Budaun News: कार बुकिंग के नाम पर 10 लोगों से 50 लाख रुपये की ठगी, जालसाज मैनेजर गिरफ्तार
बदायूं में एक कार एजेंसी पर मैनेजर रहे लोकेश अरोरा ने कार बुकिंग करने के नाम पर 10 लोगों से ठगी की थी। ग्राहकों से अपने खाते मे रुपये जमा कराए थे। मामला खुलने पर दिसंबर 2023 में आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मंगलवार को आरोपी लोकेश को गिरफ्तार कर लिया गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बदायूं में सिविल लाइंस थाना पुलिस ने मंगलवार सुबह कार एजेंसी के धोखेबाज मैनेजर को गिरफ्तार कर लिया। वह कार बुकिंग के नाम पर करीब 10 लोगों से 50 लाख रुपये की ठगी कर चुका था। दिसंबर 2023 से पुलिस उसे तलाश कर रही थी। मंगलवार दोपहर के समय उसे जेल भेज दिया गया।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला सराय फकीर गोपी चौक निवासी लोकेश अरोरा जवाहरपुरी इलाके में स्थित एक कार एजेंसी पर मैनेजर था। 26 दिसंबर 2023 को इंटरनिटी मोटर्स के महाप्रबंधक दीपक गुप्ता को पता चला कि लोकेश अरोरा गड़बड़ी कर रहा है। उसने कई लोगों ने कार बुकिंग के नाम पर रुपये ले लिए हैं और उन्हें बकायदा कंप्यूटर से बनाई गई फर्जी रसीदें दे रहा है।
दिसंबर 2023 में दर्ज कराई गई थी रिपोर्ट
उन ग्राहकों के मोबाइल पर कार बुकिंग के मैसेज भी भेजे गए थे। जब इसके बारे में कंपनी के अधिकारियों को पता चला तो उन्होंने बदायूं आकर मामले की छानबीन की। यहां पता चला कि आरोपी मैनेजर कई दिन से आ ही नहीं रहा है। उसका मोबाइल भी बंद था। तब महाप्रबंधक दीपक गुप्ता ने सिविल लाइंस थाने जाकर 30 दिसंबर 2023 को लोकेश आरोरा के खिलाफ धोखाधड़ी और जाली दस्तावेज बनाने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई। उसके बाद पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई।
ये भी पढ़ें- Bareilly News: मौलाना तौकीर रजा को गिरफ्तार नहीं कर पाई पुलिस, अब एक अप्रैल को होगी सुनवाई
इस दौरान पता चला कि आरोपी ने करीब 10 लोगों से 50 लाख रुपये की ठगी थी। तब से पुलिस उसे तलाश कर रही थी। मंगलवार सुबह आरोपी शहर में पकड़ा गया। उसके पास से 30 हजार रुपये बरामद हुए हैं। इंस्पेक्टर गौरव बिश्नोई ने बताया कि आरोपी दो माह से लापता था। सुबह उसे गिरफ्तार कर लिया गया। दोपहर के समय लोकेश को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
ग्राहकों से अपने खाते में जमा कराता था रुपये
एजेंसी पर जो भी ग्राहक कार बुकिंग करने आते थे। आरोपी उनसे कार बुकिंग के नाम पर रुपये जमा कराता था लेकिन वह रुपये कंपनी के खाते में नहीं बल्कि अपने खाते में जमा करा लेता था। फिर उन्हें कंप्यूटर से बनाकर फर्जी रसीद दे देता था और उनके मोबाइल पर फर्जी मैसेज बनाकर भेजता था, जिससे ग्राहक समझते थे कि उनकी कार बुक हो गई लेकिन जब वह कार लेने पहुंचे तो उन्हें कार नहीं मिली। पता चला कि उनकी कार ही बुक नहीं हुई है। तब उन्होंने कंपनी के अधिकारियों से शिकायत की और यह मामला पकड़ा गया।