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खनन के चार पट्टों का प्रस्ताव लटका
badaun
Updated Sat, 20 Jun 2015 07:06 PM IST
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हाईकोर्ट की एक बैंच के आदेश का असर बदायूं के खनन कारोबार पर भी पड़ा है। यहां बता दें कि जिले से चार नए खनन पट्टों के प्रस्ताव बने थे। जिन्हें मंजूरी के लिए शासन को भेज दिया गया था, लेकिन यह प्रस्ताव पास होते और बदायूं में नए खनन पट्टे खुलते इससे पूर्व ही हाईकोर्ट की बैंच का फैसला आ गया। इससे खनन के लिए चारों प्रस्ताव अधर में लटक गए हैं।
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यहां बता दें इस समय कछला गंगा घाट पर एक ही खनन का पट्टा है, जो अक्तूबर 2013 में हुआ था और अक्तूबर 2016 तक रहना है। इसके अलावा कोई खनन पट्टा न होने के कारण प्रशासन ने सदर तहसील में कादरचौक और इंद्राई और दातागंज तहसील में गंगा किनारे नए दो खनन प्वाइंट निर्धारित कर नए पट्टों का प्रस्ताव शासन की स्वीकृति को भेज दिया। हालिया फैसले में हाईकोर्ट ने 31 मई 2015 के बाद किसी भी खनन पट्टे की स्वीकृतियों पर रोक लगा दी है। न्याय मूर्ति अरुण टंडन और सुनीत अग्रवाल की खंड पीठ ने फतेहपुर के ओमप्रकाश की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला दिया। खंड पीठ ने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से जुलाई में इसके लिए एक विशेष पीठ गठित करने को अनुरोध किया है। हाईकोर्ट के नए आदेश का पूरा असर पड़ा है। जिले में खनन से राजस्व की जो कवायद चल रही थी। वह निरर्थक हो गई है। यही नहीं इन स्थानों पर चोरी छिपे खनन का कार्य जारी है।
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कादरचौक क्षेत्र में नहीं रुक रहा अवैध खनन
कादरचौक से अवैध खनन सबसे अधिक हो रहा है। प्रशासन ने काफी घेराबंदी की लेकिन पुलिस की विशेष कृपा से अवैध खनन पर कोई रोक नहीं लग सकी। हालांकि गत दिवस खनन इंस्पेक्टर आरबी सिंह ने पांच ट्रैक्टर-ट्रालियां पकड़ी हैं।
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यह सच है कि जिले में चार नए प्वाइंटों को खनन प्वाइंट बनाने का प्रस्ताव तय किया गया था। इनका पट्टा देने को प्रस्ताव बनाकर भेजा जा चुका है। कोर्ट के आदेश के अनुसार अब इन प्रस्तावों पारित नहीं किया जा सकेगा।
-आरबी सिंह, खनन इंस्पेक्टर