है। जो विवाद हैं उनका भी निस्तारण किया जा रहा है। कुछ मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं।
- संतोष कुमार वैश्य, एडीएम वित्त एवं राजस्व
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बिसौली में गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए 511.22 और दातागंज में 264.7348 हेक्टेयर भूमि खरीदी गई है। तहसील सदर में 259.739 और बिल्सी में 23.424 हेक्टेयर भूमि के बैनामा कराए गए हैं। बिल्सी को छोड़ लगभग सभी तहसीलों में भूमि को लेकर विवाद सामने आ रहे हैं। बिसौली के कुछ गांवों में नक्शा गलत होने का मामला है तो दातागंज के कई गांव ऐसे हैं जहां किसानों का कहना है कि बिना बैनामा ही उनकी जमीन पर काम शुरू करा दिया गया। बिसौली, दातागंज और सदर में कई मामले ऐसे भी हैं जहां किसान बैनामा कराई गई ज्यादा भूमि पर काम कराने की शिकायत कर रहे हैं। कुल भूमि में करीब दस फीसदी भूमि ऐसी है जहां विवादों का निपटारा होना है।
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बिसौली के गांवों में नक्शों को लेकर भी विवाद
बिसौली तहसील के गांवों में भूमि के राजस्व नक्शों को लेकर भी विवाद है। पिछले दिनों एसडीएम बिसौली ज्योति शर्मा इन गांवों में पैमाइश करा चुकी हैं। कुछ मामले डीएम कोर्ट में है। यहां नक्शे अब तक दुरुस्त नहीं हो सके हैं। ऐसे में कुछ जमीन पर समतलीकरण का काम फिलहाल रोक दिया गया है। एसडीएम बिसौली ज्योति शर्मा का कहना है कि कुछ मामले हैं उनका निस्तारण किया जा रहा है। एसडीएम दातागंज रामशिरोमणि का कहना है कि किसानों की शिकायतों और भूमि संबंधी विवादों का निस्तारण तेजी से किया जा रहा है।
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गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि समतलीकरण का काम प्रगति पर है। अब तक समतलीकरण का काम कितने फीसदी पूरा हो चुका है यह कार्यदायी संस्था के अधिकारियों से बात करने के बाद ही बताया जा सकता है। भूमि संबंधी कोई बड़ा विवाद नहीं है। जो विवाद हैं उनका भी निस्तारण किया जा रहा है। कुछ मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं।
- संतोष कुमार वैश्य, एडीएम वित्त एवं राजस्व