{"_id":"6695b12541b6db0dcd031727","slug":"future-doctors-will-emerge-from-the-body-of-hope-badaun-news-c-123-1-sbly1002-122367-2024-07-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: आशा की देह से निखरेंगे भविष्य के चिकित्सक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: आशा की देह से निखरेंगे भविष्य के चिकित्सक
Tue, 16 Jul 2024 05:00 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Tue, 16 Jul 2024 05:00 AM IST
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज में प्राचार्य डॉ एन सी प्रजापति को देहदान का पत्र सोंपते मनोज सेंगर व माधवी सेंगर।
बदायूं। कानपुर निवासी आशा (63) की देह अब राजकीय मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों की पढ़ाई में मददगार होगी। उनकी देह को कानपुर निवासी युग दधीचि संगठन के संस्थापक मनोज सेंगर व उनकी पत्नी माधवी सेंगर ने सोमवार शाम करीब छह बजे मेडिकल कॉलेज को सौंपा।
कानपुर से शाम छह बजे बदायूं पहुंचे सेंगर दंपती ने बताया कि आशा ने वर्ष 2012 में देहदान का संकल्प लिया था। सोमवार सुबह को उनका निधन होने के बाद पुत्र देवांशु भदौरिया ने सूचना देकर देहदान कराने का आग्रह किया था।
मेडिकल कॉलेज में एनाटॉमी के हेड डाॅ. एम हुसैन ने बताया कि कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एनसी प्रजापति ने प्रक्रिया को अपनी देखरेख में पूरा कराया। इससे चिकित्सा को समृद्ध करने के लिए शोध में मदद मिलेगी। सीएमएस डाॅ. अरुण कुमार ने इसके लिए सेंगर दंपती के प्रयासों की प्रशंसा की। इस मौके पर आशा के पति देवेंद्र सिंह, पुत्र देवांशु सहित अन्य परिजन उपस्थित रहे।
विज्ञापन
एमबीबीएस कर रहे विद्यार्थियों को मानव शरीर की संरचना को समझाने के लिए मृत व्यक्ति की देह मददगार होती है। मेडिकल के 100 विद्यार्थियों पर दस मानव देह की जरूरत होती है। मानव देह मिलने से विद्यार्थियों को पढ़ाई में मदद मिलेगी। जो बातें विद्यार्थी किताबों से और आकृतियों से पढ़ते हैं उनके लिए देह देखकर पढ़ना और समझना आसान होगा। डॉ. एनसी प्रजापति, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
भदौरिया परिवार से यह तीसरा देहदान
मनोज सेंगर ने बताया कि भदौरिया परिवार से यह तीसरा देहदान है। इससे पूर्व 5 सितंबर 2023 को श्याम नगर कानपुर निवासी श्याम बाबू, 13 दिसंबर 2023 को किदवई नगर कानपुर निवासी प्रेमलता की देहदान कराई जा चुकी है। आज तीसरी देह के रूप में आर्य नगर कानपुर निवासी आशा की देह कॉलेज को समर्पित की गई है। युग दधीचि संगठन के देहदान अभियान द्वारा बदायूं मेडिकल कॉलेज को तीसरी और प्रदेश में 281वीं देहदान कराई गई है।
विज्ञापन
कानपुर से शाम छह बजे बदायूं पहुंचे सेंगर दंपती ने बताया कि आशा ने वर्ष 2012 में देहदान का संकल्प लिया था। सोमवार सुबह को उनका निधन होने के बाद पुत्र देवांशु भदौरिया ने सूचना देकर देहदान कराने का आग्रह किया था।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज में एनाटॉमी के हेड डाॅ. एम हुसैन ने बताया कि कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एनसी प्रजापति ने प्रक्रिया को अपनी देखरेख में पूरा कराया। इससे चिकित्सा को समृद्ध करने के लिए शोध में मदद मिलेगी। सीएमएस डाॅ. अरुण कुमार ने इसके लिए सेंगर दंपती के प्रयासों की प्रशंसा की। इस मौके पर आशा के पति देवेंद्र सिंह, पुत्र देवांशु सहित अन्य परिजन उपस्थित रहे।
विज्ञापन
एमबीबीएस कर रहे विद्यार्थियों को मानव शरीर की संरचना को समझाने के लिए मृत व्यक्ति की देह मददगार होती है। मेडिकल के 100 विद्यार्थियों पर दस मानव देह की जरूरत होती है। मानव देह मिलने से विद्यार्थियों को पढ़ाई में मदद मिलेगी। जो बातें विद्यार्थी किताबों से और आकृतियों से पढ़ते हैं उनके लिए देह देखकर पढ़ना और समझना आसान होगा। डॉ. एनसी प्रजापति, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
भदौरिया परिवार से यह तीसरा देहदान
मनोज सेंगर ने बताया कि भदौरिया परिवार से यह तीसरा देहदान है। इससे पूर्व 5 सितंबर 2023 को श्याम नगर कानपुर निवासी श्याम बाबू, 13 दिसंबर 2023 को किदवई नगर कानपुर निवासी प्रेमलता की देहदान कराई जा चुकी है। आज तीसरी देह के रूप में आर्य नगर कानपुर निवासी आशा की देह कॉलेज को समर्पित की गई है। युग दधीचि संगठन के देहदान अभियान द्वारा बदायूं मेडिकल कॉलेज को तीसरी और प्रदेश में 281वीं देहदान कराई गई है।

मेडिकल कॉलेज में प्राचार्य डॉ एन सी प्रजापति को देहदान का पत्र सोंपते मनोज सेंगर व माधवी सेंगर।